खंडवा। नईदुनिया प्रतिनिधि

ऑटो- ट्रॉले की टक्कर में बालिका की मौत के बाद पूरे शहर में व्यवस्थाओं के खिलाफ आक्रोश है। कोई दुर्घटना के लिए ऑटो की ओवरलोडिंग को जिम्मेदार ठहरा रहा है तो किसी का कहना है कि बायपास और ट्रांसपोर्ट नगर का नहीं होना इसका कारण है। आक्रोशित बच्चे और अभिभावक शनिवार को रैली निकालते हुए पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे। रैली में सबसे आगे चार साल का बालक अनिरुद्ध सिंह झाला चल हाथ में तख्ती लेकर चल रहा था, जिस पर लिखा था मुझे इंसाफ चाहिए। अभिभावकों ने पुलिस कप्तान शिवदयाल सिंह से ओवरलोडिंग ऑटो पर कार्रवाई और भारी वाहनों को दिन में शहर में प्रवेश नहीं करने देने की मांग की। दूसरी ओर घटना के बाद शनिवार को अधिकांश ऑटो के बच्चों को लेने नहीं पहुंचने के कारण अभिभावक परेशान हुए।

शुक्रवार को इंदौर रोड पर स्कूल जाते समय बालिका उम्मे एमन किताबवाला की मौत के बाद से परिवार के साथ ही शहरवासी भी सदमे में भी हैं और आक्रोशित भी। लोग इस घटना को लेकर प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। घटना के बाद से लोग फेसबुक पर आक्रोश जता रहे हैं। शनिवार को बड़ी संख्या में अभिभावक और बच्चे सिविल लाइन क्षेत्र के जोन कार्यालय के सामने जमा हुए। यहां से नारेबाजी करते हुए रैली निकाली गई। रैली में लोगों ने विधायक देवेंद्र वर्मा और महापौर सुभाष कोठारी के खिलाफ नारेबाजी की। जिला प्रशासन के विरुद्ध भी नारे लगाए गए। नारेबाजी करते हुए कौशल मेहरा, माधव झा, आदित्य अग्रवाल, मनन सोनी, दीपसिंह झाला सहित अन्य युवक व महिलाएं एसपी कार्यालय पहुंची। यहां एसपी डॉ. शिवदयाल सिंह को लोगो ने ज्ञापन सौंपा।

जिम्मेदार अधिकारियों पर केस दर्ज करने की मांग

- पुलिस अधीक्षक कार्यालय तक रैली के रूप में पहुंचे हर व्यक्ति ने अपना अलग ज्ञापन सौंपा। युवा माधव झा ने कहा कि हादसे को देखते हुए ट्रैफिक पुलिस और आरटीओ के जिम्मेदार अधिकारियों पर केस दर्ज होना चाहिए। यहां सभी उपस्थितजनों ने केस दर्ज करने की मांग है।

- अभिभावक दीपसिंह झाला ने बताया कि ऑटो चालकों द्वारा की जा रही ओवर लोडिंग पर रोक लगना चाहिए। ऑटो में दोगुनी क्षमता से बच्चों को ठूंस-ठूंसकर भरा जा रहा है। स्कूल के बच्चों की जान की परवाह किए बिना ऑटो चालक अधिक तेजी से ऑटो चला रहे हैं। बालिका उम्मे एमन के साथ हादसा भी इसी वजह से हुआ है।

- कौशल मेहरा ने बताया कि भारी वाहनों पर सुबह छह से रात नौ बजे तक प्रतिबंध लगना चाहिए। इससे लोडिंग अन लोडिंग पर रोक लग जाएगी। ऐसा करने से हादसे को टाला जा सकता है। लोगों ने रिंग रोड और बायपास बनाने की मांग की है।

- पुलिस अधीक्षक डॉ. शिवदयाल सिंह ने लोगों से कहा है कि ऑटो चालकों से नियमों का पालन कराया जाएगा। ओवरलोडिंग मिलने पर सख्ती से कार्रवाई की जाएगी। घटना की जांच की जा रही है।

