खंडवा (नईदुनिया प्रतिनिधि)। कोरोना वैक्सीन की पहली खेप पहुंचने के बाद उसे जिला टीकाकरण केंद्र के स्टोर में सुरक्षित रखा गया है। सुरक्षा के तहत किसी को भी अंदर जाने की अनुमति नहीं दी गई है। वैक्सीन के 8050 डोज मंगवाए गए हैं। 16 जनवरी से जिला अस्पताल, मेडिकल कॉलेज व छैगांवमाखन ब्लॉक के वर्कर्स को टीका लगेगा। इसमें भी पहले टीकाकरण के लिए सौ सफाईकर्मियों को चुना गया है। सबसे पहला टीका वार्डबॉय अजय मालाकार को लगाया जाएगा। गुरुवार को एएनएम सहित ब्लॉक स्तर के कर्मचारियों को कोविन साफ्टवेयर की जानकारी दी गई। कोविन एप लांच नहीं होने के कारण कोविन साफ्टवेयर के माध्यम से ही इंट्री की जाएगी। इसी साफ्टवेयर के माध्यम से सभी को मैसेज प्राप्त होंगे। टीकाकरण के लिए सभी आवश्यक काम पूरे करने के साथ ही केंद्र पर सुरक्षा के इंतजाम भी रहेंगे। जिला अस्पताल के माध्यम से शहरी क्षेत्र में सरकारी के 262 और निजी क्षेत्र के 697 वर्कर्स, मेडिकल कॉलेज के 413 व छैगांव माखन ब्लाक के 538 वर्कर्स को टीका लगाया जाएगा।

सबसे पहले कोरोना वार्ड में ड्यूटी, टीका भी पहले

प्राइवेट कंपनी के तहत काम कर रहे वार्ड बॉय अजय मालाकार (26) ने बताया कि अप्रैल में कोविड की शुरुआत के समय सबसे पहले उसी वार्ड में ड्यटी दी। अब टीका भी पहले लगवाने को तैयार हैं। नौ माह पहले ही प्राइवेट कंपनी के तहत नौकरी पर लगी है। कोरोना के दौरान लोगों की चिंता को वार्ड में नजदीक से महसूस किया। कोविड-19 की वैक्सीन आने से स्वास्थ्य कर्मचारियों को संक्रमण से बचाया जा सकेगा, यह अच्छी बात है। वहीं आम लोगों के लिए भी यह अच्छी होगी।

फ्रंट लाइन वर्कर पुलिसकर्मियों को दूसरे दौर में लगेगा टीका

खंडवा (नईदुनिया प्रतिनिधि)। कोरोना को मात देने के लिए 16 जनवरी से टीकाकरण शुरू हो जाएगा। इसके दूसरे चरण में फ्रंट लाइन वर्कर पुलिसकर्मियों को भी टीका लगाने की तैयारी शुरू हो गई है। जिले में 1100 से अधिक पुलिसकर्मियों को कोविड-19 से बचाव के टीके लगाए जाएंगे। कोरोना से लड़ाई में पुलिसकर्मी हमेशा आगे रहे हैं। लॉकडाउन में पुलिसकर्मी अपने कर्तव्य पर अडिग रहे। कोरोना संक्रमण से खुद बचाते हुए लोगों की मदद करने में लगे रहे। लोगों को कोरोना संक्रमण से बचाने के लिए पुलिसकर्मी ड्यूटी करते रहे। कोरोना संक्रमित को घर से अस्पताल पहुंचाने तक में पुलिसकर्मियों ने योगदान दिया। इसके साथ लॉकडाउन खत्म होने के बाद से अब तक पुलिसकर्मी कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए लोगों को जागरूक करते हुए आ रहे हैं। इस तरह से कोरोना संक्रमण से बचाव को लेकर अभी तत्पर पुलिसकर्मियों को कोविड-19 से बचाव के टीके लगाए जा रहे हैं। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सीमा अलावा ने बताया कि पुलिस मुख्यालय से जिले मे पदस्थ फ्रंट लाइन वर्कर पुलिसकर्मियों को जानकारी मांगी गई थी। इस तरह के जिले में 1100 से अधिक पुलिसकर्मी हैं। इन सभी की जानकारी मुख्यालय को दे दी गई है। वैक्सीन लगने की तिथि मुख्यालय द्वारा ही तय की जाएगी। वैक्सीन लगने के बारे में पुलिसकर्मियों को उनके मोबाइल पर मैसेज आएंगे। उसमें लिखा होगी कि उन्हें किस दिन टीका लगेगा।

