खंडवा (नईदुनिया प्रतिनिधि)। चोरी और गुम हुए वाहनों को वापस नहीं मिलने की उम्मीद खो चुके लोगों के चेहरे पर अब मुस्कान है। वर्षों पहले चोरी हुए वाहनों के वापस मिलने के बाद उनके चेहरे पर यह मुस्कान आई है। पुलिस द्वारा लावारिस और चोरी के मामले में जब्त किए वाहनों को उनके मालिकों को तलाश कर लौटाया जा रहा है।

यह सब कल डिटेक्शन पोर्टल (वीडीपी) से संभव हो पा रहा है। इससे माडल, चेचिस और इंजन नंबर से वाहन मालिक की पूरी जानकारी मोबाइल नंबर सहित मिल जाती है। इससे उन तक पहुंचने में पुलिस को आसानी हो रही है।

जिले के हर थाने में चोरी और लावारिस मिले वाहनों की संख्या अधिक है। थानों में सबसे अधिक संख्या दो पहिया वाहनों की है। इस तरह के वाहनों से थाने पटे हुए हैं जो लंबे अरसे से खड़े वाहन मालिकों का पता नहीं चल पाने से कबाड़ बनते जा रहे थे लेकिन अब इन वाहनों को उनके असल मालिक को सौंपने के लिए जिले में पुलिस अधीक्षक विवेक सिंह ने विशेष अभियान चलाया है। वाहनों को तलाशने के लिए वीकल डिटेक्शन पोर्टल का उपयोग किया जा रहा है।

पुलिस द्वारा इस पोर्टल के माध्यम से लोगों को उनके वाहन वापस लौटाए जा रहे हैं। शनिवार को ट्रैफिक पुलिस ने एक बाइक और मोपेड को वापस लौटाया है। यहां बाइक और मोपेड को लेने पहुंचे वाहन मालिकों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। ट्रैफिक पुलिस में करीब 12 वाहन जब्त हैं, जिनके मालिकों का पता लगाया जा रहा है। इस तरह से जिले के सभी थाने और चौकियों में वाहनों को उनके असल मालिकों को सौंपा जा रहा है।

उम्मीद नहीं थी कि बाइक मिल जाएगीः सोलह खोली निवासी रवि चौहान ने बताया कि वर्ष 2015 में गणेश गौशाला चौराहे से उसके मामा की बाइक चोरी हुई थी। इसकी शिकायत थाने में की थी। रविवार को ट्रैफिक थाना पुलिस ने मामा को फोन कर बताया उनकी बाइक मिल गई है। थाने आकर ले जाओ। इसके बाद थाने आए और यहां से उनकी चोरी हुई बाइक वापस मिल गई। बाइक की नंबर प्लेट बदमाश ने बदल दी है।

जिले में 200 से अधिक वाहन : जिले में मोघट, पदमनगर, कोतवाली, खालवा, हरसूद, नर्मदानगर, मूंदी, मांधाता, पिपलौद, किल्लौद, पंधाना, छैगांवमाखन, जावर, धनगांव और ट्रैफिक थाना है। इसके अलावा पुलिस चौकी देशगांव, बोरगांव बुजुर्ग, रामनगर, रामेश्वर, आशापुर, बीड़, मोरटक्का और करोली है।

इन सभी थाने और चौकियों में लावारिस हालत में मिले वाहन खड़े हैं। जिले में इन वाहनों की संख्या 200 से अधिक है। अब इन वाहनों के मालिकों को पुलिस तलाश कर वापस लौटा रही है। फिलहाल पुलिस लावारिस हालत में मिले वाहनों को लौटा रही है। इसके बाद ऐसे वाहनों को भी उसके मालिक को तलाश कर लौटाया जाएगा जो चोरी, दुर्घटना और अन्य अपराधिक मामलों में जब्त हैं।

एक बाइक के अब तक चार मालिक आए सामने : ट्रैफिक थाने में खड़ी बाइक का मामला भी बड़ा रौचक है। इस बाइक को लेने अब तक चार मालिक सामने आए है। पुलिस ने बाइक के असल मालिक का पता लगा लिया है। इंजन नंबर सर्च करने पर यह बाइक उज्जैन एक ठेकेदार की पाई गई है लेकिन ठेकेदार ने बाइक लेने आने से मना कर दिया। इस बीच बाइक को लेने चार लोग ट्रैफिक थाने पहुंच चुके हैं। इन सभी ने दावा किया कि बाइक उनकी है। इसके बाद पुलिस ने जब दस्तावेज दिखाने के लिए कहा तो किसी के पास भी दस्तावेज नहीं थे। इसके बाद वे सभी चारों यहां से चले गए।

लावारिस हालत में मिले वाहन के मालिकों के बारे में जानकारी निकालने में परेशान होती थी। आरटीओ से जानकारी निकालना पड़ती थी। इसमें काफी समय लगता था लेकिन अब वीकल डिटेक्शन पोर्टल (वीडीपी) के माध्यम से वाहन के बारे में उसके मालिक सहित पूरी जानकारी और मोबाइल नंबर भी पता चल जाता है। इसके बारे में जिले के सभी थानों को अवगत करा दिया गया है। इससे थाने का बोझ तो कम होगा ही साथ ही लोगों को उनके वाहन में भी मिल रहे हैं।

-विवेक सिंह, पुलिस अधीक्षक

Posted By: Nai Dunia News Network

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