ओंकारेश्वर( नईदुनिया न्यूज) । विश्वभर में कोविड के बढ़ते मामलों के बीच तीसरी लहर की आशंका जताई जा रही है। इसे लेकर बहुत सावधानी बरतने की आवश्यकता है, लेकिन नगर और ग्रामीण क्षेत्रों में लोग महामारी को लेकर बेपरवाह हो गए हैं। सबसे ज्यादा चिंताजनक स्थिति तीर्थनगरी ओंकारेश्वर की है। यहां दर्शनों के लिए देशभर से लोग आते हैं। अधिकांश लोग बगैर मास्क के घूम रहे हैं। शारीरिक दूरी का पालन भी नहीं हो रहा है। प्रशासन की ओर से इनकी जांच या वैक्सीन प्रमाण पत्र की जांच नहीं हो रही है। दुकानदार भी कोविड गाइडलाइन के पालन को लेकर लापरवाह है। कोरोना के कहर से बचाव के लिए शासन बार-बार अत्यधिक सावधानी बरतने की आवश्यकता बता रहा है। इसके बाद भी तीर्थनगरी में मंदिर से लेकर बाजार तक लापरवाही बरती जा रही है। प्रशासन और मंदिर ट्रस्ट की ओर से लोगों को जागरूक करने या नियमों का पालन करवाने के लिए कोई प्रयास होते भी नजर नहीं आ रहे हैं।

कोरोना की त्रासदी को भूलकर बेपरवाह हो गए हैं। कोविड गाइडलाइन का पालन करने में कोताही बरती जा रही है। सार्वजनिक स्थलों से लेकर शादी- विवाह व अन्य धार्मिक कार्यक्रमों में भारी भीड़ जुट रही है। वहीं ओंकारेश्वर में दर्शन के अलावा आसपास के क्षेत्रों से ग्रामीण विवाह करने के लिए परिवार सहित आ रहे हैं। होटल और धर्मशाला में पूर्वत भीड़ नजर आने लगी है ।अधिकांश लोग बिना मास्क ही घूमते नजर आ रहे हैं। शारीरिक दूूरी का कतई पालन नहीं किया जा रहा है। सरकारी तंत्र भी फिलहाल गाइडलाइन का पालन करवाते नहीं दिख रहा है।

कोरोना को रोकने के लिए सजगता जरूरी

मंदिर, बाजारों में रौनक लौट आई है। कोरोना को रोकने के लिए आमजन को सावधानी बरतना पड़ेगी। मास्क और शारीरिक दूरी का पालन कर संक्रमण से स्वयं और दूसरों को बचा सकते है। प्रशासन की सख्ती के अभाव में लोग कोरोना को न्यौता दे रहे है। नगर में हाट.बाजार में फल,सब्जी खरीदने के लिए लोगों की भीड़ लगी रहती है। सड़क से लेकर दुकानों, होटल, धर्मशालाओं यहां तक कि मंदिर में कोरोना संक्रमण के प्रति लोग संजीदा नहीं है। शासन के निर्देशों और कोरोना प्रोटोकाल का पालन करवाने के लिए प्रशासन और मंदिर ट्रस्ट को समय रहते कदम उठाना होगा।

Posted By: Nai Dunia News Network

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