ओंकारेश्वर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। मकर संक्रांति महापर्व पर ओंकारेश्वर में गुरुवार को ठंड पर आस्था भारी नजर आई। सुबह से ही नर्मदा नदी में श्रद्धालुओं की पुण्य डुबकी का सिलसिला शुरू हो गया। महापर्व पर 50 हजार श्रद्धालुओं ने नर्मदा स्नान कर भगवान ममलेश्वर और ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन किए। श्रद्धालुओं में कोरोना संक्रमण से बचाव को लेकर कोई सावधानी देखने को नहीं मिली।

मकर सक्रांति ओंकारेश्वर में श्रद्धालुओं की भीड़ रही। कड़कड़ाती ठंड के बावजूद प्रातःकाल से श्रद्धालु नर्मदा नदी में स्नान के लिए पहुंचते रहे। घाटों पर स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने दीन-दुखियों को दान देने की परंपरा भी निभाई। प्रशासन ने पुनासा एसडीएम मंदिर ट्रस्ट के मुख्य कार्यपालन अधिकारी चंद्रसिंह सोलंकी, तहसीलदार उदय मंडलोई, नर्मदा नगर एसडीओपी राकेश पेंड्रो, नगर परिषद सीएमओ मोनिका पारधी, ओंकारेश्वर थाना प्रभारी श्रीराम जामरे श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को लेकर पूरे दिन सतर्क रहे। वे नर्मदा नदी के घाटों एवं मुख्य स्थानों पर तैनात अधीनस्थ अधिकारी-कर्मचारियों को दिशा-निर्देश देते रहे। इधर इंदौर-इच्छापुर खंडवा सड़क राज्यमार्ग और नर्मदा नदी खेड़ीघाट मोरटक्का पर भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने नर्मदा स्नान करने के बाद भगवान जबरेश्वर ज्योतिर्लिंग महादेव के दर्शन किए। मोरटक्का चौकी प्रभारी अंजू शर्मा पूरे दिन घाट पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा में लगी रहीं।

पवित्र स्थलों पर स्नान-दान का होता है महत्व

सूर्य का मकर राशि में प्रवेश दिन में 2ः03 बजे हुआ, लेकिन मनोवांछित फल की प्राप्ति के लिए दूर-दूर से आए श्रद्धालु ठंड के बीच करीब चार बजे से स्नान-दान में जुट गए। ओंकारेश्वर के तीर्थ पुरोहित पंडित दीपक जोशी ने बताया कि सूर्य के मकर राशि के प्रवेश को मकर संक्रांति कहते हैं। मकर संक्रांति पर प्रातः सूर्योदय के बाद पुण्यकाल में पवित्र स्थानों पर स्नान-दान का महत्व होता है। इस पुण्यकाल में स्नान, सूर्य उपासना, जप, अनुष्ठान, दान-दक्षिणा की जाती है। काले तिल, गुड़, खिचड़ी, कंबल व लकड़ी के दान का विशेष महत्व है। 14 जनवरी के बाद मलमास के कारण रूके हुए मांगलिक कार्य शुरू होते हैं। इस बार गुरु, शुक्र अस्त के चलते विवाह आदि मांगलिक कार्य अप्रैल से होंगे।

* संक्रांति पर्व पर 50 हजार श्रद्धालु ओंकारेश्वर दर्शन के लिए पंहुचे। यहां आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए सभी घाटों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया। घाटों साफ-सफाई रखी गई। ओंकारेश्वर मंदिर में दर्शनार्थीयों के लिए दर्शन व्यवस्था में अतिरिक्त पुलिस बल लगवाया गया।-चंदरसिंह सोलंकी, एसडीएम, पुनासा

Posted By: Nai Dunia News Network

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