* पूर्व विधायक सिंह ने दी चेतावनी- अभी निवेदन करने आया हूं, बाद में ईंट से ईंट से बजा दूंगा खंडवा। नईदुनिया प्रतिनिधि

अंतरराष्ट्रीय पर्यटन स्थल हनुवंतिया हमारे गांव के पास है, तीन किलोमीटर दूर इसका बैक वॉटर है। इसके बावजूद पुरनी और बिजौरामाफी में अब तक लोग जलसंकट से जूझ रहे हैं। दो साल पहले मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पुरनी पुनर्वास तक पानी पहुंचाने और फिल्टर प्लांट लगाने की घोषणा की थी लेकिन अब तक यह पूरी नहीं हो सकी। पुरनी तक पानी पहुंचाओ नहीं तो हम थर्मल पॉवर बंद करा देंगे। अभी निवेदन करने आया हूं, बाद में ईंट से ईंट बजा दूंगा।

यह चेतावनी पूर्व विधायक राजनारायण सिंह ने गुरुवार को जिला पंचायत सभागृह में सीईओ वरदमूर्ति मिश्र को दी। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायत के पास राशि है, सरपंच और पंचायत सदस्य राशि देकर गांव तक पानी लाने को तैयार हैं लेकिन कोई प्रस्ताव ही तैयार नहीं हो रहा। पूर्व विधायक ने गांव में शौचालय निर्माण में भी भ्रष्टाचार का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि गांव में शौचालय निर्माण की राशि तो जारी हो गई है लेकिन ग्रामीणों के घर शौचालय नहीं बने हैं। बिजौरामाफी और पुरनी पुनर्वास में छह हजार से अधिक जनसंख्या है। आदिवासी और अनुसूचित जाति बहुल इस इलाके में कोई शासकीय अधिकारी ध्यान नहीं दे रहा है। प्रजातंत्र में प्रजा मालिक होती है। अभी आपसे निवेदन कर रहे हैं, बाद में सीधे आंदोलन करेंगे। उनके साथ मांधाता युवा कांग्रेस के अध्यक्ष उत्तमपालसिंह पुरनी और बड़ी संख्या में ग्रामीण भी यहां पहुंचे। सभागृह में करीब आधे घंटे तक सीईओ मिश्र ने ग्रामीणों की समस्याएं सुनी और जल्द कार्रवाई का आश्वासन दिया।

कलेक्टर से मांगा था समय, सीईओ मिले

बिजौरामाफी और पुरनी से पूर्व विधायक के साथ आए ग्रामीणों ने पहले कलेक्टर अभिषेक सिंह से मिलने का समय मांगा था, पहले वे दोपहर तीन बजे कलेक्टोरेट पहुंचने वाले थे लेकिन कलेक्टर सिंह को आवश्यक मिटिंग में जाने के कारण उन्होंने सीईओ को ग्रामीणों से मिलने भेजा। पूर्व विधायक सिंह ने कहा कि ग्रामीणों की मांग जरूरी हैं। उन्होंने सीईओ से कहा कि आप तो प्रस्ताव बनवाओ मैं भोपाल तक जाकर कार्य स्वीकृत कराऊंगा।

घोषणा हुई पर कागजों से गायब

मांधाता युवा कांग्रेस अध्यक्ष उत्तमपाल सिंह ने कहा कि बिजौरामाफी और पुरनी पुनर्वास से महज तीन किलोमीटर दूर इंदिरा सागर का बैक वॉटर है। सीएम चौहान ने दो साल पहले गांव तक पानी लाने की घोषणा की थी लेकिन अब शासकीय रिकॉर्ड से ही वह घोषणा गायब हो गई है। ऐसे में ग्रामीण परेशान हैं। तीन किलोमीटर की पानी लाकर गांव के जलसंकट को दूर किया जा सकता है।

यह कहा ग्रामीणों ने

- बसुबाई ने कहा कि हमारे घर में अब तक शौचालय नहीं बना है। मुझसे चलते नहीं बनता और पति शोभाराम को दिखाई नहीं देता। ऐसे में हमें बहुत परेशान होना पड़ता है।

- सरपंच सलोकी बाई निंबोले ने कहा कि हमारे गांव से मात्र तीन किलोमीटर दूर बैकवॉटर है। हमारे गांव तक पानी की मांग को लेकर आए हैं, जल्द कार्रवाई होना चाहिए।

- उप सरपंच विश्वजीतसिंह गौड़ ने कहा कि गांव पेयजल की भी समस्या है। इसके साथ ही ग्रामीण मंदिर निर्माण की भी मांग कर रहे हैं। ग्रामीणों ने मांगों के ज्ञापन जिला पंचायत में जमा किए हैं।

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