ोटो 10केएचए- 26 नए बस स्टैंड पर इक्का-दुक्का बसें आई वो भी फेरा लगाकर चली गईं।

अव्यवस्था : पुराने और नए बस स्टैंड को लेकर फिर उलझे यात्री, जिम्मेदारों को कोसा

खंडवा। नईदुनिया प्रतिनिधि

भैया धामनोद और महेश्वर जाने वाली बस यहां कब लगेगी...कोई बताएगा धामनोद की बस यहां क्यों नहीं आई.. हम बच्चों के साथ कब तक बैठेंगे, यही बता दो कि बस आएगी या नहीं। यहां आकर बुरे फंस गए, चलो यहां बैठने से काम नहीं चलेगा। पुराने बस स्टैंड से ही सीट पर मिलेगी।

कुछ इसी तरह का संवाद रविवार को जूनी इंदौर लाइन स्थित श्रीधूनीवाले दादाजी बस स्टैंड पर पहुंचे यात्रियों के बीच सुनने को मिले। रविवार को इस बस स्टैंड पर इक्का-दुक्का बसें ही आईं। लगभग पूरे दिन यहां सूनापन छाया रहा। शनिवार को प्रभारीमंत्री तुलसी सिलावट ने निर्देश दिए थे कि दोनों बस स्टैंड से बसों का संचालन पहले की तरह किया जाए। इस आदेश के बाद से इंदौर, खरगोन, बुरहानपुर, महेश्वर और धामनोद रूट की बसें पुराने बस स्टैंड से चलना शुरू हो गईं। रविवार को तो नया बस स्टैंड स्टॉपेज की तरह हो गया। कुछ बसें यहां पहुंचीं लेकिन रूकी नहीं। एक फेरा लगाकर रवाना हो गई। दिनभर यात्री परेशान होते रहे। दिनभर यहां से सवारी ढोने वाले कुछ ऑटो चालक मायूस नजर आए तो कुछ आक्रोशित दिखे। इनका कहना था कि हमारा तो रोजगार ही बंद हो गया। इधर यात्रियों में भी व्यवस्था बदलने से नाराजगी देखी गई। प्रभारीमंत्री ने जिला योजना समिति की बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए थे कि यात्रियों की सुविधा का ध्यान रखा जाए लेकिन जिला प्रशासन ने दोनों ही बस स्टैंड पर यह सूचना चस्पा करना उचित नहीं समझा कि पुराने बस स्टैंड से इंदौर, खरगोन और बुरहानपुर रूट की बसें शुरू कर दी गई हैं।

हमें ऑटो वाला यहां छोड़ गया

नए बस स्टैंड पर करीब आधे घंटे से बस का इंतजार कर रही महिलाओं ने कहा कि हम धामनोद जाने के लिए बस का इंतजार कर रहे हैं। परिवार के जगदीश वर्मा ने कहा कि भामगढ़ से पुराने बस स्टैंड गए थे। वहां से ऑटो चालक 10-10 रुपए में नए बस स्टैंड पर ले आया। उसने यह बताया कि बस नए स्टैंड से ही मिलेगी। अब यहां लोग बता रहे हैं कि पुराने बस स्टैंड पर जाना पड़ेगा। ऑटो करके अब वापस लौटने का इंतजाम कर रहे हैं। पता नहीं अब बस मिलेगी या नहीं। इसी तरह महेश्वर जाने के लिए परिवार के साथ आई महिला ने बताया कि उन्हें माहेश्वर जाना है लेकिन बताया जा रहा है कि यहां बस नहीं आएगी। महिला के भाई अभिषेक सेन ने कहा कि बस में सीट पाने के लिए पुराने स्टैंड पर ही जाना पड़ेगा। वह परिवार को बाइक पर बैठाकर पुराने स्टैंड पर ले गए। यहां ऐसे कई यात्री मिले जिन्हें ऑटो चालक यह कहकर ले आए थे कि बस मिल जाएगी। ये यात्री स्वयं को ठगा महसूस करते रहे। अव्यवस्था से नाराज यात्रियों ने जिम्मेदार अधिकारियों को कोसा। यात्रियों ने कहा कि यदि व्यवस्था बदली गई तो इसकी सूचना दोनों ही स्टैंड पर चस्पा की जानी चाहिए थे।

पुराने स्टैंड पर बढ़ा ट्रैफिक का दबाव

इधर पुराने बस स्टैंड से इंदौर और अन्य रूट की बसें संचालित होने से ट्रैफिक का दबाव बढ़ गया। बार-बार जाम की स्थिति बनती रही। यहां व्यवस्था को काबू करने के लिए एक भी ट्रैफिक जवान की ड्यूटी नहीं लगाई गई थी। यहां से यात्रियों को बैठाने के बाद बस जूनी इंदौर लाइन के बस स्टैंड पर एक राउंड लगाकर रवाना हो रही थी।

दूसरी बार बनी असमंजस की स्थिति

बसों के संचालन को लेकर बदली स्थिति को लेकर यात्रियों को दूसरी बार इस तरह की समस्या का सामना करना पड़ा। 26 जनवरी को प्रभारी मंत्री के खंडवा आगमन पर भी बस चालकों ने यहां से बसों का संचालन बंद करके पुराने स्टैंड पर बसें खड़ी कर ली थीं। दो दिन तक व्यवस्था गड़बड़ाती रही। इसके बाद पुलिस द्वारा सख्ती बरतने पर नए स्टैंड से बसें चलने लगी थीं। शनिवार को प्रभारी मंत्री द्वारा दोबारा आदेश दिए जाने के बाद फिर वही स्थिति निर्मित हो गई।