खंडवा (नईदुनिया प्रतिनिधि)। जिले के किसानों को उपज का सही मूल्य नहीं मिलने से कई बार आर्थिक संकट का सामना करना पड़ता है। प्याज की उपज को लेकर इसी तरह की स्थिति इन दिनों बनी हुई है। बिचौलियों द्वारा किसानों से करीब 30 रुपए किलो में प्याज खरीदी जा रही है और इसी प्याज को बाजार में उपभोक्ताओं को करीब 60 रुपए किलो तक में बेचा जा रहा है। बिचौलियों की इस कार्यशैली से न केवल किसानों को घाटा उठाना पड़ रहा है बल्कि उपभोक्ताओं को भी महंगे दामों में प्याज खरीदने को मजबूर होना पड़ रहा है।

जिले में प्याज की फसल का रकबा करीब सात हजार हेक्टेयर का है। ग्रामीण किसान प्याज की उपज तो लेते हैं, लेकिन कई बार ऐसी स्थिति बनती है कि किसानों को प्याज का लागत मूल्य तक नहीं मिल पाता है। कभी प्राकृतिक आपदा तो कभी बिचौलियों और व्यापारियों की रणनीति के चलते प्याज औने-पौने भाव में खरीद ली जाती है। वर्तमान स्थिति देखें तो मंडी में बेतहर किस्म की प्याज किसानों से करीब 40 रुपए किलो में खरीदी जा रही है, जबकि हल्के किस्म की प्याज 30 रुपए में बिचौलिए खरीद रहे हैं। बिचौलियों द्वारा खरीदी गई यही प्याज बाजार में दोगुना भाव में बेची जा रही है।

किसान संघ के सुभाष पटेल ने कहा कि शासन और प्रशासन को ऐसी व्यवस्था करनी चाहिए जिससे किसान और उपभोक्ताओं के बीच सीधी चेन बन सके। इससे किसान को भी फायदा होगा और उपभोक्ताओं को भी सस्ते दाम में सब्जी और अन्य उपज मिल सकेगी। ग्राम पोखर के किसान राजेश पटेल ने कहा कि एक एकड़ में प्याज की फसल लेने के लिए 60 हजार रुपए तक लागत लग जाती है। बिचौलियों के कारण प्याज का सही भाव नहीं मिल पाता। इसी तरह की समस्या ग्राम खार के राजेश कानवा ने भी बताई।

Posted By: Nai Dunia News Network

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