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- गत वर्ष की तुलना में दो इंच पिछड़ी बारिश, लंबी खेंच से मुरझाने लगी फसलें-

- फसल बचाने के लिए कृषि विभाग ने दी सिंचाई की सलाह

- उत्पादन प्रभावित होने की किसानों को सताने लगी चिंता

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मूंदी के समीप बारिश के अभाव में मुरझाई हुई सोयाबीन की फसल। नईदुनिया

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पुनासा के समीप ग्राम नंदाना में पानी नहीं मिलने से पीली पड़ने लगी सोयाबीन की फसल। नईदुनिया

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ग्राम खुटला में नलकूप से कपास फसल की सिंचाई करता हुआ किसान। नईदुनिया

पुनासा/मूंदी (नईदुनिया न्यूज)। क्षेत्र में एक सप्ताह से बारिश नहीं हुई है। इससे कपास और सोयाबीन की फसल मुरझाने लगी है। गत वर्ष की तुलना में इस मानसून सत्र में अब तक 55 मिमी (करीब दो इंच) औसत बारिश कम हुई है। इससे किसानों को उत्पादन प्रभावित होने की चिंता सताने लगी है। बारिश की खेंच से फसलों को होने वाली नुकसानी रोकने के लिए कृषि विभाग भी किसानों को कृत्रिम सिंचाई की सलाह दे रहा है।

पुनासा क्षेत्र के किसानों ने बताया कि 25 जुलाई को पांच किलोमीटर के दायरे में आधे घंटे तक झमाझम बारिश हुई थी। इससे उम्मीद बंधी थी कि आने वाले दिनों में अच्छी बरसात होगी। एक सप्ताह से अधिक का समय गुजरने के बाद भी बरसात नहीं होने और तेज धूप की वजह से फसलों में पीलापन आने लगा है। पुनासा तहसील के ग्राम नंदाना सहित आसपास के गांवों में अन्य क्षेत्र की अपेक्षा सर्वाधिक सोयाबीन की फसल लगाई गई है। किसान मनोज जाखड़, आनंद गोरा, ओम पटेल व वासुदेव सोलंकी व ग्राम खुटला के हेमेंद्रसिंह तोमर बताया कि एक-दो दिन में बारिश नहीं हुई तो सोयाबीन उत्पादन में भारी गिरावट आने की उम्मीद है। इससे किसानों को नुकसानी का सामना करना पड़ेगा।

ग्राम खुटला के किसान बबन यादव व धर्मेन्द्र यादव बताया कि तेज धूप नहीं हो तो कपास की फसल एक सप्ताह तक बारिश का इंतजार कर सकता है। कपास की फसल में फूल व डेंडु की बहार आ चुकी है। सिंचाई के अभाव में तेज धूप के कारण फसल झुलसना शुरू हो गया है। उन्होंने बताया कि साधन्ना संपन्ना किसान नलकूप और कुओं से सिंचाई करने में जुट गए हैं। वहीं साधनविहीन किसान बारिश का इंतजार कर रहे हैं। किसानों ने बताया कि फसल को जितना लाभ प्राकृतिक वर्षा उतना कृत्रिम जल संसाधनों सें सिचाई करने पर नहीं होता है। वहीं उत्पादन में भी अंतर आता है।

फसलों को पानी की सख्त जरूरत

मूंदी के किसान मनोहरसिंह, योगेंद्रसिंह केनूद, महेंद्रसिंह जामनिया आदि ने बताया कि बारिश की लंबी खेंच से सोयाबीन के साथ कपास फसल पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। आसमान पर बादल मंडराने के बाद भी बारिश नहीं होने से किसान चिंतित हैं। तेज धूप के कारण फसलों को पानी की सख्त आवश्यकता है। पानी के अभाव में खासकर सोयाबीन की फसल झुलसने लगी है। किसानों ने बताया कि रविवार को करीब 25 मिनट तक हल्की बूंदाबांदी जरूर हुई लेकिन इससे फसलों को कोई लाभ नहीं हुआ। आसमान साफ होने और तेज धूप निकलने से किसानों को फसल नुकसानी का भय बना हुआ है।

कृत्रिम साधनों से सिंचाई करें किसान

वरिष्ठ कृषि विस्तार अधिकारी पुनासा बीएस टेलर ने बताया कि सबसे ज्यादा सोयाबीन फसल को पानी देने की जरूरत है। तेज धूप और वर्षा की खेच को देखते हुए किसानों को कृत्रिम साधनों से सिंचाई करने की सलाह दी गई है।

बारिश की स्थिति (एक जून से अब तक)

तहसील अब तक हुई बारिश गत वर्ष हुई बारिश (मिमी में)

खंडवा 715.00 834.00

हरसूद 302.00 298.00

पंधाना 441.00 444.08

पुनासा 307.00 296.00

खालवा 333.00 500.00

जिले का योग 2098.00 2372.00

औसत वर्षा 419.6 474.05

Posted By: Nai Dunia News Network

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