खंडवा (नईदुनिया प्रतिनिधि)। लोकसभा उपचुनाव में निर्वाचन आयोग द्वारा इस बार चुनाव प्रचार में खर्च की सीमा सात लाख रुपये बढ़ा दी है। इसके बावजूद दोनों ही प्रमुख राजनीतिक दल हाथ खींच कर राशि खर्च कर रहे हैं। निवार्चन आयोग द्वारा चुनावी व्यय का पहला ब्योरा जमा करने के लिए 23 अक्टूबर की समय सीमा तय की थी। इसके चलते प्रत्याशी घोषित होने के बाद 20 अक्टूबर तक भाजपा प्रत्याशी ज्ञानेश्वर पाटील की ओर चुनावी प्रचार-प्रसार और प्रमुख नेताओं की आमसभा पर 21 लाख 53 हजार 149 रुपये का खर्च बताया गया है। ं कांग्रेस प्रत्याशी ठाकूर राजनारायण सिंह ने 14 लाख 16 हजार रुपये के व्यय का ब्योरा दिया है। इस प्रकार भाजपा पहले चरण में करीब सात लाख 37 हजार रुपये अधिक खर्च किए हैं। इसी प्रकार वंचित बहुजन अघाड़ी के प्रत्याशी सैयद रफीक ने 25 हजार रुपये, निर्दलीय जहीर वकील ने 33 हजार 900 रुपये और विजय बहादुर सालवे ने 28 हजार 662 रुपये खर्च का हिसाब दिया है। शेष प्रत्याशियों की ओर से हिसाब का इंतजार है।

विदित हो कि चुनाव की घोषणा के साथ ही आदर्श आचार संहिता लागू होते ही राजनीतिक दलों की गतिविधियों और खर्च पर प्रशासन नजरें गढ़ाए हुए हैं। चुनाव मैदान में किस्मत आजमाने वाले सभी प्रत्याशियों को अपने चुनाव व्यय का हिसाब देने के लिए मतदान और मतगणना तक का समय चरण वार दिया गया है। इसके बाद फाइनल खर्च का ब्योरा देने के लिए भी आचार संहिता के बाद एक अंतिम मौका मिलेंगा। इसके बाद व्यय जमा नहीं करने वालों पर निर्वाचन आयोग द्वारा नोटिस जारी कर कार्रवाई की जाएगी।

बैठक लेकर दे चुकें है जानकारी

अभ्यार्थियों द्वारा निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत करने के लिए व्यय लेखा संबंधित सभी निर्वाचन व्यय रजिस्टर प्रदाय किए गए हैं। उम्मीदवारों के प्रतिदिन के निर्वाचन व्यय लेखा का परीक्षण निर्धारित तिथियों में करना है। इस संबंध में व्यय लेखा रजिस्टर का प्रथम निरीक्षण 21 अक्टूबर को कलेक्टोरेट सभाकक्ष में व्यय प्रेक्षक प्रदीप कुमार द्वारा किया गया था। इस दौरान व्यय लेखा के नोडल अधिकारी आरएस गवली भी मौजूद थे। रिटर्निंग अधिकारी अनय द्विवेदी ने इस दौरान अनुपस्थित 11 अभ्यर्थियों को नोटिस जारी किया गया। व्यय प्रेक्षक के समक्ष 23 अक्टूबर तक अपने व्यय लेखा प्रस्तुत करने के लिए कहा गया था। इसी तरह का निरीक्षण 25 और 28 अक्टूबर को प्रातः 11 बजे से शाम 5 बजे तक कलेक्टोरेट सभाकक्ष में किया जाएगा। अभ्यार्थी व्यय प्रेक्षक के समक्ष व्यय लेखा रजिस्टर के साथ स्वयं अथवा निर्वाचन अभिकर्ता उपस्थित रहना होगा।

Posted By: Nai Dunia News Network

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