ओंकारेश्वर (नईदुनिया प्रतिनिधि। भगवान ओंकारेश्वर रविवार को 15 दिन मालवा भ्रमण के लिए सांकेतिक रूप से रवाना हुए। कार्तिक सुदी अष्टमी पर परंपरानुसार मंदिर ट्रस्ट के पदाधिकारी और पंडित व पुजारियों ने भगवान को यात्रा के लिए रवाना किया। इसके पूर्व धार्मिक अनुष्ठान किए गए। भैरव अष्टमी पर मालवा से वापस ओंकारेश्वर लोटेंगे। इस दौरान भगवान के मूल

स्वरूप का प्रतिदिन दोपहर चार बजे बाद होने वाला श्रृंगार और शयन आरती व चौपड़ मंदिर में नहीं बिछेगा।

ओंकारेश्वर मंदिर ट्रस्ट के सहायक मुख्य कार्यपालन अधिकारी अशोक महाजन व पंडित आशीष दीक्षित ने बताया कि मान्यता है, ओंकारजी महाराज मालवा के भक्तों को दर्शन देने के लिए मालवा यात्रा करते हैं। पूर्व में इतने संसाधन नहीं थे कि सभी लोग भगवान ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन करने ओंकारेश्वर पहुंच सके, इसलिए यह परंपरा शुरू की गई थी, लेकिन धीरे-धीरे समय के साथ बदलाव होते गए इसके बाद भी मंदिर ट्रस्ट ने इसे सांकेतिक रूप से कायम रखा है।

रात्रि में गांवों में विश्राम करते समय भक्त सारी व्यवस्था करते थे

यात्रा पर जाने के पूर्व गेहूं और शुद्ध घी की प्रसादी तैयार की गई। पूर्व में ओंकारजी महाराज पालकी में सवार होकर ओंकारेश्वर से मालवा भ्रमण लाव लश्कर और गाजे-बाजे के साथ के साथ जाते थे। साथ में पुजारी, सेवक, रसोइदार भी रहते थे। गांव-गांव जाकर भक्तों से मिलते थे। रात्रि में गांवों में विश्राम करते समय भक्त सारी व्यवस्था करते थे।

गांवों के भक्त किसानों ने कृषि भूमि भी ओंकारजी महाराज के लिए मंदिर को दान दी थी, जो मंदिर ट्रस्ट के नाम से दर्ज है। भगवान के मालवा जाने को लेकर यह प्रमाणित करता है कि अनेक स्थानों पर इंदौर, उज्जैन संभाग, खंडवा जिले में लोगों ने भगवान को जमीन दान की है जो आज भी मंदिर ट्रस्ट के नाम पर है। धीरे-धीरे समय बदलता गया। परंपराएं सीमित होती गईं, लेकिन उसे आज भी मंदिर ट्रस्ट ने कायम रखा हुआ है।

भगवान मालवा तो जाते हैं, लेकिन समय के परिवर्तन के साथ अब पालकी नहीं जाती है। इस दौरान शाम को शयन आरती के समय भगवान को लगने वाला शयन और चौपड़ पासे भी नहीं बिछाए जाएंगे। भगवान भैरव अष्टमी पर 15 दिन की यात्रा कर वापस मंदिर लौटेंगे।

कार्तिक में भगवान भोलेनाथ के मालवा की यात्रा पर जाने की परंपरा को श्रीजी मंदिर संस्थान द्वारा कायम रखा गया है। मंदिर ट्रस्ट के मुख्य कार्यपालन अधिकारी एवं पुनासा एसडीएम सीएस

सोलंकी ने बताया कि मंदिर ट्रस्ट के द्वारा भगवान ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग को सूक्ष्‌म और सांकेतिक रूप से रविवार को रवाना किया गया है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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