खंडवा (नईदुनिया प्रतिनिधि)। नवजात बालक के खरीद-फरोख्त मामले में आरोपित सौरभ सोनी को जमानत नहीं मिली। न्यायालय ने उसका जमानत आवेदन खारिज कर दिया। इसके साथ ही इस मामले में आरोपित नर्स वर्षा यादव को जेल भेजा गया। पुलिस ने उसे गुरुवार को गिरफ्तार किया था। अब इस मामले में आरोपित डाक्टर रेणु सोनी, मोहसिन खान और किशोरी के माता-पिता फरार हैं। वहीं इस मामले से जुड़े आरोपित पत्रकारों तक भी पुलिस नहीं पहुंच सकी है।

किशोरी का अवैध प्रसव कराने के बाद उसके नवजात बालक को बेचने का प्रयास करने के मामले में आरोपित वर्षा यादव को शुक्रवार को कोर्ट में पेश किया गया। वर्षा पर आरोप है कि उसने आरोपितों का साथ देते हुए बच्चे को बेचने का प्रयास किया। बच्चे को खरीदने वालों को तलाश किया। इस आरोप के चलते कोतवाली पुलिस ने उसे भी इस मामले में आरोपित बनाया है। कोर्ट से उसे जेल भेज दिया गया। हालांकि इस मामले में पुलिस अब तक सोनी अस्पताल की संचालिका आरोपित डाक्टर रेणु सोनी तक नहीं पहुंच पाई है। डाक्टर रेणु और उनके साथियों पर 24 जुलाई को कोतवाली थाने में प्रकरण पंजीबद्ध हुआ था। इसके बाद से डाक्टर रेणु फरार है। उसका अभी तक पता नहीं चल सका है। यही नहीं इस मामले में आरोपित मोहसिन खान और किशोरी के माता-पिता की भी तलाश नहीं की जा रही है। मोहसिन के बारे में पता चला है कि वह इंदौर के किसी निजी अस्पताल में भर्ती है।

सौरभ और साथियों पर लगी है मानव तस्करी की धारा

नवजात बालक के खरीद फरोख्त मामले में डाक्टर सौरभ सोनी मुख्य आरोपितो में से एक है। पुलिस ने उसे रिमांड पर लेकर पूछताछ की थी लेकिन उसने पुलिस के सामने मुंह नहीं खोला। रिमांड खत्म होने के बाद से वह जेल में है। शुक्रवार को सौरभ ने जमानत के लिए कोर्ट में आवेदन दिया था, जिसे कोर्ट ने खारीज कर दिया। अतिरिक्त लोक अभियोजक अधिवक्ता मनीष बरोले ने बताया कि डाक्टर सौरभ और उनके साथियों पर मानव तस्करी करने की भी धारा लगी हुई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए डाक्टर सौरभ को कोर्ट ने जमानत ना देते हुए उसका आवेदन निरस्त कर दिया।

फरार पत्रकारों को नहीं तलाश रही पुलिस

डाक्टर सौरभ सोनी को बंधक बनाकर 50 लाख रुपये की फिरौती मांगने वाले पत्रकार देवेंद्र जायसवाल, सदाकत पठान, अजीत लाड़ और यूट्यूबर राज पिल्लई को पुलिस तलाश नहीं रही है। इसका फायदा आरोपितों को मिल रहा है। प्रकरण दर्ज होने के बाद से एक भी आरोपित को नहीं पकड़ा जा सका है। विदित हो कि 26 जुलाई को उपरोक्त पत्रकारों पर फिरौती, अपहरण और ब्लैकमेलिंग करने के आरोप पर धारा 341, 323, 365, 384, 385, 389 और 34 आइपीसी में प्रकरण दर्ज किया गया था।

* आरोपित वर्षा यादव को जेल भेजा गया है। शेष आरोपितों की तलाश की जा रही है। सभी को शीघ्र गिरफ्तार किया जाएगा।-बीएल मंडलोई, कोतवाली थाना प्रभारी

Posted By: Nai Dunia News Network

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