खंडवा। नईदुनिया प्रतिनिधि

कायाकल्प अभियान की प्रदेश स्तरीय टीम ने शुक्रवार को जिला अस्पताल का दौरा किया। इस दौरान फीमेल मेडिकल वार्ड के निकट लगे वॉटर कूलर के आसपास पसरी गंदगी पर सदस्यों ने नाराजगी जताई। साथ ही पेयजल टंकी और कूलर की सफाई आदि की चेक लिस्ट नहीं मिलने पर इसे सेवा में कमी माना। इसी तरह ट्रामा सेंटर के कक्ष में रखा सामान भी अव्यवस्थित मिला। कायाकल्प की गाइड लाइन के अनुसार दस्तावेजों का रखरखाव नहीं मिलने पर टीम ने सुधार की ताकीद दी है।

प्रदेश में पिछले तीन वर्षों से कायाकल्प की दौड़ में उल्लेखनीय मुकाम हासिल करने वाले जिला अस्पताल का दो सदस्यीय एक्सटर्नल आंकलन टीम ने निरीक्षण किया। इस दौरान सामने आई कमियों में सुधार के लिए अस्पताल प्रबंधन को ताकीद देने के साथ ही आयुष्मान भारत योजना और मरीजों को दी जा रही सुविधाओं की तारीफ की। वर्ष 2015-16 में शुरू हुई कायाकल्प योजना के चौथे चरण में शामिल जिला अस्पताल का प्रदेश स्तरीय टीम में शामिल डॉ. अतुल मालाकार और डॉ. श्याम ने दोपहर 12 बजे से शाम तक समीक्षा की। मरीजों की पर्ची बनने के काउंटर से मुआयना शुरू कर महिला चिकित्सक तक व्यवस्थाएं देखी। वार्डों में पहुंच कर मरीजों से उपचार के अलावा स्टाफ के व्यवहार के बारे पूछताछ की। इस पर अधिकांश मरीजों ने संतुष्टि जताई लेकिन कुछ मरीजों ने चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की सेवाओं में सुधार का सुझाव दिया। ओपीडी में मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर शाम के समय नहीं मिलने पर टीम ने आपत्ति दर्ज करवाई। निरीक्षण के दौरान सिविल सर्जन डॉ. ओपी जुगतावत, आरएमओ डॉ. शक्ति सिंह राठौर तथा कायाकल्प प्रभारी डॉ. जीएस छाबड़ा मौजूद रहे।

आंतरिक आंकलन में 82 अंक

कायाकल्प अभियान के लिए अस्पताल प्रबंधन एक-डेढ़ माह से व्यवस्थाओं में सुधार की कवायद में जुटा है। इस आधार पर अस्पताल प्रबंधन ने स्वयं को 82 अंक दिए हैं। यदि एक्सटर्नल असीसमेंट में अस्पताल इसके आसपास रहता है तो प्रदेश में दूसरा स्थान पुनः हासिल कर सकता है। वर्ष 2015-16 और 2016-17 में खंडवा द्वितीय स्थान हासिल कर चुका है। वहीं वर्ष 2017-18 में तृतीय स्थान पर खिसक गया था।

दे रहे विशेष ध्यान

कायाकल्प टीम द्वारा अस्पताल की व्यवस्थाओं का आंकलन किया है। इस आधार पर जिले की रैंक तय होगी। टीम द्वारा बताई गई व्यवस्थाओं में सुधार कर सेवाओं को बेहतर बनाया जाएगा। कायाकल्प में पोजीशन की बजाय मरीजों को सुचारू और शासन की मंशानुसार सेवाएं उपलब्ध करवाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। - डॉ ओपी जुगतावत, सिवलि सर्जन

ऐन मौके पर बुलाई बायोमैट्रिक थंब इंप्रेशन मशीन

स्वच्छ सर्वेक्षण : आधार अपडेट नहीं होने से अधिकांश सफाईकर्मियों की नहीं लग सकी हाजरी

खंडवा। नईदुनिया प्रतिनिधि

स्वच्छ सर्वेक्षण शुरू होने से पहले ऐन मौके पर नगर निगम द्वारा सफाईकर्मियों की हाजरी लगाने के लिए छह थंब इंप्रेशन मशीनें बुलाई गई हैं। शुक्रवार को इन मशीनों से सफाईकर्मियों की हाजरी का ट्रायल लिया गया तो अधिकांश के आधार अपडेट नहीं पाए गए। ऐसे में सफाईकर्मियों को आधार कार्ड अपडेट कराने के निर्देश दिए गए हैं।

केंद्र शासन द्वारा दी गई गाइड लाइन के बिंदुओं को पूरा करने में बरती जा रही नगर निगम की लापरवाही स्वच्छता सर्वेक्षण के नंबर घटा सकती है। सर्वेक्षण के लिए दिल्ली की टीम कभी भी आ सकती है। टीम द्वारा सर्वेक्षण के दौरान इस पाइंट को भी देखा जाएगा कि सफाईकर्मियों की हाजरी बायो मैट्रिक थंब इंप्रेशन मशीन के जरिए लग रही है या नहीं। निगम की ओर से इस दिशा में काम ही नहीं किया गया। ऐन मौके पर शनिवार को सभी छह जोन के लिए अलग-अलग मशीनें बुलाई गईं।

सिविल लाइन स्थित जोन कार्यालय में दोपहर को कुछ सफाईकर्मियों को बुलाकर इनसे मशीनों पर अंगूठे लगवाए गए। इस दौरान कुछ सफाईकर्मियों के तो बायोमैट्रिक थंब इंप्रेशन मैच हो गए लेकिन कुछ को मायूस होकर लौटना पड़ा। विदित हो कि पिछले वर्ष भी इसी तरह की ताबड़तोड़ तैयारी करके सफाईकर्मियों की हाजरी थंब इंप्रेशन से ली गई थी। सर्वेक्षण के बाद व्यवस्था चौपट हो गई। सहायक ई-गवर्नेंस अधिकारी अंकित पंवार ने बताया कि थंब इंप्रेशन मशीनें मप्र ई-नगर पालिका के पोर्टल से लिंक हैं। इसी मशीन से हाजरी लगाए जाने के निर्देश हैं। जब तक आधार कार्ड अपडेट नहीं होंगे, हाजरी नहीं लग सकेगी। प्रभारी स्वास्थ्य अधिकारी मोहम्मद शाहीन के अनुसार सफाईकर्मियों को आधार कार्ड अपडेट कराने के लिए निर्देशित किया गया है।

जागरूकता के लिए लगा रहे पोस्टर

स्वच्छता जागरूकता के लिए सार्वजनिक क्षेत्रों में पोस्टर-बैनर लगाने का काम पहले हो जाना था लेकिन टीम के आने से पहले ऐन मौके पर ताबड़तोड़ व्यवस्था जुटाई जा रही है। शुक्रवार को सिविल लाइन क्षेत्र, तीन पुलिया क्षेत्र सहित अन्य क्षेत्रों में बैनर लगाए गए। निगम से मिली जानकारी के अनुसार हर वार्ड में तीन-तीन बैनर लगाए जा रहे हैं।

दिनभर करते हैं टीम का इंतजार

नगर निगम का स्वास्थ्य अमला आमदिनों की तुलना में शुक्रवार को अधिक अलर्ट रहा। दिल्ली से ओडीएफ प्लस सर्वेक्षण के लिए टीम आने की संभावना के चलते अधिकारी दिनभर इंतजार करते रहे। हालांकि शाम चार बजे तक टीम नहीं आई। अधिकारियों के अनुसार संभवतः सोमवार को टीम सर्वेक्षण के लिए आएगी।