ओंकारेश्वर (नईदुनिया न्यूज)। ओंकारेश्वर में शरद पूर्णिमा पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने नर्मदा स्नान और ज्योतिर्लिंग भगवान ओंकारेश्वर-ममलेश्वर के दर्शन किए। सुबह से ही श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। दोपहर तक 25 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने नर्मदा में डुबकी लगाई। शरद पूर्णिमा पर तीर्थनगरी में श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए मंदिर ट्रस्ट, नगर परिषद और प्रशासन की ओर से व्यवस्थाएं की गई थीं। नर्मदा के घाटों पर सुरक्षाकर्मी और गोताखोर तैनात रहे। नर्मदा का पानी घाटों से दूर होने से श्रद्धालुओं को स्नान में परेशानी हुई।

ममलेश्वर प्रांगण में ब्राह्मणों को अनुमति की मांग

कोरोनाकाल में ममलेश्वर मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश पर लगा प्रतिबंध अभी तक नहीं हटा है। ममलेश्वर ज्योतिर्लिंग पुजारी पंडित जगदीश उपाध्याय ने कहा कि कोरोना का समाप्त होने के बावजूद भारतीय पुरातत्व विभाग और प्रशासन द्वारा ब्राह्मणों को गर्भगृह के बाहर प्रांगण में पूजन-पाठ की अनुमति नहीं दी जा रही है। इससे जीविका चलाने में असुविधा हो रही है।

पंडित बसंत अत्रे ने कहा कि यहां मेरी पीढ़ी दर पीढ़ी पूजा-अर्चना कर पार्थेश्वर पाठ लगाकर जजमान से पूजा कराते चले आ रहे हैं। कोरोना काल में मंदिर के बाहर भारतीय पुरातत्व विभाग ने लोहे के एंगल लगा दिए हैं। कई बार क्षेत्र के सांसद विधायक व जिम्मेदारों को ज्ञापन दिए हैं। ब्राह्मणों के साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है। प्रशासन इसे लेकर गंभीर नहीं है। इससे ब्राह्मण परिवारों में आक्रोश है।

ओंकारेश्वर में वीआइपी दर्शन और प्रसाद काउंटर नहीं हुए शुरू

ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर में करोनाकाल के दौरान प्रतिबंधित सेवाएं और व्यवस्थाएं लगभग पटरी पर चुकी हैं, लेकिन श्रीजी ज्योतिर्लिंग मंदिर ट्रस्ट द्वारा वीआइपी शुल्क और प्रसाद काउंटर की सुविधा अभी तक शुरू नहीं की है। इससे बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं को दिक्कत हो रही है, वहीं ज्योतिर्लिंग मंदिर की आय भी प्रभावित हो रही है। उज्जैन महाकाल मंदिर में प्रशासन द्वारा वीआइपी सुविधा प्रारंभ किए जाने से ट्रस्ट को करोड़ों रुपए की आय हो रही है। हाल में उज्जैन स्थित महाकालेश्वर मंदिर को 110 दिन में 23 करोड़ रुपये की आय हुई। वीआइपी दर्शन, शीघ्र दर्शन व्यवस्था लड्डू प्रसाद, दान पेटी, भस्म आरती और अन्य दान से महाकाल को भक्तों ने मालामाल कर दिया, जबकि ओंकारेश्वर मंदिर ट्रस्ट की आय इसकी तुलना में काफी कम है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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