Khandwa By Election Result Declared: खंडवा (नईदुनिया प्रतिनिधि)। खंडवा लोकसभा में अब तक हुए 17 सामान्य और एक उप चुनाव में कांग्रेस नौ, भाजपा आठ और एक बार बीडीएल का प्रत्याशी विजयी हुआ है। वहीं अब उप चुनाव में भाजपा ने सीट पर कब्जा बरकरार रखते हुए कांग्रेस की बराबरी कर ली है। पिछले छह चुनाव में भाजपा को मिली जीत के मुकाबले इस बार लोकसभा की आठ विधानसभाओं में दो में भाजपा को हार का सामना करना पड़ा है, वहीं बुरहानपुर को छोड़ अन्य विधानसभाओं में भी भाजपा का प्रदर्शन निराशाजनक कहा जा रहा है। पिछले चुनाव में भाजपा प्रत्याशी नंदकुमार सिंह चौहान ने दो लाख 72 मतों से चुनाव जीता था इसके मुकाबले ज्ञानेश्वर पाटील को मात्र 82 हजार मतों जीत हासिल हुई है।

राजनीतिक इतिहास

वर्ष 1952 से 2019 तक 18 चुनाव हुए। इसमें एक उपचुनाव भी शामिल है। इनमें कांग्रेस नौ, भाजपा आठ और एक बार बीएलडी ने बाजी जीती है। सांसद नंदकुमार सिंह के निधन के बाद वर्ष 2021 के उपचुनाव में ऊंट किस करवट बैठता है इसका सभी को इंतजार था। वैसे मतगणना के प्रारंभिक रुझान भाजपा के पक्ष में जाने से कमल खिलने की संभावना शुरू से दिख रही थी। अंतत:भाजपा से ज्ञानेश्वर पाटील बुरहानपुर ने कांग्रेस से ठाकूर राजनारायण सिंह को 82 हजार मतों से हरा दिया। वर्ष 1952 और 1957 में कांग्रेस के बाबूलाल तिवारी का कब्जा रहा।मध्य प्रदेश के गठन उपरांत खंडवा में लोकसभा का पहला चुनाव वर्ष 1962 में हुआ था। कांग्रेस के महेश दत्ता ने पहले चुनाव में जीत हासिल की। कांग्रेस ने इसके अगले वर्ष 1967 और 1971 के चुनाव में भी जीत हासिल की। वर्ष 1977 में भारतीय लोकदल ने इस सीट पर कांग्रेस को हरा दिया। सांसद परमानंद गोविंदवाला के निधन के बाद खंडवा संसदीय सीट पर वर्ष 1979 में उपचुनाव हुए थे। इसमें भाजपा से कुशाभाऊ ठाकरे और कांग्रेस से शिवकुमार सिंह के बीच हुए मुकाबले में शिवकुमार सिंह को पराजय का सामना करना पड़ा था।

कांग्रेस ने वर्ष 1980 में यह सीट वापस छीन ली। तब शिवकुमार सिंह ने इस सीट पर कांग्रेस की वापसी कराई थी। वर्ष 1989 में कांग्रेस के कालीचरण सकरगाये ने चुनाव जीता। वर्ष 1989 में बीजेपी के अमृतलाल तारवाला ने इस सीट पर पहली बार खाता खोला। हालांकि वर्ष 1991 में उन्हे कांग्रेस के ठाकूर महेंद्रसिंह हाथों हार का सामना करना पड़ा।

1996 में बीजेपी की ओर से नंदकुमार चौहान चुनाव जीतने में भी कामयाब रहे। इसके बाद उन्होंने यहां से अगले तीन चुनाव जीते। वर्ष 2009 में अरुण सुभाष चंद्र यादव ने यहां पर कांग्रेस की वापसी कराई। वर्ष 2009 में हारने के बाद नंदकुमार ने एक बार फिर यहां पर वापसी की और अरुण सुभाष चंद्र यादव को मात दी। वहीं अब 19 वें लोकसभा उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी ज्ञानेश्वर पाटील ने कांग्रेस के राजनारायण सिंह को चुनाव में मात देकर भाजपा का कब्जा बरकरार रखा है।

पाटील को दिया प्रमाण पत्र

खंडवा लोकसभा उप निर्वाचन के लिए मतगणना नहाल्दा स्थित शासकीय आदर्श महाविद्यालय में हुई। मतगणना पश्चात खंडवा लोकसभा क्षेत्र से प्राप्त परिणाम अनुसार सर्वाधिक मत भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी ज्ञानेश्वर पाटील को प्राप्त हुए। उन्हें रिटर्निंग अधिकारी अनय द्विवेदी ने निर्वाचित घोषित कर प्रमाण पत्र सौंपा। इस मौके पर खंडवा विधायक देवेंद्र वर्मा, बुरहानपुर की पूर्व विधायक अर्चना चिटनिस भी मौजूद थीं। माना आभार लोकसभा उप निर्वाचन के लिए मतगणना की प्रक्रिया का कार्य मंगलवार को नहाल्दा स्थित शासकीय आदर्श महाविद्यालय में निर्बाध और शांतिपूर्ण ढंग से पूर्ण हुआ। कलेक्टर कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी अनय द्विवेदी ने मतगणना व्यवस्था में लगे जिले के सभी अधिकारी कर्मचारियों, जनप्रतिनिधियों, राजनीतिक दलों के पदाधिकारियों, अभ्यार्थियों व मीडिया प्रतिनिधियों का आभार माना है।

मांधाता और भीकनगांव में कांग्रेस को मिली जीत

लोकसभा की सभी आठ विधानसभा सीटों पर भाजपा जीत दर्ज नहीं करा सकी। मांधाता और भीकनगांव विधानसभा में मतदाताओं ने कांग्रेस को जीत दिलाई। कांग्रेस प्रत्याशी राजनारायण सिंह खंडवा जिले की मांधाता विधानसभा से ही है। यहां राजपूत सजातीय बंधुओं का समर्थन मिला। मांधाता से कांग्रेस को 64671 वोट मिले। जबकि भाजपा को 56184 वोट ही मिले। इसी तरह भीकनगांव से कांग्रेस को 69692 वोट मिले। जबकि भाजपा को 66728 वोट ही मिले। इधर भाजपा ने खंडवा, पंधाना, बड़वाह, बागली, बुरहानपुर और नेपानगर विधानसभा में जीत दर्ज कराई।

Posted By: Prashant Pandey

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