Khandwa Crime news: खंडवा (नईदुनिया प्रतिनिधि)। आनंद नगर में कांट्रेक्टर के घर हुई चोरी को पुलिस ने 24 घंटे में सुलझाते हुए दो आरोपितों को गिरफ्तार किया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) सीमा अलावा ने मामले की जानकारी दी। ड्राइवर और नाबालिग नौकर ने ही मिलकर दहेज में मिले 30 लाख के गहने और 59 हजार रुपये पर हाथ साफ किया था। मुख्य आरोपित ड्राइवर राजकुमार का जूता घटनास्थल पर मिला। इस जूते से पुलिस ने इस सनसनीखेज वारदात को सुलझाया है। पुलिस श्वान ने जूता सूंघकर चोर का सुराग दिया था।

जूते से चोर तक पहुंचा पुलिस श्वान

सोमवार को पुलिस कंट्रोल रूम में एएसपी सीमा अलावा और नगर पुलिस अधीक्षक (सीएसपी) पूनमचंद यादव ने बताया कि 21 नवंबर को निकुंज पुत्र राजेंद्र बसन स्वजनों के साथ जयपुर शादी में गए हुए थे। इस बीच रात में करीब 2ः30 बजे घर में चोरी हो गई। 27 नवंबर को जब निकुंज और स्वजन वापस आए तो घर में ऊपर वाले कमरे की अलमारी खुली हुई थी। पत्नी जान्हवी की अलमारी में रखे 59 हजार रुपये, सोने का सिक्का, हीरे का कंगन, चार सोने की चूड़ी, गोल्ड पालिश का सेट, सोने का सेट, हीरे का ब्रेसलेट, चोकर सेट, गले में पहनने का सोने का सेट, सोने के हाथ फूल, तीन सोने की चेन, दो सोने के लाकेट, चार सोने की अंगूठी, दो हीरे की रिंग, दो सोने के ब्रेसलेट, चांदी की चेन, चांदी का टीका और नथ नहीं थे।

पुलिस ने की छानबीन

निकुंज बंसल ने घर में हुई इस चोरी की शिकायत मोघट थाने में की थी। घटनास्थल पहुंचकर पुलिस को तलाशी में चोर के कुछ साक्ष्य मिले। इसके बाद पुलिस श्वान से भी सर्चिंग कराई गई। इसके बाद श्वान सर्चिंग करते हुए एक जूते के पास आकर रुक गया। उसने जूते को मुंह में उठा लिया। जूते के बारे में घर वालों से पूछा, उन्होंने बताया कि यह जूता उनके ड्राइवर राजकुमार उर्फ विक्की पुत्र हौसीलाल राठौर निवासी टाकली मोरी का है। करीब दो साल से वह उनके यहां ड्राइवर है। इसके बाद सीसीटीवी कैमरों के फुटेज देखे गए। फुटेज भी राजकुमार से मेल खा रहे थे। इसके बाद राजकुमार को उसके घर से पकड़ा गया। पूछताछ में उसने घर में काम करने वाले 17 वर्षीय किशोर के साथ चोरी करना कुबूल किया। राजकुमार के घर से सभी गहने जब्त किए गए हैं। नौ हजार रुपये आरोपितों ने खर्च कर दिए थे। राजकुमार ने 50 हजार रुपये पंजाब बैंक के अपने खाते में जमा कर दिए थे। इस वारदात को सुलझाने में मोघट थाना प्रभारी निरीक्षक ईश्वरसिंह चौहान, उप निरीक्षक उमेश कुमार लाखरे, एएसआइ चंद्रकांत सोनवणे, प्रधान आरक्षक महेंद्र वर्मा, आरक्षक अनुराग, राहुल, संतोष, अजय, निर्भयसिंह, पंकज, फिंगर प्रिंट टीम और श्वान स्क्वाड की अहम भूमिका रही। पुलिस अधीक्षक विवेक सिंह ने पुलिस टीम को पुरस्कृत करने की घोषणा की।

शिक्षिका के बैंक खाते से उड़ाए 45 हजार रुपये

आनंदनगर निवासी शिक्षिका संध्या श्रीमाली के पास राजकुमार ड्राइवर था। करीब छह माह तक उसने शिक्षिका के पास ड्राइवरी की। शिक्षिका छैगांवमाखन में पदस्थ है। वह उन्हें आनंद नगर से छैगांवमाखन लाना ले जाया करता था। वह अक्सर शिक्षिका का मोबाइल बात करने के लिए ले लेता था। इस बीच उसने शिक्षिका के मोबाइल से 45 हजार रुपये अपने खातें में डाल लिए थे। यह बात शिक्षिका को पता चली तो उसने उसे काम से निकाल दिया था। साथ ही रामेश्वर चौकी में राजकुमार की शिकायत की थी लेकिन चौकी में शिक्षिका की सुनवाई नहीं हुई। चौकी में तैनात पुलिसकर्मी मामले को टालने में लगे रहे। इसके चलते शिक्षिका ने सीएम हेल्पलाइन 181 पर भी रामेश्वर चौकी पुलिस की शिकायत कर रखी है। मोघट पुलिस अब इस मामले में राजकुमार पर धारा 420 में प्रकरण दर्ज करेगी।

Posted By: Nai Dunia News Network

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