खंडवा (नईदुनिया प्रतिनिधि)। कोरोना मरीज के ठीक होने पर स्वजनों में मेडिकल स्टाफ का आभार मानते नहीं थक रहे हैं। ऐसा ही एक मामला अजाक थाने के पास स्थित कोविड केयर सेंटर का है। यहां कोरोना पाजिटिव मरीज के स्वस्थ होने पर स्वजनों ने मेडिकल स्टाफ का आभार मानते हुए पुष्पमालाओं से उनका सम्मान किया।

कोरोना की लड़ाई में मेडिकल स्टाफ अपनी पूरी ताकत के साथ योगदान दे रहा है। अजाक थाने के पास स्थित आदिवासी छात्रावास में कोविड केयर सेंटर दिन-रात कोरोना मरीजों के उपचार में लगे डाक्टर और उनके स्टाफ की जितनी सराहना की जाए उतनी कम है। मरीजों के ठीक होने पर डाक्टर और उनके स्टाफ के प्रति कृतज्ञता जाहिर करने में उनके स्वजन भी पीछे नहीं हैं। कोविड केयर सेंटर में आरआइ पुरुषोत्तम विश्नोई के काका 50 वर्षीय मुकेश विश्नोई को कोराना पाजिटिव होने पर भर्ती किया गया था। कुछ दिनों तक भर्ती रहने के बाद मंगलवार को वे यहां से स्वस्थ होकर घर लौटे।

उन्हें लेने के लिए कोविड सेंटर पहुंचे आरआइ विश्नोई ने अपने स्वजनों के साथ मेडिकल स्टाफ का आभार माना। उन्होंने सभी का पुष्पहार पहनाकर सम्मान किया। आरआइ विश्नोई ने बताया कि यहां कोविड केयर सेंटर में डा. योगेश सोनी, पर्व तिवारी, कलीमुद्दीन शेख, विजय पंवार अैर विजिता मंडलेकर सेवाएं दे रहे हैं। उनके साथ स्टाफ नर्स चंदा, दुर्गा, कल्पना, ऋतुराज, श्रीराम, वार्ड बाय रवि पाल और विजय चौहान हैं। यह सभी मरीजों को ठीक करने में बड़ी मेहनत कर रहे हैं। उनकी इस मेहनत को देखते हुए सभी का सम्मान किया गया है।

चार महीने से नहीं बन रही नई ऋण पुस्तिकाएं

खंडवा। जिले की तहसीलों में करीब चार महीने से ऋण पुस्तिकाएं नहीं बन रही हैं। जमीन की खरीदी-बिक्री होने पर नामांतरण के बाद ऋण पुस्तिका नहीं मिलने से किसान वर्ग को सबसे अधिक परेशान होना पड़ रहा है, क्योंकि ऋण पुस्तिका के माध्यम से ही किसान खेती के लिए बैंक से ऋण लेता है। एक अनुमान के मुताबिक जिले में हर महीने करीब ढाई हजार नई ऋण पुस्तिकाएं बनाने के लिए आवेदन आते हैं। इनमें कुछ किसान भी शामिल हैं जो डुप्लीकेट ऋण पुस्तिका के लिए आवेदन देते हैं। इसके अलावा कृषि भूमि का बंटवारा होने के बाद अलग-अलग ऋण पुस्तिका बनाने के आवेदन भी दिए जाते हैं। करीब चार महीने से नई ऋण पुस्तिकाएं नहीं बनने से आवेदकों को परेशान होना पड़ रहा है। ऐसे आवेदक तहसील कार्यालयों के चक्कर लगाने को मजबूर हैं। खंडवा तहसीलदार पीएस अगास्या ने बताया कि शासन स्तर पर ही ऋण पुस्तिकाएं प्रिंट होकर नहीं आ रही हैं। कोरोना संक्रमणकाल के चलते इस तरह की स्थिति बनी हुई है। खंडवा ही नहीं अन्य तहसीलों में भी ऋण पुस्तिकाएं नहीं बन रही हैं।

Posted By: Nai Dunia News Network

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