ओंकारेश्वर (नईदुनिया न्यूज)। देश के बारह ज्योतिर्लिंग में शामिल ओंकारेश्वर-ममलेश्वर ज्योतिर्लिंग आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के साथ ही इसे धार्मिक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जा रहा है। इस पर शासन करोड़ों रुपयों खर्च कर विकास कार्य करवा रहा है। इसक उल्ट कुछ लोगों की मनमानी और पर्यटकों से अवैध वसूली से तीर्थनगरी की छवि प्रभावित हो रही है। यहां वाहन पार्किंग से लेकर नाव की सवारी के नाम पर पर्यटकों से मनमानी राशि वसूलने और अभद्रता के मामले आए दिन सामने आते है। नगर के प्रवेेश द्वार पर वाहन चालकों से वसूली की शिकायत के बाद शुक्रवार को प्रशासन ने इस पर लगाम लगाने का प्रयास किया लेकिन यह कोशिश भी प्रभावी साबित नहीं हुई। नगर पंचायत द्वारा सुबह नए बस स्टैंड के समक्ष सड़क पर वाहन पार्किंग पर रोक लगाकर ठेकेदार की सामग्री जब्त कर ली गई, लेकिन दोपहर बाद जगह बदल कर फारेस्ट तिराहा पर डेरा डाल कर वाहनों को रोक कर सड़क पर ही वाहन

चुंगी की तर्ज पर होती है वसूली

तीर्थनगरी में जनप्रतिनिधियों के संरक्षण में चलने वाले वैध-अवैध कारोबार में संलग्न लोगों के लिए प्रशासन के आदेश कोई खास मायने नहीं रखते है। यहां वाहन से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए नगर परिषद द्वारा अधिकृत रूप से ब्रम्हपुरी, नया बस स्टैंड, पुराना बस स्टैंड, नागर घाट, बालवाड़ी और गजानन मंदिर चौराहा पर वाहन पार्किंग तय कर ठेका दिया गया हैं। नियमानुसार ठेकेदार को इन पार्किंग स्थलों पर वाहन खड़ा करने वालों से निर्धारित राशि वसूलना चाहिए। लेकिन ठेकेदार द्वारा नगर के प्रवेश द्वार पर सड़क के बीच बेरिकेड लगाकर प्रत्येक वाहन से पार्किंग के नाम पर वसूली की जा रही है। बाहर से आने वाले श्रद्धालु इस व्यवस्था की वैधता से अनभिज्ञ होने से ठेकेदार को राशि देने को विवश हो जाते है।

वैसे चुंगी की तर्ज पर पार्किंग शुल्क वसूली की व्यवस्था करीब तीन सालों से चल रही है। ठेकेदार बदल गए लेकिन शिकायतों के बाद भी व्यवस्था अनवरत जारी है। पहले तीर्थनगर में प्रवेश के लिए वाहन में सवार लोगों की संख्या के आधार पर चुंग्गी के रूप में प्रवेश शुल्क लिया जाता था। इससे साथ ही ठेकेदार द्वारा वाहन शुल्क भी वसूला जाता था। तीन साल पहले यह मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सभी तीर्थस्थलों पर चुंग्गी की वसूली समाप्त कर नाके बंद करवा दिए थे। इसके चलते ओंकारेश्वर में चुंग्गी की वसूली बंद कर दी गई लेकिन वाहन पार्किंग की वसूली मनमाने ढ़ंग से जारी रहने से श्रद्धालु लूट के आरोप लगते रहे है। कई बार स्थानीय लोगों के यहां आने वाले रिश्तेदारों से वाहन शुल्क वसूलने से विवाद की स्थिति बन चुकी है।

कोटितीर्थ घाट से नहीं थम रहा नावों का संचालन

ओंकारेश्वर में श्रद्धालुओं के नर्मदा स्नान और पूजन के लिए कोटितीर्थ घाट को प्रशासन द्वारा आरक्षित कर यहां नाव संचालन प्रतिबंधित किया गया है। अनुविभागीय अधिकारी पुनासा द्वारा दस दिन पहले जारी किए गए इन आदेशों का पूरी तरह पालन नहीं हो पा रहा है। घाट से नावों का संचालन जारी है। विदित हो कि

मांधाता के व्यापारियों द्वारा श्रद्धालुओं को स्नान के लिए घाट सुरक्षित आरक्षित किए जाने को लेकर पांच दिनों तक क्रमिक हड़ताल की गई थी। जनप्रतिनिधि व अधिकारियों द्वारा घाट आरक्षित करने के आश्वासन पर व्यापारियों ने अपना आंदोलन स्थगित कर दिया था। इसके विधिवत आदेश भी जारी हो चुके है लेकिन यहां भी राजनीतिक संरक्षण के चलते मनमानी जारी है।

- समाजसेवी प्रदीप ठाकुर ने बताया कि नगर में वैध और अवैध वाहन पार्किंग के अलावा अवैध रूप से नावों का संचालन करने वालों द्वारा भी श्रद्धालुओं से मनमानी राशि वसूली जाती है। कई लोगों ने नगर परिषद या प्रशासन से बगैर अनुमति के निजी वाहन पार्किंग के नाम पर मनमानी राशि वसूली जा रही है। इन पर भी कार्रवाई होना चाहिए।

- वाहन पार्किंग ठेकेदार विशाल सुरेश पंडित ने बताया कि नगर परिषद से नियमानुसार अनुबंध किया गया है। अनुबंध अनुसार ही वाहनों से निर्धारित पार्किंग की शुल्क की वसूली की जा रही है। हमारे द्वारा किसी प्रकार की अनाधिकृत वसूली नहीं की जा रही हैं। यहां हमारे द्वारा पार्किंग शुल्क लिया जा रहा था वह पी-1 से लगा हुआ मार्ग है। यह पार्किंग स्थल ओंकारेश्वर से लगभग दो किमी दूर है। इसलिए कोई भी वाहन मालिक अपना वाहन यहां आम दिनों में खड़ा नहीं करता है। इसलिए वाहन चालक यहां से पार्किंग शुल्क की रसीद प्राप्त कर नगर में परिषद द्वारा अधिकृत किसी भी पार्किंग में अपना वाहन खड़ा करता है, वहां उससे कोई राशि नहीं ली जाती है।

- मांधाता विधायक नारायण पटेल ने ओंकारेश्वर में वाहन पार्किंग के नाम पर हो रही अवैध वसूली पर चिंता जताते हुए कलेक्टर को इसे सख्ती से रोकने के लिए पत्र लिखा हैं। उन्होंने बताया कि शासन ने चुंगी वसूली समाप्त कर दी है तो सड़क पर बेरिकेड लगाकर वसूली और अभद्रता करने वालों पर कार्रवाई होना चाहिए। इससे तीर्थनगरी की छवि खराब होती है।

-ओंकारेश्वर में नगर परिषद द्वारा अधिकृत रूप से ब्रम्हपुरी, नया बस स्टैंड, पुराना बस स्टैंड, नागर घाट, बालवाड़ी और गजानन मंदिर चौराहा पर वाहन पार्किंग निर्धारित की गई हैं। ठेकेदार को निर्देशित किया गया है कि निर्धारित स्थलों के अलावा किसी अन्य स्थान पर पार्किंग के नाम पर वसूली करते पाए जाने पर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। शुक्रवार को सड़क पर वाहन रोकने के लिए लगाए गए बेरिकेड जब्त कर पंचनामा बनाने की कार्रवाई की गई है। मोनिका पारधि, सीएमओ नगर परिषद, ओंकारेश्वर

Posted By: gajendra.nagar

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