भोपाल। मध्यप्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र सहित देशभर के लाखों लोगों की आस्था का केंद्र खंडवा स्थित दादाजी धूनी वाले मंदिर निर्माण और व्यवस्था संचालन को लेकर आम सहमति के प्रयास अब अंतिम चरण में हैं। इस धार्मिक स्थल से जुड़े तीनों पक्षों में कई दशकों से विवाद सुलझ नहीं पा रहा है। सरकार ने अधिनियम व ट्रस्ट बनाकर कलेक्टर को बतौर प्रशासक नियुक्त करने की तैयारी कर ली है। राजधानी में मुख्यमंत्री कमलनाथ की मौजूदगी में हुई बैठक के बाद सरकार की ओर से खंडवा कलेक्टर को तीनों पक्षों (ट्रस्ट, छोटे दादाजी और पटेल सेवा समिति) से बातचीत कर सहमति बनाने की जवाबदारी सौंपी गई है। उन्हें आखिरी प्रयास करने कुछ दिन की मोहलत दी गई है।

विभागीय सूत्रों का कहना है कि विवाद की स्थिति नहीं सुलझने पर धार्मिक स्थल का अधिग्रहण कर लिया जाएगा। ट्रस्ट बनाकर कलेक्टर को प्रशासक के रूप में तैनात कर दिया जाएगा। बैठक में मुख्यमंत्री ने भी सभी पक्षों से स्पष्ट शब्दों में कह दिया था कि आरोप-प्रत्यारोप छोड़ो, सच्चे मन से सोचो और समाधान निकालो, अन्यथा सरकार इसे टेकओवर कर लेगी।

हमारी ओर से हठधर्मिता नहीं : नागोरी

ट्रस्ट के प्रतिनिधि सुभाष नागोरी ने बताया कि हमारी ओर से कोई हठधर्मिता नहीं है। धार्मिक स्थल का हित सभी की प्राथमिकता हो। उन्होंने बताया कि नवनिर्माण के लिए अक्षरधाम दिल्ली के वास्तुविद् से दादाजी धाम की डिजाइन तैयार कराई गई है। चूंकि यहां धूनी अनवरत जलती है और धुआं रहता है इसलिए मंदिर के भीतर मार्बल लगाना उचित नहीं है। विशेषज्ञों का कहना है कि 'रेड स्टोन" ही उपयुक्त रहेगा।

जल रही है अखंड धूनी

निमाड़ के प्रसिद्ध संत दादाजी धूनी वाले के नाम पर खंडवा में दादा धाम बना है। 1930 में यहां समाधि बनी थी। 1942 तक छोटे दादाजी के पास इसका संचालन रहा, तब तक यहां टीन शेड ही था। बाद में निर्माण हुआ। यहां वर्षों से अखंड धूनी जल रही है। 1961 में ट्रस्ट कलेक्टर ने बना दिया। यहां केशवानंदजी महाराज एवं हरिहर भोले भगवान की समाधियां हैं। देश भर में दादाजी के लाखों अनुयायी हैं और हर साल गुरु पूर्णिमा एवं विशेष पर्वों पर लाखों की संख्या में श्रद्धालु खंडवा पहुंचते हैं।

सभी पक्षों में एक राय बनाने के प्रयास : कलेक्टर

हमारा प्रयास है कि सभी पक्षों में सहमति के बाद यहां मंदिर का निर्माण और व्यवस्थाओं का संचालन हो। मंदिर का प्रबंधन साथ ही सुचारू रूप से चलता रहे। इसके लिए सभी पक्षों से अलग-अलग बातचीत कर उनके बीच एक राय बनाई जा रही है। - तन्वी सुंद्रियाल, कलेक्टर खंडवा

विवाद खत्म नहीं हुआ तो टेकओवर करेंगे : मंत्री

दादाजी धाम खंडवा से देश भर के लाखों श्रद्धालुओं की भावनाएं जुड़ी हैं। हमने सभी पक्षों को विवाद खत्म करने को कहा है। मंदिर का निर्माण, प्रबंधन और संचालन आम सहमति से ही होगा। सहमति नहीं बनी तो हमने पूरी व्यवस्था अपने हाथ में लेने की तैयारी कर ली है। अधिनियम बनाकर ट्रस्ट का गठन किया जाएगा। - पीसी शर्मा, मंत्री, अध्यात्म विभाग, मप्र शासन

Posted By: Sandeep Chourey

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस

जीतेगा भारत हारेगा कोरोना
जीतेगा भारत हारेगा कोरोना