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ओंकारेश्वर बांध के पांच गेटों से नर्मदा नदी में छोड़ा जा रहा पानी।

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ओंकारेश्वर बांध के गेटों की ऊंचाई बढ़ने से नर्मदा और कावेरी नदी में आया उफान।

- इंदिरा सागर और ओंकारेश्वर बांध के गेटों की बढ़ाई ऊंचाई

-नर्मदा और कावेरी नदी का फिर बढ़ा जलस्तर-

खंडवा/ओंकारेश्वर। नईदुनिया प्रतिनिधि

नर्मदा घाटी के ऊपरी क्षेत्र में बारिश और बरगी व तवा बांध के गेट खुलने से इंदिरा सागर जलाशय का जलस्तर बढ़ने पर बांध के गेटों की ऊंचाई बढ़ा दी गई है। पूर्व में एक मीटर तक खुले 12 गेट को डेढ़ मीटर तक बढ़ा दिया है। इससे नर्मदा का जलस्तर फिर बढ़ गया है। शाम छह बजे से इंदिरासागर बांध के 12 गेट से लगभग 4400 क्यूमैक्स तथा आठ टरबाइनों से 1840 क्यूमैक्स पानी नर्मदा नदी में छोड़ा जा रहा है। इंदिरा सागर बांध से छोड़े जा रहे पानी की वजह से ओंकारेश्वर बांध के गेटों की ऊंचाई में वृद्धि की गई है। इससे ओंकारेश्वर में बांध के निचले हिस्से में नर्मदा और कावेरी नदी में उफान आ गया है। बांध से छोड़े जा रहे पानी की मात्रा में वृद्धि को देखते हुए एनएचडीसी और जिला प्रशासन की ओर से अलर्ट जारी किया गया है।

बरगी और इंदिरा सागर बांध का पानी ओंकारेश्वर बांध में आने के कारण एक सप्ताह से गेट खुले हुए हैं। शुक्रवार को जहां पांच गेटों की ऊंचाई आधा मीटर थी वहीं पानी की आवक अधिक होने से शनिवार को इन गेटों की ऊंचाई बढ़ाकर चार मीटर तक कर दी गई। बांध के गेट व टरबाइन से छोड़े गए पानी के कारण नर्मदा और कावेरी नदी में फिर बाढ़ की स्थिति बन गई है।

ओंकारेश्वर बांध के महाप्रबंधक आरके सोलंकी ने बताया कि इंदिरा सागर बांध से करीब 62240 क्यूमैक्स पानी की आवक हो रही है। इसके कारण ओंकारेश्वर बांध में भी पानी की भरपूर आवक हो रही है। बांध का जलस्तर सामान्य रखने के लिए पांच गेटों से पांच हजार क्यूमैक्स और आठों टरबाइनों से 1920 क्मैयूक्स टोटल 6920 क्यूमैक्स पानी प्रति सेकंड नर्मदा नदी में छोड़ा जा रहा है।

खंडवा, खरगोन, बड़वानी, धार, धामनोद, बड़वाह, सनावद, मोरटक्का क्षेत्र में हाई अलर्ट कर दिया है। इंदिरा सागर बांध से तेजी से ओंकारेश्वर बांध में पहुंच रहा है। बांध का जलस्तर 193 मीटर पहुंचने के पहले गेटों की ऊंचाई बढ़ाकर जलस्तर नियंत्रण किया जा रहा है। सोलंकी ने बताया कि रात्रि में और भी गेटों की संख्या बढ़ाई जा सकती है।

एसडीएम ममता खेड़े ने बताया कि इंदिरा सागर व ओंकारेश्वर बांध के गेट खोलने के कारण ओंकारेश्वर के नीचे वाले भाग में नर्मदा नदी का जलस्तर बढ़ा है। लोगों को सूचित कर दिया गया है कि दोनों ही बांध के गेटों को खोलने की संख्या कम-ज्यादा होती रहेगी। इसे देखते हुए नर्मदा नदी के किनारों से दूर रहें।

ओंकारेश्वर थाना प्रभारी जगदीश पाटीदार ने बताया कि ओंकारेश्वर बांध के गेट की ऊंचाई बढ़ाने के बाद नर्मदा नदी का जलस्तर बढ़ा है। घाटों पर होमगार्ड व पुलिस जवानों को लगा दिया गया है। ओंकारेश्वर मंदिर ट्रस्ट व नगर पंचायत के उद्घोषणा केंद्रों से भी लोगों को घाटों पर नहीं जाने की हिदायत दी जा रही है। गुरुवार व शुक्रवार को बांध से पानी कम छोड़ने के कारण घाट खुले थे। शनिवार को ऊपरी भाग में बने बांधों से पानी छोड़े जाने के कारण सभी घाट जलमग्न हो चुके हैं।