खंडवा (नईदुनिया प्रतिनिधि)। गर्मी के तीखे तेवरों से मुकाबला लोगों के लिए परेशानी के साथ ही जेब पर भी भारी पड़ रहा है। पिछले एक माह में शहर में बिजली की खपत 61 फीसद बढ़ गई है। इसके चलते उपभोक्ताओं को भारी-भरकम बिजली बिलों आए हैं। दो से तीन गुना अधिक बिल देखकर उपभोक्ता विद्युत वितरण कंपनी को कोस कर बिलों ऋटिपूर्ण बता रहे है। कंपनी के कार्यालय में बड़ी संख्या में लोग बिलों में गड़बड़ी की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं।

अप्रैल माह में बिजली की खपत डेढ़ से दो गुना तक बढ़ी है। निमाड़ में कहर बरपा रही गर्मी से राहत के लिए लोग पंखे, कूलर और एसी का जमकर उपयोग कर रहे है। वहीं जलसंकट के चलते मोटर का उपयोग भी बढ़ा हैं। इनका असर बिजली की खपत पर पडा है। एक माह में औसतन 100 से 150 यूनिट की खपत करने वाले सामान्य घरेलू उपभोक्ताओं को 200 से 300 यूनिट खपत के बिल मोटी रकम के साथ मिले है।

जिले की दस फीसद खपत शहर में

गर्मी की वजह से बिजली की मांग बढ़ने से जिले में प्रतिदिन औसतन 30.64 लाख यूनिट की खपत हो रही है। शहर में औसतन 3.50 लाख यूनिट बिजली लग रही है। इस प्रकार जिले की कुल खपत में से दस फीसद बिजली शहर में ही खप रही है।

खपत बढ़ी तो योजना का नहीं मिला लाभ

प्रदेश सरकार द्वारा 100 से 150 यूनिट तक बिजली की खपत करने वाले उपभोक्ताओं को बिल राशि में छूट देकर उन्हें 150 रुपये तक ही बिल दिए जा रहे हैं। इस योजना का लाभ शहर में बढ़ी संख्या में सामान्य उपभोक्ताओं को मिल रहा है। गर्मी की वजह से लोगों की खपत 150 यूनिट के पार होते ही उन्हे रियायती दर की जगह सामान्य दर से बिल रहे हैं। ऐसे में 150 से 200 रुपये तक का बिल जमा करने वाले उपभोक्ताओं को 500 से एक हजार रुपये तक के बिल मिले हैं। इससे उनकी नींद उड़ी हुई है। शहर में 100 यूनिट तक की बिजली की खपत का लाभ लेने वाले उपभोक्ता मार्च माह में करीब 26363 थे। खपत बढ़ने से अप्रैल माह में 24120 रह गए। इस प्रकार 2243 उपभोक्ता छूट के लाभ से बाहर हो गए। 150 यूनिट का लाभ लेने वाले 12616 उपभोक्ताओं में से 11544 रह गए है।

बिजली वसूली का लक्ष्‌य बना चुनौती

बिजली खपत बढ़ने से उपभोक्ताओं के साथ ही विद्युत कंपनी के अधिकारियों की परेशानी और चिंता बढ़ गई है। शहरी क्षेत्र में अप्रैल माह में 104.72 लाख यूनिट बिजली की खपत होने से कंपनी को 824.98 लाख रुपये की वसूली का लक्ष्‌य मिला है। जबकि मार्च माह में 64.16 लाख यूनिट बिजली की खपत रहने से 553.84 लाख रुपये की वसूली का लक्ष्‌य मिला था। इसे हासिल करने में अधिकारी-कर्मचारियों को मशक्कत करनी पड़ी थी। अब लक्ष्‌य में 60 फीसद से अधिक की वृद्धि हो जाने और उपभोक्ता बिल अधिक आने से परेशान होने से लक्ष्‌यापूर्ति आसान नहीं रहेंगी।

बिल ने चिंता बढ़ाईः उपभोक्ता अमन पालीवाल ने बताया कि हर माह 200 से 300 रुपये के लगभग बिजली का बिल आता है। इस माह 850 रुपये आया है। बिजली कंपनी के कार्यालय जाने पर अधिकारी ज्यादा बिजली खर्च करने की बात कह रहे हैं। गर्मी से पहले ही परेशान है। बिल ने भी चिंता बढ़ा दी है।

वर्जन-

गर्मी में बिजली की खपत बढ़ने से बिल की राशि की बढ़ी हैं। अप्रैल में मार्च की तुलना में करीब 61 फीसद खपत बढ़ी है। जो उपभोक्ता ज्यादा बिल आने की शिकायत लेकर आ रहे हैं। उन्हें समझाइश दी जा रही है। संभाग के बिल वसूली लक्ष्‌य में भी वृद्धि हुई है।

संजय जैन, अधीक्षण यंत्री, विद्युत वितरण कंपनी, खंडवा

फैक्ट फाइल

- जनवरी 22 में शहर मे खपत 75924 लाख यूनिट व बिल राशि 611953 लाख रुपये रही

- फरवरी 22 में शहर में खपत 61.05 लाख यूनिट व बिल राशि 528.72 लाख रुपये रही।

- मार्च 22 में शहर में खपत 64.16 लाख यूनिट व बिल राशि 553.84 लाख रुपये रही।

-अप्रैल22 में शहर मे खपत 104.72 लाख यूनिट व बिल राशि 824.98 लाख रुपये रही।

- मई 22 में जिले की कुल औसत खपत 30.64 लाख यूनिट प्रतिदिन हो रही है। इसमें खंडवा शहर की कुल औसत खपत 03.50 लाख यूनिट प्रतिदिन हो रही है।

- अप्रैल 22 मे शहर मे 100 यूनिट की खपत वाले उपभोक्ता 24120

- 101 यूनिट से 150 यूनिट तक की खपत वाले उपभोक्ता की संख्या 11544

Posted By: Nai Dunia News Network

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