खंडवा (नईदुनिया प्रतिनिधि)। गणेश विसर्जन के कुछ ही दिन शेष हैं। इसे देखते हुए कलाकार झांकी को अंतिम रूप देने में लगे हुए हैं। महादेवगढ़ ने इस बार काशी विश्वनाथ मंदिर की झांकी बनाई है। इसे निहारने के लिए श्रद्धालु पहुंचने लगे हैं। इधर शिवाजी चौक गणेश मंडल द्वारा राम मंदिर की झांकी को अंतिम रूप दिया जा रहा है। शिवाजी चौक पर झांकी को श्रद्धालुओं के लिए रखा जाएगा। इसके अलावा शहर के अन्य क्षेत्रों में भी झांकी बनाने काम चल रहा है। हालांकि इस बार जिला प्रशासन ने कोरोना से बचाव को लेकर झांकी चल समारोह पर प्रतिबंध लगाया है।

झांकी पर की गई आकर्षक विद्युत सज्जा

महादेवगढ़ मंदिर में अखंड मार्ग को लेकर निकलने वाली झांकी बनकर तैयार हो गई है। शाम होते ही आकर्षक विद्युत सज्जा से सजी झांकी को निहारने श्रद्धालु महादेवगढ़ पहुंच रहे हैं। महादेव गढ़ मंदिर संरक्षक अशोक पालीवाल ने बताया कि गत वर्ष महादेव गढ़ मंदिर द्वारा राम मंदिर की झांकी बनाई गई थी। अब अयोध्या में श्रीराम मंदिर का काम प्रारंभ हो चुका है। काशी विश्वनाथ मंदिर के स्थान से धर्म स्थल हटे और मूल स्थान पर भगवान काशी विश्वनाथ का भव्य मंदिर बने इस प्रार्थना के साथ इस वर्ष महादेवगढ़ मंदिर द्वारा भगवान काशी विश्वनाथ मंदिर की झांकी बनाई गई हैं। इस वर्ष महादेव का मंदिर में गणेशजी के दस प्रमुख स्वरूपों की झूलों में स्थापना की गई है। काशी विश्वनाथ मंदिर की झांकी भक्तों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। महादेवगढ़ मंदिर के पंडित अश्विन खेड़े, पंडित विवेक भटूरे, नीरज खेड़े, रूद्र पगारे और सिद्धार्थ उपाध्याय के द्वारा 108 गणपति अथर्वशीर्ष का पाठ कर प्रार्थना की गई कि भगवान काशी विश्वनाथ मंदिर की मूल स्थान पर स्थापना हो।

राम मंदिर की झांकी को अंतिम रूप देने में जुटे कलाकार

शिवाजी चौक गणेश मंडल राम मंदिर की झांकी बना रहा है। गणेश मंडल के अध्यक्ष राहुल नामदेव ने बताया कि राम मंदिर की झांकी बनाने का काम पांच सितंबर से शुरू कर दिया गया था। शिवाजी चौक पर मंदिर के पास ही मंडल के युवकों की मदद से झांकी बना रहे हैं। झांकी में श्रद्धालु भगवान राम और सीता माता के दर्शन कर सकेंगे। झांकी का मूल स्वरूप अयोध्या में बन रहे राम मंदिर पर आधारित है। गणेश विसर्जन के एक दिन पहले झांकी को शिवाजी चौक गणेशजी के पंडाल के पास रख दिया जाएगा। कोरोना गाइड लाइन का पालन करते हुए श्रद्धालु झांकी निहार सकेंगे। फिलहाल झांकी चल समारोह निकालने की अनुमति प्रशासन ने नहीं दी है। इसके चलते झांकी को श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए चौराहे पर खड़ा कर दिया जाएगा। झांकी का अधिकांश काम हो गया है। कुछ ही काम शेष रह गया है। उसे भी एक दो दिन में पूरा कर लिया जाएगा।

Posted By: Nai Dunia News Network

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