- ओम नमः शिवाय मिशन के रजत जयंती कार्यक्रम में प्रमोद महाराज ने कहा

ओंकारेश्वर। नईदुनिया प्रतिनिधि

ओम नमः शिवाय मिशन शिवकोठी द्वारा संचालित होने वाली सभी मानव सेवा गतिविधियां स्तुत्य हैं। जब कोई व्यक्ति जनसेवा की भावना से आगे आता तो वह महान बनता है। इसी तरह जब कोई संघ लोक सेवा की भावना से तत्पर होकर जनसेवा में झुकता तो वह शिवोहम भारती हो जाता है।

यह बात स्वामी प्रमोद महाराज ने शनिवार को मोरटक्का-ओंकारेश्वर मार्ग पर ग्राम शिवकोठी में स्थित ओम नमः शिवाय मिशन की रजत जयंती पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कही। तीन दिवसीय कार्यक्रम के तहत शनिवार को प्रथम दिवस सुबह 9.30 बजे नकेश्वर महादेव के समक्ष दीप प्रज्जवलन कर वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजापाठ और ध्वजारोहण किया गया। इसके पश्चात मंच पर उपस्थित खंडवा निवासी ललित निबंधकार डॉ. श्रीराम परिहार, महामंडलेश्वर स्वामी परमानंद महाराज, स्वामी वेदन महाराज, महंत सुरेंद्र गिरी और प्रमोद महाराज का स्वागत किया गया।

डॉ. परिहार ने कहा कि स्वामी शिवोहम भारती महाराज ने पवित्र नदी गंगा तथा नर्मदा के निकट तपस्या की है। उन्होंने कहा कि गंगा देव नदी और नर्मदा सेवा व साधना की नदी है। स्वामी शिवोहम भारती ने अपनी तपस्या हिमालय पर करने के बाद यहां आकर सेवा कार्यों को साकार कर रहे हैं। स्वामी वेदर महाराज ने गीता के उदाहरण देते हुए स्वामी भारती को योगी कहा। उन्होंने कहा कि स्वामीजी ने तपस्या से प्राप्त शक्तियों को जनकल्याण के कार्यों में खर्च किया। उन्होंने ओम नमः शिवाय महामंत्र के लेखन और संकीर्तन से लोगों को जोड़ा तथा अभियान से लोगों को जोड़कर उनके मोक्ष का मार्ग खोला है। सुरेंद्र महाराज ने कहा कि अत्यंत सरलता के साथ अपने साधकों की उन्नाति के लिए स्वामी शिवोहम भारती महाराज कार्य कर रहे हैं। उन्होंने ओम नमः शिवाय मिशन के संस्थापक अध्यक्ष स्वामीजी महाराज के प्रारंभिक दिनों से लेकर अभी तक की यात्रा को अपने शब्दों में दोहराया। इस अवसर पर स्वामी शिवोहम भारती ने भी संबोधित किया। उन्होंने कहा कि नमः शिवाय मंत्र के प्रचार-प्रसार के लिए अनवरत कार्य करते रहेंगे। इसके साथ ही संकीर्तन का कार्य भी जारी रहेगा। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में साधक मौजूद थे।