खंडवा (नईदुनिया प्रतिनिधि)। घंटाघर चौक स्थित प्राचीन जगवल्लभ पार्श्वनाथ तीर्थधाम जैन श्वेतांबर मंदिर का शुक्रवार को 109 वां स्थापना दिवस मनाया गया। यह मंदिर 100 वर्ष से अधिक पुराना हो जाने से अब तीर्थ बन चुका है। स्थापना दिवस पर पूजा-अर्चना के साथ मंदिर के शिखर पर ध्वजारोहण किया गया।

जगवल्लभ पार्श्वनाथ मंदिर का निर्माण 1907 में प्रारंभ हुआ था। यहां 19 फरवरी 1913 को उज्जैनी नगरी से लाकर तीन प्राचीन मूर्तियां श्री जगवल्लभ पार्श्वनाथ, श्री शांतिनाथ, श्री चंद्रप्रभस्वामी आदि की प्रतिष्ठा मंदिर में की गई थी। समयांतर में मंदिर को शिखरबद्ध करने की भावना संघ की हुई। इसके चलते 2010 से संगमरमर का नक्काशीदार मंदिर निर्माण करना प्रारंभ हुआ। मंदिर को 100 वर्ष पूर्ण होने पर 12 फरवरी 2014 को पुनः मंदिर में तीर्थंकर, गुरुभगवंत, देवी-देवताओं की प्रतिष्ठा की गई। तीर्थ का स्थान पाने से मंदिर में दर्शन के लिए समाजजन देश भर से आते हैं। शुक्रवार को तिथि के अनुसार 109वीं वर्षगांठ होने से सह ध्वजारोहण धूमधाम से हुआ। सत्तरभेदी पूजा जगवल्लभ पार्श्वनाथ मंडल द्वारा की गई। ध्वजारोहण मनीष मोमाया परिवार द्वारा किया गया। इस कार्यक्रम में समाज के हिरेन जैन, जय नागड़ा, कांतिलाल जैन, नवीश जैन, विनय शाह, नीलेश मोता, संजय जैन आदि समाजजन उपस्थित थे।

वीर गोम्टेशा धार्मिक फिल्म का प्रदर्शनः भगवान महावीर ने अहिंसा को पाठ पढ़ा कर जीओ और जीने दो का संदेश दिया। अहिंसा के माध्यम से ही महात्मा गांधी ने देश को आजाद कराने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। जैन धर्म अहिंसा को मानने वाला धर्म है। जिसमें कहा गया है कि हम भी जीये और दूसरों को भी जीने दें। जैन धर्म पर आधारित बनी वीर गोम्टेशा फिल्म धर्म और संस्कृति का समावेश है। इस फिल्म को देखने के बाद युवा पीढ़ी भी अपने धर्म और संस्कृति को समझेगी। यह बात रविंद्र भवन में आयोजित वीर गोम्टेशा फिल्म शुभारंभ अवसर पर विधायक देवेंद्र वर्मा ने कही। इस दौरान दिनेश पालीवाल, आशीष राजपूत, गोटू भाई सहित फिल्म कलाकार शरद सबल एवं मयंक दुबे मौजूद थे। फिल्म के निर्माता शैलेंद्र जैन ने बताया-यह फिल्म पूरे देश में 350 सिनेमाघरों में दिखाई जा चुकी है। इसे 12 अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त हुए हैं। संचालन नैनी पंचोलिया ने किया। आभार प्रेम जैन ने माना।

Posted By: Nai Dunia News Network

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