Bharat Jodo Yatra: खंडवा, इंदौर, महू। मध्य प्रदेश में भारत जोड़ो यात्रा की शुरुआत से कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के साथ कदम से कदम मिलाकर चल रहीं प्रियंका गांधी शनिवार को परिवार के साथ वापस लौट गईं। इस बीच राहुल गांधी की यात्रा को देखने के लिए मोरटक्का से बड़वाह तक बड़ी संख्या में लोग सड़क के किनारे मौजूद रहे। बलवाड़ा से आगे का हिस्सा घाट का होने से सुरक्षा कारणों के चलते उन्होंने यह दूरी पैदल तय नहीं की। शाम को वे संविधान निर्माता बाबा साहेब डा. भीमराव आंबेडकर की जन्मस्थली पहुंचे। इस दौरान कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमल नाथ सहित कांग्रेस के वरिष्ठ नेता उनके साथ उपस्थित रहे।

मल्लिकार्जुन खरगे ने यहां जनसभा को संबोधित भी किया। उन्होंने सभी को संविधान को बचाने की शपथ दिलाई और कहा कि- महू एक तीर्थ है जहा बाबा साहेब डा. आंबेडकर ने जन्म लिया। गरीब और अमीर को समानता के अधिकार दिए। सभी के मत का एक मूल्य है। मगर वर्तमान सरकार संविधान को तोड़ना और कमजोर करना चाहती है। हमें संविधान बचाने के लिए मिलकर लड़ना है। मैं धन्यवाद देता हूं राहुल गांधी को जो संविधान बचाने के लिए भारत जोड़ो यात्रा पर पैदल निकले हैं।

महू के आंबेड़कर संस्थान में राहुल गांधी के आने से पहले चली गई थी बिजली।

सुबह छह बजे मोरटक्का से राहुल गांधी ने भारत जोड़ो यात्रा के मध्य प्रदेश में चौथे दिन की शुरुआत की। सुबह अंधेरा ज्यादा था और ठंड भी चुभ रही थी। नतीजतन यात्रा में भीड़ कुछ कम थी। मगर जैसे ही दिन चढ़ता गया, यात्रा में भीड़ बढ़ने लगी। बड़वाह में यात्रा को देखने के लिए लोग सड़कों पर खड़े थे। राहुल ने भी कई जगह बीच में रुककर लोगों से चर्चा की। इसकी शुरुआत मोरटक्का में ममता निशाद से मिलकर की, जिन्होंने उन्हें एक नाविक की तस्वीर भेंट की। कुछ बच्चों से भी मिले और उन्हें यात्रा में शामिल किया। एक दिव्यांग यात्रा मार्ग के बीच में बैठ गया और राहुल गांधी से मिलने की जिद की। सुरक्षाकर्मियों के समझाने पर भी नहीं हटा। जब राहुल यात्रा के साथ वहां पहुंचे तो उससे मुलाकात की।

प्रियंका अपने परिवार के साथ लौटीं

भारत जोड़ो यात्रा में शामिल प्रियंका गांधी वाड्रा अपने परिवार के साथ शनिवार सुबह वापस लौट गईं। वे सुबह यात्रा के साथ बड़वाह तक आईं। इस दौरान उनके पति राबर्ट वाड्रा और बेटा रेहान भी था। इस दौरान सभी चाय पीने के लिए रुके। यहां से सुबह करीब साढ़े आठ बजे वे परिवार के साथ इंदौर लौट गईं। कांग्रेस नेताओं के अनुसार वे इंदौर होते हुए दिल्ली गई हैं।

समर्थकों के धक्के से नीचे गिरे दिग्विजय, जयराम बोले मप्र की सड़कें खराब

सुबह करीब आठ बजे बड़वाह के बाहर चाय पीने के लिए यात्रा को रोका गया। सुरक्षा घेरे में चल रहे राहुल के साथ अन्य नेता तय स्थल की ओर बढ़े तो वहां मौजूद समर्थक उनके साथ सेल्फी लेने के लिए इकट्ठा हो गए। सुरक्षाकर्मी भीड़ को हटाते हुए राहुल को आगे ले गए। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह पीछे ही थे और इस धक्का-मुक्की में वे नीचे गिर पड़े। हालांकि उन्हें ज्यादा चोट नहीं लगी। बाद में वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने इसके लिए भी मप्र की सड़कों को दोष दे दिया। उन्होंने पत्रकारों से कहा- दिग्विजय सिंह यात्रा के दौरान चौथी बार गिरे हैं, मध्य प्रदेश में पहली बार गिरे हैं। मध्य प्रदेश की सड़कें बहुत खराब हैं। मैं स्वयं आज कई बार गिरते-गिरते बचा। 17 साल के शासन में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने सड़कें भी नहीं बनाई।

यात्रा मार्ग पर जंगल में कार में सोता मिला व्यक्ति

बड़वाह से मनिहार के बीच जंगल के रास्ते में एक व्यक्ति कार के स्टेरिंग पर सर रखकर बैठा था। पूछताछ करने पर जब उसने कोई जवाब नहीं दिया तो लोगों को लगा कि यह बेहोश हो चुका है। इस दौरान राहुल गांधी की यात्रा भी वहां तक आ पहुंची थी, हालांकि राहुल गांधी कुछ दूरी पर थे।पुलिसकर्मियों के साथ में वहां उपस्थित लोगों ने कार का कांच तोड़ने का प्रयास किया। तभी आवाज सुनकर व्यक्ति की नींद खुली तो सभी ने राहत की सांस ली।

यात्रा के दौरान मोरटक्का में राहुल गांधी ममता निषाद से मिले, ममता ने उन्हें नाविक की तस्वीर भेंट की। यात्रा में प्रियंका गांधी वाड्रा, कमल नाथ समेत कई वरिष्ठ नेता शामिल हैं। यात्रा मार्ग पर दोनों ओर राहुल गांधी को देखने के लिए ग्रामीणों की भीड़ लगी हुई है। धूल न उड़े इसलिए मार्ग पर पानी का छिड़काव किया गया है। जैसे-जैसे यात्रा आगे बढ़ रही है और दिन चढ़ रहा है, इसमें और लोग शामिल होते जा रहे हैं।

बड़वाह के बाहरी क्षेत्र में राहुल गांधी के स्वागत के लिए कई स्कूली बच्चे कुछ इस अंदाज में मौजूद थे। दरअसल स्कूल में वार्षिक उत्सव की तैयारियां चल रही थी। भारत जोड़ो यात्रा को देखकर बच्चे और शिक्षक बाहर आ गए।

महिलाओं ने सिर पर कलश रखकर किया राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा का स्वागत।

Posted By: Prashant Pandey

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