Khandwa Dharma Samaj News: खंडवा (नईदुनिया प्रतिनिधि)। मोक्ष की आकांक्षा रखने वाला जीव ही मोक्ष मार्ग की ओर बढ़ता है। जिस तरह एक मोक्षार्थी को मोक्ष के सामने कुछ भी कीमती नहीं लगता, उसी प्रकार ज्ञानी को भी ज्ञान प्राप्ति का प्रत्येक अवसर अमूल्य प्रतीत होता है। ज्ञानार्जन के लिए ज्ञानी परिवार व समाज को भी गौण कर देता है।

यह बात जैन क्षुल्लिका विस्मिताश्री माताजी ने ज्ञान की महिमा बताते हुए रविवार को कही। उन्होंने कहा-हमें जिसकी भूख होती है, हम उसी के पीछे दौड़ लगाते हैं। संसार के सुख, सुख का आभास मात्र है। सच्चा सुख तो अपनी आत्मा का परमात्मा से मिलन कराना है। जो संसार के दुखों से डरता है वही पाप और कषाय आदि विकारी भावों व क्रियाओं से विरक्ति का प्रयास करता है। जैन आगम में संयम का बड़ा महत्व है। असंयमी जीव सदा ही आकुल व्याकुल परिणामों से घिरे रहते हैं। निराकुलता पूर्ण जीवन जीने के लिए मर्यादित चरित्र को अपनाना आवश्यक है।

ट्रस्ट के अविनाश जैन व सुनील जैन ने बताया-चातुर्मास के दौरान सराफा स्थित पोरवाड़ जैन धर्मशाला में सुबह जैन भूगोल, दोपहर में आचार्य अमितगति द्वारा रचित मरण कंडिका ग्रंथ व शाम को भक्तामर स्रोत्र का स्वाध्याय कराया जा रहा है। क्षुल्लिका संघ की आहारचर्या का अवसर निरुपमा प्रवीण बैनाड़ा व कुमकुम जड़ावचंद जैन परिवार ने प्राप्त किया। कार्यक्रम में दिलीप पहाड़िय़ा, अशोक पाटनी, पंकज सेठी, वीरेंद्र भटयांण, सुनील जैन, प्रवीण सेठी, कांतिलाल जैन आदि उपस्थित थे।

चार अगस्त को मनाया जाएगा मोक्ष सप्तमी पर्वः चार अगस्त को मोक्ष सप्तमी पर्व सकल दिगंबर जैन मुनि सेवा ट्रस्ट द्वारा मनाया जाएगा। अध्यक्ष विजय सेठी ने बताया-क्षुल्लिका संघ के सान्निध्य में पार्श्वनाथ भगवान का मोक्ष कल्याणक पर्व मनाया जाएगा। जिसके अंतर्गत सुबह जिनेन्द्र पालकी यात्रा, अभिषेक व शांतिधारा के साथ पार्श्वनाथ पूजन और निर्वाण लाड़ू चढ़ाया जाएगा। नगर के सभी मंदिरों में अभिषेक, निर्वाण कांड व पूजन, आरती आदि क्रियाएं होंगी। मुख्य कार्यक्रम सराफा धर्मशाला में होगा।

Posted By: Nai Dunia News Network

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