Khandwa PM Awas Yojana: पुनासा (नईदुनिया न्यूज)। ग्रामीण क्षेत्रों में हितग्राहियों को प्रधानमंत्री आवास का निर्माण भारी पड़ रहा है। महंगाई की वजह से शासन की ओर से मिलने वाली राशि में निर्माण संभव नहीं होने से हितग्राही मकान बनाने से कदम पीछे खींच रहे है। हितग्राहियों के इस रुख से पंचायतकर्मियों की परेशानी और चुनौती बढ़ गई है। हितग्राही ग्रामीण आवास निर्माण की राशि बढ़ाने की मांग कर रहे है तो पंचायत सचिव और सहायक सचिव सहित अन्य कर्मचारी इस दायित्व से निजात पाने के लिए आंदोलन की रणनीति बनाने में जुटे हैं।

शासन अपने मैदानी अमले को नवीन व अधूरे प्रधानमंत्री आवासों को शीघ्र पूर्ण करने के लिए लक्ष्‌य दे रहा है लेकिन हितग्राही महंगाई के दौर में आवास निर्माण में रुचि नहीं दिखा रहे हैं। ग्राम खुटलाकलां के आवास हितग्राही मुंशी यादव, नानक यादव, जगदीश खाटरिया, हरेराम यादव सहित कई अन्य हितग्राहियों का कहना है कि निर्माण सामग्री की कीमतों में वृद्धि से इस राशि में भवन निर्माण करना संभव नहीं है। प्रधानमंत्री आवास योजना में निर्धारित राशि को बढ़ाया जाना चाहिए। विदित हो कि पुनासा जनपद के ग्राम खुटलाकलां में 202 प्रधानमंत्री आवास निर्माण का लक्ष्‌य ग्राम पंचायत को मिला है। इसे विभिन्ना चरणों में पूर्ण करना है। महंगाई के कारण एक लाख बीस हजार रुपये की राशि में शासन द्वारा तय मापदंड के अनुसार आवास बनाना संभव नहीं है। हितग्राहियों ने आवास नहीं बनाने तथा राशि बढ़ाने के लिए विधायक नारायण पटेल के अलावा प्रधानमंत्री तथा मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन देने की बात कही है।

वर्ष 2017-18 में तय हुई थी आवास राशि

प्रधानमंत्री योजना के आवास का निर्माण करने वाले राजमिस्त्री बताते हैं कि निर्माण सामग्री की कीमत पिछले दो-तीन वर्षों में दो से तीन गुना होने से निर्माण लागत अधिक हो गई है। प्रधानमंत्री आवास योजना में वर्ष 2017-18 में किए गए सर्वे के आधार पर निर्धारित लागत राशि हितग्राही को दी जा रही है। वर्ष 2017-18 में भवन निर्माण सामग्री के दाम व आज के दाम की तुलना की जाए तो जहां वर्ष 2017-18 में सीमेंट 200 से 225 रुपये प्रति बोरी, सरिया 35-36 रुपये किलो, जुड़ाई के लिए काली रेत 1500-1600 रुपये प्रति ट्रैक्टर ट्राली व दो रुपये प्रति नग के हिसाब से ईंट बाजार में उपलब्ध थी। तो मजदूरी भी 100 रुपये प्रतिदिन थी। वहीं मौजूदा समय में भवन निर्माण सामग्री की दर दो से तीन गुना हो चुकी है। वर्तमान में सीमेंट प्रति बोरी की कीमत 400-425, सरिया लगभग 80 रुपये प्रति किलो, जुड़ाई के लिए काली रेत आना ही बंद हो गई। अब सिर्फ बालू रेत उपलब्ध है। इसकी कीमत प्रति ट्रैक्टर ट्राली 7500 से 8000 रुपये, ईंट पांच रुपये प्रति नग तथा मजदूरी 200 रुपये प्रतिदिन से अधिक हो चुकी है।

