खंडवा (नईदुनिया प्रतिनिधि) हमें ऐसा माहौल बनाने का प्रयास करना चाहिए जिसमें बच्चों को कोई भी समस्या हो तो वह सबसे पहले पुलिस के पास ही आएं। इसके लिए हमें समाज में ऐसा विश्वास पैदा करने की आवश्यता है। इसलिए बच्चों के प्रति हमारा व्यवहार संवेदनशील और सौम्य होना चाहिए।

यह कहना है कि पुलिस अधीक्षक डॉ. शिवदयाल सिंह का। वे बाल अपराध निवारण एवं उनके संरक्षण के लिए आयोजित कार्यशाला के पहले दिन संबोधित कर रहे थे। मंगलवार को पुलिस कंट्रोल रुम में बाल कल्याण पुलिस और विशेष कि शोर पुलिस इकाई के लिए क्षमता वर्धन कार्यशाला का आयोजन कि या गया। कार्यशाला के पहले दिन यूनिसेफ के कंसल्टेंट व ट्रेनर अमरजीत सिंह द्वारा कार्यशाला का विषय व रुपरेखा के बारे में जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि बच्चों के लिए बहुत सी संस्थाएं कार्य कर रही हैं। इन सभी संस्थाओं से आपसी समन्वय स्थापित कर बच्चों के हितों एवं उनके संरक्षण के लिए हमें हर संभव आवश्यक कार्रवाई करने के लिए हर समय तत्पर रहना है। इस अवसर पुलिस अधीक्षक डॉ. शिवदयाल सिंह ने कहा कि हमें सबसे पहले बच्चों के संरक्षण के लिए पारिवारिक माहौल प्रदान कर उनकी समस्याओं को सुनना व समझना है। उन्होंने सभी प्रशिक्षकों को इस महत्वपूर्ण प्रशिक्षण कार्यशाला का पूरा लाभ लेते हुए, ध्यान व लगन के साथ सीखने के लिये प्रेरित कि या। इस दौरान जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव बीएल प्रजापति (एडीजे), न्यायाधीश मधुलिका मूले, महावीर सिंह मुजाल्दे, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रकाश परिहार, अमरजीत कु मार सिंह, अर्चना सहाय, विशेष कि शोर पुलिस इकाई, बाल कल्याण पुलिस अधिकारी, चाइल्ड लाइन के प्रशिक्षणार्थी अधिकारी व कर्मचारीगण उपस्थित रहें। बुधवार को कार्यशाला का अंतिम दिन रहेगा।

Posted By: Nai Dunia News Network

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