खंडवा नईदुनिया प्रतिनिधि, Chhath Puja Kharna 2020। उत्तर भारतीय परिवार द्वारा मनाएं जा रहे चार दिवसीय छठ पर्व के दूसरे दिन गुरुवार को खरना मनाया जा रहा है। इस दिन दिन छठ पूजा का विशेष प्रसाद बनाने की परंपरा है। सुबह से महिलाएं और छठ व्रती स्नान करके साफ वस्त्र धारण कर मांग में सिंदूर लगाकर दिनभर व्रत रखेगीं। शाम के समय साठी के चावल और गुड़ की खीर बनाकर प्रसाद तैयार की जाएंगी।व्रती द्वारा यह प्रसादी ग्रहण करने के बाद करीब 36 घण्टे निर्जला उपवास किया जाएगा। 21 नवंबर को स्थानीय गणगौर घाट पर उगते सूर्य को अर्घ्य देने के बाद अन्न-जल ग्रहण किया जाएगा। खरना पूजा के साथ ही घर में छठी माता का आगमन होता है। छठ पर्व की शुरुआत नहाए खाए के साथ मंगलवार से हो चुकी है। इस दिन घर में साफ-सफाई के बाद कद्दू की सब्जी, चना दाल और अरवा चावल की प्रसादी ग्रहण की गई।वही कार्तिक शुक्ल की पंचमी को खरना मनाया गया।

शुक्रवार को होगी सूर्य की उपासना

शुक्रवार से सूर्य की उपासना का दौर शुरू होगा। गणगौर घाट पर 20 नवंबर को शाम में पानी में खड़े रहकर डूबते सूर्य को अर्घ्य तथा 21 नवंबर को सुबह उगते हुए सूर्य को अर्घ्य देकर को पर्व मनाया जाएगा। छठ पर्व के लिए जरूरी पूजन सामग्री उत्तर भारत से बुलवाई गई है।

तन-मन की शुद्धता के लिए मनाते है खरना

छठ महापर्व के दूसरे दिन व्रती शुद्ध मन से सूर्य देव और छठ माता की पूजा करके गुड़ की खीर का भोग लगाती हैं। खरना के दिन प्रसाद नए चूल्हे पर बनाने की परंपरा है। लेकिन अब शहरों में चूल्हे की जगह गैस के चूल्हे पर ही प्रसादी मनाई जाती है। इस दिन व्रती महिलाएं सिर्फ एक ही समय भोजन करती हैं। मान्यता है कि इससे तन- मन शुद्ध हो जाता है।

Posted By: Prashant Pandey

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