ओंकारेश्वर। तीर्थनगरी में मंगलवार को नर्मदे हर की गूंज रही। श्रद्धालुओं ने मां नर्मदा का पूजन किया। ओंकारेश्वर, खेड़ीघाट, मोरटक्का में मां नर्मदा का जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया गया। दोपहर 12 बजे खेड़ीघाट से ओंकारेश्वर तक नर्मदा नदी और श्रद्धालुओं के ऊपर हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा की गई।

मां नर्मदा को 300 मीटर लंबी चुनरी ओढ़ाई गई। जेपी चौक पर मां नर्मदा युवा संगठन द्वारा एक क्विंटल शुद्ध घी से निर्मित प्रसादी का वितरण किया गया। शाम को निकली शोभायात्रा और महाआरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। इंदौर- इच्छापुर राजमार्ग पर बार-बार जाम लगने से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा।

सुबह से केवलराम घाट, कोटितीर्थ घाट, नागर घाट के साथ ही मठ, मंदिरों, आश्रमों व अखाड़ों में पूजा-अर्चना का शुरू हुआ दौर दिन भर चलता रहा। ओंकारेश्वर के साथ ही खेड़ीघाट नावघाट खेड़ी में श्रद्धालुओं की भीड़ रही। भक्तों ने स्नान कर मां नर्मदा का 251 लीटर दूध से अभिषेक किया। इससे मां नर्मदा का आंचल श्वेत हो गया।

तीर्थनगरी में जय मां नर्मदा युवा संगठन, श्रीजी मंदिर संस्थान, नागरघाट, श्री पंचायती महानिर्वाणी अखाड़ा, श्री पंचायती महानिरंजनी अखाड़ा, मार्कंडेय संन्यास आश्रम, अन्न्पूर्णा आश्रम, ओंकारमठ, नर्मदा-कावेरी संगमघाट पर स्थित ऋण मुक्तेश्वर मंदिर, ब्रह्मपुरी घाट, कोटितीर्थ घाट, चक्रतीर्थ घाट, गौमुख घाट, नागर घाट, अभय घाट सहित अन्य मंदिरों व आश्रमों में नर्मदा जयंती पर विभिन्न् कार्यक्रम आयोजित किए गए। दोपहर 12 बजे मां नर्मदा का पूजन पाठ, अभिषेक व आरती के बाद भंडारों का आयोजन हुआ। इसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने पहुंचकर प्रसादी ग्रहण की।

नर्मदा की गोद में हुए आयोजन

जय मां नर्मदा युवा संगठन द्वारा श्री पंचायती महानिर्वाणी घाट व केवलराम घाट के बीच में स्थायी मंच पर मां नर्मदा जयंती का आयोजन किया गया। संगठन द्वारा सन 1989 से नर्मदा जयंती पर कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। पूजन के बाद 251 लीटर दूध से मां नर्मदा का अभिषेक किया गया। इसमें मुख्य रूप से एनएचडीसी के महाप्रबंधक सुनील कुमार दुबे भी अपने परिवार के साथ सभी कार्यक्रमों में शामिल हुए।

शाम को जेपी चौक से शोभायात्रा निकाली गई। इसमें एक बालिका को मां नर्मदा की वेशभूषा में बग्घी में विराजित कर नगर भ्रमण कराया गया। शोभायात्रा विभिन्न् मार्गों से होते हुए वापस केवलराम घाट पहुंची। इसके पश्चात श्रद्धालुओं द्वारा नर्मदा नदी में सवा लाख दीपदान किए गए। इसी दौरान ओंकार पर्वत पर काकड़ा व घाट पर महाआरती की गई। संगठन की ओर से जेपी चौक पर भंडारा प्रसादी का आयोजन भी किया गया।

पुराने बस स्टैंड पर रोके वाहन

ओंकारेश्वर थाना प्रभारी जगदीश पाटीदार ने बताया कि नर्मदा जन्मोत्सव पर श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए सुबह दस बजे से ही पुराने बस स्टैंड से जेपी चौक की ओर जाने वाले छोटे वाहनों को पर प्रतिबंध लगा दिया गया। सभी वाहनों को पुराना बस स्टैंड, बालवाड़ी, कुबेर भंडारी मंदिर परिसर में पार्किंग करवाई गई। नर्मदा नदी के घाटों पर होमगार्ड के गोताखोरों के साथ ही पूरे नगर में मुख्य स्थानों पर जवानों को तैनात किया गया था।

मुस्तैद रहा नपा अमला

ओंकारेश्वर नगर परिषद ने भी नर्मदा जयंती पर अपने सभी कर्मचारियों को आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा व सुरक्षा के लिए तैनात कर दिया था। परिषद के अध्यक्ष अंतरसिंह बारे ने बताया कि पूरे नगर में साफ-सफाई अभियान के साथ ही पेयजल की व्यवस्था भी की गई थी।

नर्मदा के घाटों पर अतिरिक्त विद्युत व्यवस्था की गई थी। वहीं एसडीएम ममता खेड़े, नायब तहसीलदार उदय मंडलोई सहित तमाम पुलिस अधिकारी और जवान नर्मदा जयंती महोत्सव में व्यवस्था बनाने के लिए तत्पर रहे। मंगलवार को ओकारेश्वर में घाटों सहित सभी स्थानों पर मूलभूत सुविधा व सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेते रहे।

रेंगते रहे वाहन

नर्मदा जयंती पर उमड़ी भीड़ को देखते हुए बड़वाह से लेकर मोरटक्का चौराहे तक सुबह 11 से दोपहर एक बजे तक बड़े वाहनों को निकलने पर प्रतिबंध लगा दिया गया था। सिर्फ दोपहिया और छोटे वाहनों को जाने दिया गया। सभी बड़े वाहनों को एक्वाडक्ट पुल से निकालकर इंदौर और खंडवा की ओर पहुंचाया गया।

इससे ओंकारेश्वर से मोरटक्का मार्ग पर यातायात में सुचारू रहा लेकिन इंदौर-इच्छापुर मार्ग पर बार-बार जाम लगने से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। बड़वाह से इंदौर तक वाहन रेंगते रहे। इससे लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ा।

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