नगरीय व ग्रामीण क्षेत्र मे आवंटित राशि में भी दोगुना अंतर

पीएम आवास के हितग्राहियों का कहना है कि शहर व ग्रामों में पीएम आवास राशि में दो गुना अंतर है। नगरीय क्षेत्र में प्रधानमंत्री आवास की राशि ढाई लाख रुपये हितग्राही को दी जाती है जबकि सीमेंट व सरिया जैसी महत्वपूर्ण सामग्री शहरों से ही ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंचती है। इस कारण परिवहन व अन्य खर्च जोड़ने पर शहरों से आने वाली निर्माण सामग्री और महंगी हो जाती है। ग्रामीण क्षेत्र मे एक लाख बीस हजार रुपये सीधे हितग्राही के बैंक खाते में आते है तथा मनरेगा के तहत मजदूरी के नाम पर 90 दिन की मजदूरी की राशि हितग्राही को मिलती है। इस तरह से ग्रामीण क्षेत्र में एक आवास हितग्राही को एक लाख 38 हजार 360 रुपये मिलते हैं। इतनी कम राशि मे आवास निर्माण संभंव नही है ।

योजना से जुड़े पंचायत कर्मचारी परेशान

प्रधानमंत्री आवास को पूर्ण करवाने की जिम्मेदारी पंचायत सचिव, रोजगार सहायक व ब्लाक समन्वयक की है। महंगी होती निर्माण सामग्री के कारण आवास बनाने में हितग्राहियों की उदासीनता, आवास पूर्ण करने के लिए शासन का दबाव और निर्धारित अवधि में आवास को पूर्ण करने की चुनौती से जूझ रहे सचिवों ने आंदोलन का मन बना लिया है। एक पखवाड़े पहले सचिव संघ की पुनासा ब्लाक इकाई ने अध्यक्ष शिवनारायण गुर्जर के नेतृत्व में पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री के नाम ज्ञापन जनपद की मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) स्वर्णलता काजले को सौंपा था। इसमें महंगी होती निर्माण सामग्री के कारण पीएम आवास समय पर पूर्ण करवाने को चुनौती बताया गया हैं। उनका मानना है कि सचिवों पर शासन की ओर से आवास पूर्ण करवाने का दबाव रहेगा तथा आवास पूर्ण नहीं होने की स्थिति में वेतन कटौती व निलंबन जैसी दंडात्मक कार्रवाई अधिरोपित की जाएगी। आवास राशि तीन किश्तों में सीधे हितग्राही के बैंक खाते में जमा होती है। अतः सचिवों को निर्माण की निगरानी व आवास की जानकारी कम्प्यूटर में अपलोड करने तक ही सीमित रखा जाए।

फैक्ट फाइल

पुनासा जनपद

2995 आवास निर्माण का लक्ष्‌य

वर्ष 2017-18

निर्माण सामग्री लागत

सीमेंट 200-225 रुपये प्रति बोरी

सरिया 35-36 रुपये प्रति किलो

काली रेत 1500-1600 रुपये प्रति ट्रैक्टर ट्राली

ईंट दो रुपये प्रति नग

मजदूरी 100 रुपये प्रति व्यक्ति

वर्ष 2022

सीमेंट 400-424 रुपये प्रति बोरी

सरिया 80 रुपये प्रति किलो

काली रेत उपलब्ध नहीं

बालू रेत 7500-8000 रुपये प्रति ट्रैक्टर ट्राली

ईंट पांच रुपये प्रति नग

मजदूरी 200 रुपये प्रति व्यक्ति

वर्जन-

हमारी जनपद को विभिन्न ग्राम पंचायतों में 2995 प्रधानमंत्री आवास निर्माण करने का लक्ष्‌य मिला है। हितग्राहियों को समझाइश देकर इन्हें समय पर पूर्ण किया जाएगा।

स्वर्णलता काजले, सीईओ, पुनासा जनपद

Posted By: Nai Dunia News Network

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