खंडवा (नईदुनिया प्रतिनिधि)। शहर में मुख्य बाजार और मार्ग पर अतिक्रमण करने वालों की मनमानी के आगे जिला और पुलिस प्रशासन दोनों ही पस्त नजर आ रहे हैं। यही वजह है कि शहर अतिक्रमण मुक्त नहीं हो पा रहा है। पिछले एक सप्ताह से नगर निगम, जिला प्रशासन और पुलिस के अधिकारी समझाइश और इसे आखिरी चेतावनी बताते रहे लेकिन यह चेतावनी अतिक्रमण करने वालों पर बेअसर साबित हुई है। अतिक्रमण की वजह से होने वाली परेशानी को लेकर आमजन त्रस्त होने के साथ ही अब प्रशासन से प्रभावी कार्रवाई की मांग कर रहा है।

मुख्य रूप से बाजार में जहां पिछले एक सप्ताह से अधिकारी बाकायदा सड़कों पर घूमकर व्यावसायियों के हाथ जोड़कर अतिक्रमण नहीं करने की विनती कर रह रहे थे लेकिन इसके उलट बाजार में अतिक्रमण करने वालों की संख्या बढ़ गई है। महर्षि दधीची पार्क के पार्किंग स्थल पर नाश्ते के ठेलों की संख्या बढ़ गई है। पहले यहां दो से तीन ठेले लग रहे थे लेकिन अब इनकी संख्या करीब सात हो गई। ज्यूस की दुकान के स्थान पर फल व्यावसायियों ने कब्जा कर लिया है। सिनेमा चौक पर दो पहिया वाहनों की पार्किंग की जगह पर ठेले लगे हुए हैं। बुधवारा बाजार, बांबे बाजार, बुधवारा सब्जी मंडी, घंटाघर, बर्तन बाजार,नगर निगम चौक, जलेबी चौक और लोहा बाजार में भी अतिक्रमण पैर पसारे हुए है।

फुटपाथ पर दुकानदारों का कब्जा

दरअसल बाजार में पार्किग की सबसे बड़ी समस्या है। यह इसलिए क्योंकि हर दुकान के आगे फुटपाथ से लेकर पार्किंग स्थल तक व्यवसायियों ने कब्जा कर सामान पटक रखा है। बुधवारा बाजार में कपड़ा व्यावसायियों ने 10 फीट आगे तक दुकान बढ़ा रखी है। नाले के उपर ही पक्का अतिक्रमण कर लिया है। इससे बाजार में खरीदी करने आने वाले लोगों को अपने वाहन खड़े करने में परेशानी हो रही है। बेतरतीब वाहन खड़े करने पर यातायात पुलिस की कार्रवाई का डर रहता है तो वाहन पार्किंग की समस्या रहती है।

केवलराम चौक से बोर्ड हटाने में आया पसीना

शहर के प्रमुख बांबे बाजार रोड़ पर केवलराम चौराहे के बीच एक इलेक्ट्रानिक्स दुकान के कारोबारी ने अपनी दुकान का बोर्ड शहर के सौंदर्यीकरण के नाम पर लगा रखा था। इसके लिए नगर निगम से स्वीकृति ली गई थी लेकिन यातायात में यह बाधक साबित होने से यातायात पुलिस ने इस पर आपत्ति दर्ज करवाई थी। इसके चलते इसे हटाने के निर्देश सड़क सुरक्षा समिति और कलेक्टर ने दिए थे। इसके बावजूद इसे हटाने में नगर निगम को लगभग छह माह लग गए। इससे शहर को अतिक्रमण मुक्त करने में नगर निगम की इच्छा शक्ति और प्रयास का अंदाजा लगाया जा सकता है।

कलेक्टर का आदेश भी ठंडे बस्ते

यातायात की समस्या से निपटने के लिए कलेक्टर अनूप कुमार सिंह ने अधिकारियों को पहले लोगों को समझाइश देने फिर कार्रवाई के लिए कहा था। वहीं बड़े बैंकों को वाहन पार्किंग की पर्याप्त व्यवस्था करवाने के आदेश लीड बैंक मैनेजर को करवाने के लिए कहा था। इसके लिए माह की समयावधि दी गई थी, लेकिन इस पर भी कुछ नहीं हो रहा है।

शहर हित में अतिक्रमण की कार्रवाई जरूरी

- राकेश सोमानी ने बताया कि शहर में वाहन चलाना मुश्किल हो गया है। मुख्य मार्ग और बाजार में सड़क किनारे जगह-जगह ठेले और फुटपाथ पर दुकान लगाने वालों का कब्जा है। वहीं पार्किंग स्थल भी अतिक्रमण की चपेट में है।

- दवा कारोबारी अमन जैन ने कहा-मुख्य बाजारों में वाहन खड़े करने की जगह नहीं है। प्रशासन और नगर निगम को मल्टीलेवल पार्किंग स्थल की व्यवस्था प्रमुख स्थानों पर करना चाहिए।

- व्यवसायी अमन बिनवानी ने कहा- मध्य क्षेत्र में अधिकांश बैंक है। इनमें से अधिकांश के पास वाहन पार्किंग की जगह नहीं है। इन स्थानों पर वाहनों का जमावड़ा लगने से यातायात जाम हो जाता है। प्रशासन ने बैंकों में पार्किंग व्यवस्था अनिवार्य करना चाहिए।

- युवा योगेश अग्रवाल आवासीय क्षेत्रों में व्यावसायिक भवन बनने से वाहन पार्किंग की समस्या हर जगह हो गई है। व्यावसायिक भवनों में वाहन पार्किंग नक्शे में कागजों में ही कैद है। इस पर अमल होना चाहिए।

- समझाइश के बाद अतिक्रमण हटाए जाने की कार्रवाई की जाना है। नगर निगम अधिकारियों के सुस्त रवैये के चलते कार्रवाई शुरू नहीं हो पाई।- संतोष कौल, यातायात डीएसपी

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तालाब के गहरीकरण से होगा जल संग्रहण

फोटो 21केएचए 07 ग्राम में नाले के गहरीकरण में जुटे मजदूर। नईदुनिया

डुल्हार। ग्राम पंचायत डुल्हार के मनरेगा अंतर्गत डुल्हार स्थित नाले का गहरीकरण मजदूरों के द्वारा किया जा रहा है। यह कार्य दो सप्ताह से चल रहा है। वर्षा काल में जल संरक्षण के लिए ग्राम पंचायत द्वारा महिलाओं और पुरुषों को रोजगार देकर नाले का गहरीकरण किया जा रहा है। वर्षा के जल को संग्रह से क्षेत्र के जल स्त्रोतों के जलस्तर में सुधार होगा। इससे पेयजल के अलावा किसानों को भी सिंचाई में सुविधा होगी।

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Posted By: Nai Dunia News Network

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