----इन सवालों के दिए जवाब----

--जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. अनिल तंतवार से विशेष चर्चा---

* सवाल-क्या वैक्सीन सभी को एक साथ दी जाएगी।

जवाब-सरकार ने उच्च जोखिम वाले समूहों को प्राथमिकता के आधार पर चुना है। पहले समूह में हेल्थ केयर व फ्रंटलाइन वर्कर व फिर पुलिसकर्मी शामिल हैं। दूसरे समूह में 50 से अधिक उम्र के वे व्यक्ति जो पहले से किसी बीमारी से ग्रस्त हैं। इसके बाद अन्य जरूरतमंद लोगों को लगाई जाएगी।

* सवाल-क्या वैक्सीन लगवाना अनिवार्य है।

जवाब-कोरोना से बचाव की यह वैक्सीन स्वैच्छिक है। सुरक्षा और बीमारी के प्रसार को सीमित करने के लिए कोरोना वैक्सीन की पूरी खुराक जरूरी है।

* सवाल-क्या कोराना से ठीक हुए व्यक्ति को भी वैक्सीन लेना अनिवार्य है।

जवाब-पहले से संक्रमित होने के बावजूद वैक्सीन की पूरी खुराक लेना आवश्यक है, क्योंकि यह एक मजबूत प्रतिक्रिया तंत्र विकसित करने में मदद करेगा।

* सवाल-क्या कोरोना संक्रमित व्यक्ति को भी वैक्सीन लगाई जा सकती है।

जवाब- संक्रमित व्यक्तियों को लक्षण खत्म होने के 14 दिन बाद तक वैक्सीनेशन स्थगित करना चाहिए क्योंकि वे जोखिम बढ़ा सकते हैं।

* सवाल- क्या 2 से 8 डिग्री तापमान नियंत्रित करने की व्यवस्था है।

जवाब-पहले से टीकाकरण कार्यक्रम चलाया जा रहा है जिसके लिए पूरी कोल्ड चेन कार्य कर रही है। इस टीके को स्टोर करने के लिए भी इसी सिस्टम की मदद ली जा रही है।

* सवाल- पंजीयन के समय कौन से दस्तावेज जरूरी हैं।

जवाब- पंजीयन के लिए आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, वोटर आइडी, पैन कार्ड, पासपोर्ट फोटो, जॉब कार्ड, पेंशन दस्तावेज, बीमा स्मार्ट कार्ड, आधिकारिक प्रमाण पत्र, बैंक, पोस्ट ऑफिस पासबुक दिखाए जा सकते हैं।

* सवाल- क्या बिना पंजीयन के कोरोना वैक्सीन प्राप्त की जा सकती है।

जवाब- नहीं, कोरोना वैक्सीनेशन के लिए पंजीकरण अनिवार्य है। पंजीकरण के बाद ही सत्र स्थल व समय की जानकारी साझा की जाएगी।

* सवाल- यदि कोई व्यक्ति स्थल पर फोटो आइडी नहीं दिखाता तो क्या वैक्सीन लगाया जा सकता है।

जवाब-फोटो आइडी पंजीकरण स्थल पर पंजीकरण व सत्यापन दोनों के लिए जरूरी है ताकि सुरनिश्चित किया जा सके कि वहीं व्यक्ति पंजीयन करा रहा है।

* सवाल- वैक्सीनेशन की जानकारी कैसे मिलेगी।

जवाब- ऑनलाइन पंजीयन के बाद वैक्सीनेशन की तारीख, स्थान व समय के बारे में मोबाइल पर जानकारी मिलेगी।

* सवाल-इसके दुष्प्रभाव भी हो सकते हैं क्या?

जवाब-जैसा कि अन्य वैक्सीन के साथ होता है, कुछ व्यक्तियों में हल्का बुखार, दर्द हो सकता है।

* सवाल- कितनी खुराक किस अंतराल पर लेनी होगी।

जवाब- वैक्सीनेशन पूरा करने के लिए 28 दिन के अंदर एक व्यक्ति को दो खुराक लगाई जाएगी।

* सवाल-वैक्सीनेशन कराने के कितने दिनों के बाद एंटीबॉडी विकसित होगी।

जवाब- कोरोना वैक्सीनेशन की दूसरी खुराक लगने के दो सप्ताह बाद आमतौर पर एंटीबॉडी का सुरक्षात्मक स्तर विकसित होता है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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