खंडवा (नईदुनिया प्रतिनिधि)। सड़क निर्माण में बाधा बन रहे मकानों को हटाने का नोटिस 48 घंटे बाद देने पहुंचे नगर निगम अधिकारियों ने लोगों के आक्रोश का सामना करना पड़ा। लोगों ने नोटिस लिए बिना ही निगम अधिकारियों को वापस लौटा दिया। दरअसल नोटिस एक दिसंबर को जारी हुआ था। जिसमें 48 घंटे में सरकारी जमीन को खाली करने का समय दिया गया था। लेकिन 48 घंटे बाद शुक्रवार को नोटिस देने के लिए निगम अधिकारी पहुंचने से लोगों ने विरोध जताया।

रामेश्वर रोड स्थित बेगम पार्क से मोघट थाने तक बायपास मार्ग बन रहा है। इस मार्ग में आने वाले शकर तालाब के बीच से गुजर रही आधे से ज्यादा सड़क बन गई है। अब सड़क को मोघट थाने के पास चौराहे से जोड़ना है। इस बीच मार्ग में सरकारी जमीन पर 40 से अधिक मकान आ रहे हैं। सड़क निर्माण में बाधा बन रह इन मकानों को हटाया जाना है। इसको लेकर शुक्रवार को नगर निगम के अधिकारी नोटिस लेकर पहुंचे थे। यहां उन्होने लोगों को नोटिस दिखाते हुए जगह खाली करने के लिए कहा। लोगों ने जब नोटिस देखा तो उसमें एक दिसंबर लिखा हुआ था। इस तारिख के साथ ही 48 घंटे में जमीन को खाली करने की हिदायत दी थी। नोटिस में दिया गया समय दो दिसंबर को ही खत्म हो गया था। बावजूद इसके निगम अधिकारी 48 घंटे बीत जाने के बाद नोटिस लेकर पहुंचे थे। पहले तो लोगों ने इसका विरोध किया। लोगों का कहना था कि नोटिस में दिया गया 48 घंटे का समय तो कल ही खत्म हो गया है। अब क्या सीधे मकान तोड़ने आ गए। लोगों ने विरोध करते हुए नोटिस लेने से मना कर दिया। लोगों के आक्रोश को देखते हुए निगम अधिकारी और ठेकेदार भी वापस लौट गए। हालांकि विवाद की जानकारी मिलने पर मोघट थाने से प्रधान आरक्षक महेंद्र वर्मा पुलिसकर्मियो के साथ मौके पर पहुंचे थे। उन्होन आक्रोशित लोगों को समाइश दी। इसके बाद लोग शांत हुए। इस दौरान आम आदमी पार्टी के नेता भी लोगों की समस्या सुनने पहुंचे। आम आदमी पार्टी के शेख जाहीर कुरैशी ने बताया कि लंबे समय से लोग यहां रह रहे हैं। इन्हें मकान खाली करने के पहले किसी तरह का नोटिस नहीं दिया गया। अधिकारी जिस नोटिस को लेकर आए थे वह दो दिन पुराना था। वहीं दूसरी तरफ यहां रहने वाले सभी लोग गरीब तबके हैं। पहले इन्हें बसाया जाए। इसके बाद ही यहां से हटाया जाए।

Posted By: Nai Dunia News Network

NaiDunia Local
NaiDunia Local