खंडवा। जिले के गांव हरसवाड़ा में सोमवार को प्रदेश के पहले अशासकीय गो चिकित्सालय का भूमिपूजन हुआ। करीब 5 करोड़ 88 लाख रुपए से 14 एकड़ में यह परिसर तैयार होगा। इसका नाम आध्यात्म गो मंदिर दिया गया है। इसमें गो चिकित्सालय के साथ गो गोपाल मंदिर, गोशाला और संतों व साधकों के लिए कुटिया भी बनाई जाएगी। एक वर्ष में इसे तैयार करने का लक्ष्य है। आध्यात्म गोसेवा मिशन के पं. पंकज शास्त्री सहित जनप्रतिनिधियों व समाजसेवियों भूमिपूजन किया। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाई पंकज मोदी आने वाले थे लेकिन फ्लाइट निरस्त होने से वे नहीं आ सके।

पं. शास्त्री ने खंडवा में भी मिशन की शाखा बनाई है। इसके तहत आध्यात्म गो मंदिर का निर्माण किया जाएगा। सोमवार को इसका भूमिपूजन किया गया। यहां जनप्रतिनिधियों के साथ पं. शास्त्री ने गेती चलाई। मंत्रोच्चार के बीच पूजन कार्य हुआ। पं. शास्त्री ने आयोजन स्थल पर दावा किया कि पीएम मोदी के परिवार से मेरे अच्छे संबंध हैं। आध्यात्म गो मंदिर के उद्घाटन में पीएम मोदी को लाने का पूरा प्रयास करेंगे।

विधायक-महापौर हुए शामिल

भूमिपूजन आयोजन में विधायक देवेंद्र वर्मा, महापौर सुभाष कोठारी, भाजपा प्रवक्ता सुनील जैन, आशीष चटकेले, अशोक पालीवाल, प्रियंका मालवीय, अन्न्पूर्णा तंवर, नारायण बाहेती, अखिलेश गुप्ता, रक्षा माहेश्वरी, योगिता माहेश्वरी सहित अन्य भूमिपूजन में शामिल हुए।

100 किमी दूर से गायों को लाएगी एंबुलेंस

- आध्यात्म गो मंदिर में बीमार गायों को लाने के लिए चार एंबुलेंस रखी जाएंगी। ये एंबुलेंस 100 किलोमीटर दूर से गायों को लेकर आएंगी, उपचार के बाद वापस भी छोड़ेंगी।

- यहां गो गोपाल का मंदिर बनेगा। इसमें गायों के साथ ग्वाल रूप में भगवान श्रीकृष्ण विराजित होंगे। निराश्रित गायों को रखने के लिए गोशाला भी बनेगी।

- यहां संतों के ठहरने और भोजन की व्यवस्था निशुल्क रहेगी। वृद्धजनों के लिए साधक कुटिया बनेगी। जो यहां निशुल्क रूककर गोसेवा कर सकेंगे।

- यहां गायों के बैठने के लिए मेट बिछाई जाएगी। प्रतिदिन मेट बदलेगी। प्रारंभिक निर्माण एक माह में पूरा हो जाएगा। इसके बाद निर्माण पूरा होने में पांच साल लगेंगे।

गोमूत्र पर होगा रिसर्च, कैंसर के लिए बनाएंगे दवा

पं. पंकज शास्त्री ने कहा कि मौजूदा दौर में लोगों में बहुत से रोग देखे जाए रहे हैं, कैंसर, बीपी, शुगर और त्वचा रोग हो रहे हैं, गोमूत्र से यह ठीक हो सकेंगे। मिशन के अनुसार आध्यात्म गो मंदिर में कोई भी वस्तु बेची नहीं जाएगी। गोमूत्र पर यहां रिसर्च होगा। इससे बनी दवाएं निशुल्क उपलब्ध कराई जाएंगी। गो चिकित्सा से जुड़े प्रसिद्ध वैज्ञानिक डॉ. वीवी पांडे के नेतृत्व में यहां उपचार होगा। विदेशों से भी उपचार के लिए यहां संसाधन आएंगे।

Posted By: Sandeep Chourey