अनदेखी : प्रस्ताव तक ही सिमटकर रह गया नवाचार

खंडवा। नईदुनिया प्रतिनिधि

शहर में ट्रैफिक पार्क मूर्तरूप नहीं ले पा रहा है। यह के वल प्रस्ताव तक ही सिमट कर रह गया है। सिविल लाइन क्षेत्र में जिला पंचायत कार्यालय के सामने जमीन मिलने के बाद भी करीब दो साल ट्रैफिक पार्क के निर्माण का काम अटका हुआ है।

ट्रैफिक नियमों के प्रति लोगों में जागरुकता की कमी बनी हुई है। इसे देखते हुए यातायात के संके तक और नियमों का पाठ पढ़ाने के लिए ट्रैफिक पार्क का प्रस्ताव रखा गया था। इस प्रस्ताव को पारित हुए करीब दो साल से अधिक हो गए हैं। प्रस्ताव के पारित होने के बाद पुलिस को ट्रैफिक पार्क के लिए सिविल लाइन क्षेत्र में जिला पंचायत कार्यालय के सामने जमीन भी आंवटित हो गई। इसके बाद भी ट्रैफिक पार्क नहीं बन पाया है। बताया जाता है कि ट्रैफिक पार्क बनाने के पीछे पुलिस अधिकारियों की यह मंशा रही कि कि सी भी तरह से बच्चों को यातायात नियमों का पाठ पढ़ाया जा सके । सड़क पर चलते समय बरती जाने वाली सावधानियां, संके तक का ज्ञान और यातायात नियमों के बारे में बताया जा सके लेकि न ट्रैफिक पार्क का यह प्रस्ताव के वल कागजों तक ही सीमित होकर रह गया है। ट्रैफिक थाने के दो डीएसपी बदल गए हैं लेकि न पार्क अब भी नहीं बन पाया है। पार्क के लिए मिली जमीन पर काम शुरू ही नहीं हो पाया है।

यह होता फायदा

ट्रैफिक पार्क का स्कू ली बच्चे और युवाओं को फायदा मिलता। यातायात के नियमों से वे अच्छी तरह से वाकि फ होते। यातायात के संके तक की उन्हें जानकारी मिलती। वाहन चलाते समय बरती जाने वाली सावधानियों से भी वे पार्क के माध्यम से समझ पाते। लोगों के लिए यह एक आकर्षण का कें द्र होता। विशेष तौर पर स्कू ली बच्चों के लिए यह एक शिक्षा का कें द्र होता। वे भविष्य में यातायात नियमों के प्रति जागरुक हो जाते।

यह नहीं हो पाया

शहर में ट्रैफिक सिग्नल शुरू नहीं हो पाए हैं। शेर तिराहा और अग्रसेन चौराहे पर लगे हुए ट्रैफिक सिग्नल शुरू होने से पहले ही खराब हो गए। इसका लाभ भी शहरवासियों को नहीं मिल पाया। इंदिरा चौक, जनपद तिराहा, शिवाजी चौक, अंबेडकर तिराहा, धर्मकांटा तिराहा, माखनदादा चौराहा, नगर निगम जोन तिराहा, रामनगर चौराहा, माता चौक, जलेबी चौक, लालचौकी, बजरंग चौक, कहारवाड़ी चौराहा, पड़ावा चौक और रामेश्वर तिराहे पर वाहनों का आवागमन होने के बाद भी ट्रैफिक पाइंट नहीं बनाए गए हैं। यहां पुलिसकर्मियों की ड्यूटी नहीं लगती है। रेलवे स्टेशन तिराह से बाम्बे बाजार, घंटाघर और नगर निगम कार्यालय तक ठेला व्यवसायियों पर रोक नहीं लग पायी है। बॉम्बे बाजार नो हाकर्स जोन घोषित होने के बाद भी ठेले लग रहे हैं। पुलिसकर्मी उन्हें सख्ती से नहीं हटा पा रहे हैं।