खंडवा (नईदुनिया प्रतिनिधि)।

कलयुग जितना बढ़ेगा धर्म का महत्व भी उतना ही बढ़ेगा। इसलिए धर्म शास्त्र की आज्ञा के बिना कोई कार्य नहीं करना चाहिए। तीर्थों में किए गए पुण्य कार्य से अनंत लाभ मिलता है।

यह बात नर्मदापुरम में संगतीतमय श्रीमद् भागवत कथा के दूसरे दिन शनिवार को पंड़ित बनवारी भाई उपमन्यु ने कही।

श्रीमद् भागवत कथा का महत्व बताते हुए कथा श्रवण की विधि का विस्तार से वर्णन किया। उन्होंने कहा कि विधि के बिना किया गया कार्य निरर्थक होता है। सबसे पहले मुहूर्त निकालें, उसके बाद उचित स्थान का चयन करें। वक्ता ऐसा होना चाहिए जो शास्त्रों को सरल शब्दों में समझा सके। बच्चों को भजन व भगवान सुमिरन के लिए प्रेरित करना चाहिए ताकि वे संस्कारी बनें। कथा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे। महाराजश्री द्वारा मनमोहक भजनों की प्रस्तुति दी गई। जिसमें श्रद्धालु जमकर झूमे। आयोजन समिति के पदाधिकारियों ने बताया 28 जनवरी तक दोपहर एक से शाम छह बजे कथा होगी।

भागवत सुनने के साथ जीवन में उतारना जरूरी

ग्राम मलगांव खेड़ी में मां भद्रकाली मंदिर प्रांगण में श्रीमद् भागवत कथा का पाठ किया जा रहा है। कथा के दूसरे दिन कथा वाचक भावना मार्कण्डेय दीदी ने बताया कि भागवत कथा सुनने के साथ ही उसे जीवन में उतारना भी जरूरी है। इसमें कई बातें हैं जो हमें जीवन का मार्गदर्शन देती हैं। इसलिए इसे सुनने का भी बड़ा महत्व है। कथा सुनने बड़ी संख्या में ग्रामीणजन पहुंच रहे हैं। रोजाना दोपहर 12 से चार बजे तक कथा का वाचन किया जा रहा है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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