खंडवा (नईदुनिया प्रतिनिधि)। मौसम विभाग ने इस बार मानूसन की बारिश बेहतर रहने का अनुमान जताया है। ऐसे में किसान सोयाबीन फसल की बुआई को लेकर उत्साहित हैं लेकिन जिले में किसानों के लिए सोयाबीन बीज की व्यवस्था को लेकर शासन-प्रशासन ने अब तक गंभीरता नहीं दिखाई है। इस बार कितने बीज की आवश्यकता होगी, वर्तमान में कितना बीज कौन सी कंपनियों का उपलब्ध है इसकी जानकारी कृषि विभाग द्वारा अब तक सार्वजनिक नहीं की जा सकी है। ऐसे में किसान वर्ग भी असमंजस में नजर आ रहा है। कुल मिलाकर जिम्मेदार अधिकारियों ने किसानों को सोयाबीन बीज खरीदी के लिए पूरी तरह भगवान भरोसे छोड़ दिया है। ऐसे में सोयाबीन के नकली बीज बेचने वाले सक्रिय हो गए हैं।

पिछले वर्ष की तरह ही इस बार भी बाजार में सोयाबीन बीज की कालाबाजारी और गुणवत्ताहीन बीज की बिक्री की आशंका बढ़ गई है। क्योंकि बाजार में खाद-बीज की दुकानों पर जांच की प्रक्रिया अब तक शुरू नहीं हो सकी है। 20 से 25 दिन के भीतर जिले में सोयाबीन की बुआई का सिलसिला शुरू हो जाएगा। जिले के कई किसानों ने खरीफ फसल की बुआई को लेकर खेत तैयार करना भी शुरू कर दिए हैं। लगभग आठ से दस दिन बाद किसान सोयाबीन बीज की खरीदी को लेकर बाजार में आना शुरू हो जाएंगे। हर साल ऐसे मामले सामने आते हैं जब किसानों को बजार से महंगे दामों में सोयाबीन बीज खरीदने पड़ते हैं। बावजूद इसके इनकी गुणवत्ता ठीक नहीं निकलती। जिम्मेदार अधिकारी ऐन मौके पर बीज के सैंपल लेने के लिए दुकानों पर पहुंचते हैं तब तक हजारों क्विंटल बीज बेच दिया जाता है।

समितियों के लिए 2013 क्विंटल बीज मांगा

इधर जिला सहकारी केंद्रीय बैंक द्वारा पंजीकृत किसानों के लिए 2013 क्विंटल सोयाबीन बीज की मांग बीज समितियों से की गई है। बीज समितियों को आर्डर दे दिया गया है। हालांकि समितियों द्वारा अभी बीज उपलब्ध नहीं कराया गया है। जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के पंजीकृत किसानों को सहकारी समितियों के माध्यम से हर साल बीज उपलब्ध कराया जाता है। जिले में 105 समितियां हैं जहां से बीज का वितरण होता है। फिलहाल एक भी समिति में बीज का भंडारण नहीं हुआ है।

- हर साल किसान संगठन की ओर से मांग की जाती है कि सोयाबीन के नकली बीज बेचने वाली कंपनियों पर नकेल कसी जाए। बीज की जांच तय समय पर शुरू की जाए लेकिन अधिकारी ध्यान नहीं देते हैं और हजारों क्विंटल बीज नकली बिक जाता है। प्रशासनिक अधिकारियों को सक्रियता दिखानी चाहिए। - नरेंद्र पटेल, संभाग मंत्री, भारतीय किसान संघ

- इस बार सोयाबीन के बीज की खरीदी के लिए किसानों को भगवान के भरोसे छोड़ दिया गया है। हर साल की तरह ही इस बार भी गुणवत्ताहीन बीज बाजार में बिकने की आशंका है। गुणवत्ता वाले बीज की सूची जारी नहीं की जा रही है। किसी किसान को यदि खराब बीज बेचा जाता है तो इसकी शिकायत कहां करे। टोल-फ्री नंबर भी जारी होना चाहिए। - सुभाष पटेल, जिला संयोजक, भारतीय किसान संघ

- सोयाबीन बीज कंपनियों की मनमानी के कारण हर साल किसानों को महंगे बीज खरीदने के लिए मजबूर होना पड़ता है। किसानों को बिना बिल के बीज बेचे जाते हैं। बिल मांगने पर बीज के साथ अन्य आइटम खरीदने का दबाव बनाया जाता है। ऐसी कंपनियों पर शासन-प्रशासन को शिकंजा कसना चाहिए। - सुंदर पटेल, पोखरकलां

- बाजार में खाद-बीज दुकानों पर सोयाबीन बीज की गुणवत्ता को लेकर जांच होनी चाहिए। किसानों के साथ कोई धोखाधड़ी ना हो इसके लिए निगरानी जरूरी है। जिम्मेदार अधिकारियों की निष्क्रीयता के कारण फर्जी बीज कंपनियां बाजार में सक्रिय हो जाती हैं। - दीना लछोत्रे, हरसूद

Posted By: Nai Dunia News Network

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