बोहरा समाज ने राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन

बोहरा समाज ने कलेक्टोरेट पहुंचकर राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। एसडीएम संजीव पांडे को सौंपे गए ज्ञापन में उन्होंने कहा कि हाईवे पर यातायात कंट्रोल हो, वाहनों से नियमों का पालन कराया जाए, शाला प्रबंधन बच्चों ने देरी से आने पर सख्ती न करें, बच्चों के वाहन स्कूल परिसर में खड़े किए जाएं, स्कूलों के पास साइन बोर्ड लगें और सुबह से रात 9 बजे तक शहर में भारी वाहनों का प्रवेश न हो।

पुलिस अधीक्षक को बताई समस्याएं

इस दौरान अन्य लोगों ने भी अपनी बात एसपी सिंह के सामने रखी। उन्होंने कहा कि ऑटो चालक अपनी सीट के दोनों तरफ बच्चों को बैठा लेते हैं। ऑटो में सीट के आगे एक पटिया लगाकर उस पर भी बच्चों को बैठाया जा रहा है। क्षमता से अधिक संख्या में बच्चों को लादकर उनकी जान से खिलवाड़ किया जा रहा है। इसके साथ ही बच्चों की सुरक्षा को लेकर लोगों ने अन्य मांगे भी कीं।

छोटे बच्चों ने भी लगाई इंसाफ की गुहार

रैली में कुछ पालक अपने बच्चों को लेकर भी पहुंचे। बच्चे अपने हाथ में स्लोगन लिखी हुई तख्ती लिए हुए रहे। एक बालक अनिरूद्ध सिंह झाला मुझे इंसाफ चाहिए की तख्ती लिए रैली में आगे-आगे चला। अभिभावकों के साथ बच्चों ने भी घटना को लेकर आक्रोश जताते हुए नारेबाजी की। रैली में शामिल बच्चों के चेहरे पर आक्रोश साफ झलक रहा था। इसी तरह से बच्चे नारेबाजी करते हुए एसपी कार्यालय पहुंचे।

'ऑटो नहीं आएगा, दस्तावेज पूरे नहीं हैं'

खंडवा। नईदुनिया प्रतिनिधि

भैया, आज ऑटो नहीं आएगा, बच्चों को स्कूल छोड़ देना और वापस ले भी ले आना। हमारे ऑटो के दस्तावेज पूरे नहीं हैं। पुलिस पकड़ लेगी तो कार्रवाई हो जाएगी। कुछ इस तरह से ऑटो चालकों के मोबाइल पर पालकों को नहीं पहुंचने की सूचना दी। अधिकांश ऑटो के नहीं चलने से परेशान पालक अपने बच्चों को स्कूल लेने और छोड़ने गए।

बालिका की मौत के बाद ऑटो चालक नियमों का पालन करने की जगह पुलिस कार्रवाई से बचने का प्रयास करने में लगे हुए हैं। घटना के दूसरे दिन दस्तावेज पूरे नहीं होने की बात कहते हुए ऑटो चालक बच्चों को लेने नहीं पहुंचे। किसी ने रात में तो किसी ने सुबह से बच्चों के परिजनों के मोबाइल पर कॉल किए। पालकों से कहा कि दुर्घटना के बाद पुलिस कार्रवाई कर सकती है। उनके पास ऑटो संचालन को लेकर पूरे दस्तावेज नहीं हैं। इसके लिए वे बच्चों को लेने नहीं आ सकते। ऑटो चालकों के इस कॉल ने पालकों को परेशानी में डाल दिया। कोई बाइक से तो कोई स्कूटी से बच्चों को स्कूल लेकर पहुंचा। स्कूल छोड़ने के साथ ही छुट्टी होने पर उन्हें वापस ले जाने के लिए भी पालक ही पहुंचे।

व्यवसायी सतनाम सिंह होरा अपने बच्चों को स्कूल लेने पहुंचे। उन्होंने बताया कि ऑटो चालक ने अचानक दस्तावेज का हवाला देते हुए आने से मना कर दिया। इसके बाद उन्होने सुबह खुद बच्चे को स्कूल छोड़ा है। अब दोपहर में लेने भी आया हूं। अचानक ऑटो के नहीं आने से परेशानी हुई हैं। पालक आकाश कपूर ने बताया कि ऑटो के नहीं आने से परेशानी हुई। बच्चों को स्कूल लाने और ले जाने का काम करना पड़ा है।