हरसूद (खंडवा)। दस्तक अभियान के तहत पांच वर्ष तक के बच्चों का सर्वे किया जा रहा है। इसमें कुपोषण, एनीमिया, डायरिया व अन्य बीमारियों से ग्रसित बच्चों को चयनित कर एनआरसी में उपचार किया जा रहा है। वर्तमान में एनआरसी (बाल शक्ति केंद्र) हरसूद में 13 और किल्लौद में आठ बच्चे भर्ती हैं। अभियान 10 जून से शुरू किया गया है, जो 20 जुलाई तक जारी रहेगा।

अब तक हरसूद के 15 वार्डों और 62 ग्रामों में से 63 स्थानों का स्वास्थ्य कर्मचारियों द्वारा सर्वे किया जा चुका है। हरसूद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र द्वारा करीब आठ हजार बच्चों के सर्वे का लक्ष्य रखा गया है।

इनमें से सात हजार बच्चों की स्क्रेनिंग की जा चुकी है। इनमें कुपोषण के 16, दस्त के 71, एनीमिया 112, जन्मजात विकृत 11 व अन्य तीन बच्चे दर्ज किए गए हैं। पीड़ित बच्चों को एनआरसी में भर्ती कर उपचार किया जा रहा है।

प्रदेश में पिछड़ा जिला

अभियान में जिले की स्थिति प्रदेश में पिछड़ी हुई है। प्रदेश के 51 जिलों में खंडवा 48वें नबंर पर है। बताया जाता है कि दस्तक अभियान में पिछड़ने से विभाग ने पूरी ताकत सर्वे में झोंक दी है।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. डीएस चौहान ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में घर-घर जाकर बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं। इस दौरान कोई बच्चा छूटे नहीं इसकी भी हिदायत दी है। पोर्टल पर अभियान की प्रगति दर्ज करने के लिए ऑपरेटरों को कहा गया है।