- व्यापारी मोनू जैन की पत्नी ने आईजी को लिखा पत्र

- बच्चे सहित आत्महत्या करने की दी चेतावनी

खिरकिया। नईदुनिया न्यूज

किसानों के साथ धोखाधड़ी के मामले में पुलिस रिमांड पर चल रहे आरोपित व्यापारी मोनू जैन की पत्नी भारती जैन द्वारा लगातार पुलिस पर संगीन आरोप लगाए जा रहे हैं। भारती ने पति की जान को खतरा बताते हुए चेतावनी दी है कि पुलिस रिमांड अवधि में कुछ अनहोनी होने पर वे बच्चे के साथ आत्महत्या कर लेंगी। इस संबंध में उन्होंने एक और आवेदन आईजी होशंगाबाद आशुतोष राय को दिया है।

भारती ने आवेदन में पूरे मामले की सीबीआई से जांच कराए जाने की मांग की है। उन्होंने पति को रिमांड के दौरान शारीरिक व मानसिक पीड़ा दिए जाने की बात कही है। पति से पुलिस द्वारा जबरदस्ती कागजों पर हस्ताक्षर कराए जा रहे हैं। उनके द्वारा किसी के साथ धोखाधड़ी नहीं की गई है। पहले भी सभी किसानों को उपज का भुगतान किया गया है। जिन किसानों की उपज खरीदी उसका भुगतान करने को तैयार है। पति द्वारा किसी भी रिश्तेदार को पैसा नहीं दिया गया और न ही कोई अमानत की राशि रखी गई है। बावजूद इसके थाना प्रभारी राजेश साहू द्वारा परिवारजन और रिश्तेदारों को प्रताड़ित किया जा रहा है। पति, जेठ व अन्य रिश्तेदारों को पुलिस द्वारा प्रताड़ित करने की शिकायत नौ अक्टूबर को की गई थी। इसके बाद भी पुलिस द्वारा पति को 17 अक्टूबर तक रिमांड ली गई है।

भारती जैन ने आईजी को लिखे पत्र में बताया कि पुलिस उनके पति को जान से मारने की योजना बना रही है। उन्होंने कहा कि पूर्व में दिए गए आवेदन के बाद भी पुलिस के व्यवहार में कोई परिवर्तन नहीं आया है। यदि यही हाल रहा और मेरे पति को किसी भी प्रकार की क्षति पहुंची तो अपने दोनों बच्चो के साथ आत्महत्या कर लूंगी।

इस संबंध में टीआई राजेश साहू ने बताया कि व्यापारी जैन से धोखाधड़ी के मामले में पूछताछ की जा रही है। रिमांड अवधि में पत्नी द्वारा पति की हत्या की साजिश करने का आरोप निराधार है। जांच प्रभावित करने के लिए आरोपित की पत्नी द्वारा झूठी शिकायत की जा रही है।

धर्म क्रिया करने का फल है मोक्ष : दिलीपमुनि

खिरकिया। हमें धर्म पुण्य के प्रताप से मिला है। धर्म क्रिया करने का फल मोक्ष है। जीव उत्कृष्ट रूप से पुण्य का बंध करता है। माया करने से पाप बंधते हैं। संसार में सारे खेल पुण्यवाणी के ही हैं। यह बात श्वेतांबर जैन संत दिलीपमुनि ने धर्मसभा को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि अगर जीव आराधना करेगा तो समझना लेना चाहिए कि घर में धर्म उतरा है। कर्म के उदय से जीव और दुख भोगना पड़ता है। आराधना करने वाला जीव जीवन और देवगति में भी सुख भोगता है। फिर मनुष्य जन्म उच्चकुल में हो जाता है। अतिषयमुनि मसा ने कहा कि संसारी व्यक्ति सारी क्रियाओं में पाप अंश जुड़ा लेता है। सभी सावध योग के त्याग होते हैं। ज्ञान और श्रृद्धा रूप में परिणित करना चारित्र हो जाएगा। जब तीनों का संगम होगा तब संसार समुद्र से मुक्त हो सकता है। उन्होंने कहा कि चारित्र के बिना निर्वाण नहीं हो सकता। निर्वाण संसार से व जन्म-मरण से मुक्ति है। शिक्षा प्राप्त करने के लिए चारित्र की श्रद्धा करना जरूरी है क्योंकि सभी जीव चरित्र ग्रहण नहीं कर सकते हैं। सम्यक पुरुषार्थ करके संयम स्थिर करना चारित्र कहलाता है। उपेक्षा के भाव हो तो शिक्षा प्राप्त नहीं की जा सकती है।

सेवानिवृत्ति पर स्टेशन अधीक्षक को दी विदाई

खिरकिया। रेलवे स्टेशन पर पदस्थ अधीक्षक एनके चौहान की ऐच्छिक सेवानिवृत्ति के बाद उनका विदाई समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर स्टाफ द्वारा चौहान को शॉल-श्रीफल भेंट कर विदाई दी गई। इस अवसर पर प्रभारी स्टेशन अधीक्षक आरएन सिंह, सहायक स्टेशन अधीक्षक अश्विन स्वामी सहित स्टाफ और गणमान्य नागरिक मौजूद थे। विदित हो कि चौहान द्वारा विभाग से ऐच्छिक सेवानिवृत्ति की मांग की गई थी। इस पर विभाग ने सहमति देते हुए उन्हें कार्यमुक्त कर दिया।