ओंकारेश्वर (खंडवा)। सावन माह के अंतिम सोमवार को भगवान ओंकारेश्वर और ममलेश्वर ज्योतिर्लिंग की महासवारी निकाली जाएगी। बैंड बाजे, 12 ज्योतिर्लिंग की झांकियां और बोल बम के जयकारों के साथ नगर भ्रमण पर निकलने वाली इस सवारी का श्रद्धालुओं द्वारा गुलाब के फूलों और गुलाल की वर्षा कर स्वागत किया जाएगा। मंदिर ट्रस्ट और प्रशासन ने मंदिर में दर्शन और महासवारी के लिए विशेष इंतजाम किए हैं।

सोमवार को दो से ढाई लाख श्रद्धालुओं के ओंकारेश्वर पहुंचने की संभावना है। इसे देखते हुए भीड़ नियंत्रित करने के लिए जेपी चौक पर लोहे की रैलिंग लगाई गई है। कलेक्टर तन्वी सुंद्रियाल और पुलिस अधीक्षक डॉ. दयाल सिंह गुर्जर ने रविवार को ओंकारेश्वर का दौरा कर महासवारी की व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

भगवान ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग की सवारी चांदी की पालकी में दोपहर दो बजे मंदिर से प्रारंभ होगी। करीब नौ घंटे नगर भ्रमण बाद रात्रि 11 बजे वापस मंदिर पहुंचेगी। इस दौरान ढाई बजे कोटितीर्थ घाट पर दूध, दही, शहद, मिश्री, भांग, मक्खन और भस्म से भगवान का अभिषेक होगा।

इसी प्रकार भगवान ममलेश्वर का अभिषेक पंचायती महानिर्वाणी अखाड़े के घाट पर मंदिर के पंडित पुजारियों द्वारा किया जाएगा। सभी धार्मिक आयोजनों के उपरांत दोनों ही भगवानों की सवारी नर्मदा नदी में नौका विहार करती हुई गोमुखघाट पहुंचेगी। यहां पर श्रद्धालु दोनों ही सवारियों पर गुलाब के फूल व गुलाल की वर्षा कर स्वागत करेंगे।