खंडवा/पंधाना। सात फेरे लेने के लिए परिजन के साथ बुधवार को पंधाना पहुंचे दूल्हा-दुल्हन आयोजन दूसरी बार स्थगित होने पर आपा खो बैठे। उन्होंने रिश्तेदारों के साथ जनपद पंचायत कार्यालय पर हंगामा कर दिया। समारोह स्थगित होने की पूर्व सूचना नहीं देने का आरोप लगाते हुए सभी धरने पर बैठ गए।

अंतत: प्रशासन को झुकना पड़ा। ताबड़तोड़ गायत्री पद्धति से सात जोड़ों का विवाह करवाया गया, इसके बाद ही लोगों का आक्रोश शांत हुआ। प्रशासन का कहना है कि अधिकांश आवेदकों के अपात्र होने से आयोजन स्थगित किया। इसकी सूचना सभी को भिजवा दी गई थी।

पंधाना जनपद में मुख्यमंत्री कन्यादान सामूहिक विवाह योजना के तहत 251 जोड़ों ने आवेदन किया था। जनपद ने 10 जुलाई को विवाह समारोह रखा था। इसके चलते आवेदकों ने विवाह की तैयारियां के साथ रिश्तेदारों को भी आमंत्रित कर लिया था।

बुधवार को विवाह के लिए दूल्हा-दुल्हन मेहमानों के साथ पंधाना पहुंचे तो विवाह स्थगित होने की जानकारी मिलने पर हतप्रभ रह गए। यह स्थिति इसलिए बनी क्योंकि जांच में 251 जोड़ों में से मात्र सात जोड़े ही योजना के तहत पात्र पाए गए थे। इस वजह से प्रशासन ने चार दिन पूर्व आयोजन स्थगित करने का निर्णय लिया।

इसकी सूचना ग्राम पंचायत सचिवों के माध्यम से आवेदकों को मोबाइल पर देने का दावा जनपद पंचायत अधिकारी कर रहे हैं, लेकिन सूचना नहींं मिलने पर सात जोड़े बुधवार को पंधाना आ पहुंचे।

पंधाना में समारोह की तैयारी नहीं देख सभी जनपद पंचायत पहुंचे।

वहां आयोजन स्थगित होने की बात पता चली। यह सुनकर दूल्हा-दुल्हन और उनके परिजन भड़क गए। पूर्व में भी चुनाव आचार संहिता के कारण एक बार सामूहिक विवाह आयोजन स्थगित हो चुका है।

प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाकर परिजन विवाह करवाने की जिद पर अड़ गए। हंगामा बढ़ता देख जनपद सीईओ उदयराज सिंह और एसडीएम अनुभा जैन ने योजना के प्रावधानों का हवाला देकर समझाने का प्रयास किया। उन्हें बताया गया कि जांच में सात-आठ आवेदकों को छोड़ शेष सभी के विवाहित होने की जानकारी मिलने पर आयोजन स्थगित किया गया है।

हल्दी लगने से करवाना पड़ा विवाह

परिजन का कहना था कि रस्म के अनुसार वर-वधु को हल्दी लगने के बाद विवाह नहीं होना अपशगुन होता है। दो दिन बाद देवशयनी एकादशी है, इससे चार माह तक शुभ कार्य नहीं हो सकेंगे। इसलिए विवाह तो करवाना ही पड़ेगा। लोगों के विरोध को देखते हुए प्रशासन ने अंतत: सात जोड़ों का विवाह गायत्री पद्धति से राधाकृष्ण मंदिर में करवा दिया। इन्हें मुख्यमंत्री कन्यादान विवाह योजना का लाभ पात्रता का परीक्षण होने के बाद ही मिल सकेगा।

इधर, कलेक्टर तन्वी सुंद्रियाल ने बताया कि मुख्यमंत्री कन्यादान योजना में विवाह के लिए वर-वधू के आवेदन सहित अन्य जांच पूर्व में ही की जाएगी। इससे बाद में पात्र या अपात्र होने का झंझट नहीं रहेगा। प्रक्रिया में बदलाव किया जाएगा। पंधाना जनपद सीईओ उदयराजसिंह ने बताया कि आयोजन स्थगित होने की सूचना सभी आवेदकों को तीन दिन पहले दी गई थी।

अधिकांश आवेदक विवाहित

मुख्यमंत्री कन्यादान विवाह योजना में विवाहित व्यक्ति विवाह के लिए पात्र नहीं हैं। प्राप्त आवेदकों में अधिकांश अपात्र होने से समारोह स्थगित किया गया। इसकी सूचना ग्राम पंचायतों के माध्यम से आवेदकों को दे दी थी। आवेदन दो दिन पहले तक आने से जांच में विलंब हुआ।

- अनुभा जैन, एसडीएम, पंधाना