खंडवा (नईदुनिया प्रतिनिधि)। देशसेवा का जज्बा लिए शहर के पूर्व सैनिक अनिल पाटिल युवाओं को सेना में भर्ती कराने के लिए मेहनत कर रहे हैं। सेना से रिटायर होने के बाद 2019 से उन्होंने यह काम निश्शुल्क शुरू किया। अब तक सौ के लगभग युवाओं का सेना, पुलिस विभाग व वायु सेना के लिए चयन हुआ है। युवाओं में देश प्रेम का जज्बा लिए किए जा रहे उनके इस काम को प्रशासन ने भी सराहा है।

तोपखाना रेजिमेंट में अनिल पाटिल 2002 में भर्ती हुए। इसके बाद महज छह सप्ताह की ट्रेनिंग के बाद ही उन्हें 2003 में कारगिल युद्ध के बाद जारी शीत युद्घ में जाने का अवसर मिला। उन्होंने बताया उस समय पहली बार युद्ध का माहौल देखा। हर कोई अपने मोर्चे पर डटा हुआ था। जवाबी कार्रवाई में भी देर नहीं करते थे हम सब। इसके बाद असम में चलाए गए आपरेशन रेहनो में जाने का अवसर मिला। वहीं आपरेशन आल आउट व जम्मु कश्मीर में भी तीन साल तक मोर्चा संभाला। 2019 में रिटायर होने के बाद जब खंडवा आया तो खेल शिक्षक के रूप में सेवा दी। इस दौरान स्टेडियम पर युवाओं को प्रशिक्षण लेते देखा। इसके बाद उन्हें निश्शुल्क सही प्रशिक्षण देने का काम शुरू किया। पहले सुबह व शाम को चार घंटे स्टेडियम पर जाता था। अब बैंक की नौकरी के कारण सिर्फ सुबह साढ़े पांच बजे से साढ़े सात बजे तक ही समय दे पाता हूं। इसके बाद भी हर रोज 50 से 60 युवा वहां पर आते हैं। इन दो सालों में 53 युवा सेना में ,28 पुलिस विभाग में, एक युवा उत्तर प्रदेश पुलिस में, तीन वायु सेना, बीएसएफ व एसएससी जीडी में भी सिलेक्ट हुए। उनके चेहरे पर खुशी देकर देश सेवा का वहीं भाव जागृत होता है जो बार्डर पर होता था।

दौड़ व बिम का विशेष प्रशिक्षण

सेना में भर्ती होने के लिए दौड़ व बिम सबसे महत्वपूर्ण है। सौ नंबर के शरीरिक दक्षता में 60 नंबर दौड़ व 40 नंबर बिम के रहते हैं। इसी के लिए पूर्व सैनिक पाटिल पूरी तैयारी कराते हैं। युवा भी पूरी लगन से उनके निर्देशों का पालन करते हैं।

Posted By: Nai Dunia News Network

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