खंडवा (नईदुनिया प्रतिनिधि)। कम है पैसा, कम है दाना, कैसे दें बच्चों को खाना.. जैसे नारे लगाती हुईं महिलाएं मंगलवार को जनसुनवाई में पहुंचीं। स्वयं सहायता समूहों की इन महिलाओं के हाथों में थाली चम्मच भी थे। महिलाओं ने अपनी मांगों के संबंध में कलेक्टर को आवेदन देकर निराकरण के लिए आवाज उठाई।

मंगलवार को जनसुनवाई में शहर के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों से भी शिकायतें लेकर आवेदक आए। इस दौरान अधिकारियों ने आमजन की समस्याएं सुनकर निराकरण के लिए मातहतों को निर्देश दिए। खालवा ब्लाक से बड़ी संख्या में स्वयं सहायता समूह की महिलाएं रैली के रूप में कलेक्टर कार्यालय पहुंचीं। किसी महिला के हाथ में बैनर तो कोई थाली चम्मच लेकर चल रही थीं। कलेक्टर कार्यालय पहुंचने के बाद महिलाओं ने अपनी मांगों के संबंध में आवेदन दिया। इस आवेदन के माध्यम से बताया कि खालवा ब्लाक में एक शाला एक परिसर कार्यक्रम के अंतर्गत शालाओं का विलय कर दिया गया है। इसमें बिना किसी पूर्व सूचना के 75 समूहों एवं उनमें कार्यरत 150 से अधिक रसोइया महिलाओं को हटा दिया गया है। इससे गरीब रसोइया महिलाओं के सामने रोजी-रोटी का संकट उत्पन्ना हो गया है। महिलाओं ने मांग उठाई कि हटाए गए समूह एवं रसोइया महिलाओं को उनका कार्य वापस दिया जाए तथा सांझा चूल्हा में नाश्ता-भोजन बनाने की राशि हर माह समय पर दी जाए। साथ ही गेहूं और चावल उठाव माह जनवरी से आनलाइन अंगूठा लगाकर निकाला जाता है, इसमें भी महिलाओं को खाद्यान्ना उठाव में समस्या आती है। गेहूं एवं चावल दो-दो माह में मिलते हैं। इससे कई समस्या होती है। मध्यान्ह भोजन की राशि तथा उनमें काम करने वाली महिलाओं को विगत चार माह से राशि का भुगतान नहीं किया गया है।

बिना अनुमति किया जा रहा भवन निर्माण

जनसुनवाई में नारायण नगर निवासी आरपीसिंह, नीता सिंह, पड़ोसी जगदीश वानखेड़े और शुभम वानखेड़े के विरुद्ध नगर निगम से अनुमति लिए बगैर भवन निर्माण करने की शिकायत की है। आवेदन में कहा गया है कि बिना अनुमति के मकान के निर्माण में नियम विरुद्ध दीवार में एक खिड़की भी निकाली गई है। इस संबंध में कार्रवाई की मांग की गई है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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