Road Safety Campaign Khandwa: खंडवा (नईदुनिया प्रतिनिधि)। बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए सुप्रीम कोर्ट की समिति द्वारा बनाई गई गाइडलाइन का पालन पूरी तरह से नहीं हो रहा है। सड़क सुरक्षा समिति की बैठकें केवल खानापूर्ति बनकर रह गई है। समिति द्वारा लिए गए निर्णय अमल में नहीं लाए जा रहे हैं। यही कारण है कि सड़क दुर्घटनाओं में लोग जान गंवा रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट की सड़क सुरक्षा समिति द्वारा जारी आदेशों को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। समिति द्वारा जारी आदेश में कहा गया था कि सड़क दुर्घटनाओं के कारण बड़ी संख्या में लोग अपनी जान गंवा रहे हैं और कई लोग गंभीर रूप से घायल हो रहे हैं।

सड़क हादसों तथा इनके बचाव को लेकर सख्त कदम उठाए जाने के लिए हर जिले में एक जैसी सड़क सुरक्षा समिति होना चाहिए। यह समिति सड़क हादसों की समीक्षा करने के साथ ही उन्हें रोकने के लिए भी कदम उठाएगी। इनसे राज्य तथा केंद्र को अवगत करवाएगी। हादसों से जुड़ी रिपोर्ट सार्वजनिक भी करेगी। इस पर केंद्र और राज्य स्तर पर निगरानी रखने के साथ ही जिन स्थानों पर लगातार हादसे हो रहे हैं, वहां पर इसकी रोकथाम के लिए विस्तृत योजना भी तैयार की जाएगी।

सार्वजनिक नहीं होती आनलाइन बैठकों की जानकारी

सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के बाद जिले में सड़क सुरक्षा समिति बनाई गई है। इस समिति के अध्यक्ष कलेक्टर हैं। पुलिस अधीक्षक (एसपी) तथा चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) के साथ ही लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के प्रतिनिधि सदस्य भी शामिल है। आदेश में कहा गया है कि कलेक्टर को हर पंद्रह दिन में समिति की आनलाइन बैठक लेना होगी लेकिन समिति की आनलाइन बैठक कब होती हैं और इनमें क्या निर्णय लिए जाते हैं इसकी कोई जानकारी सार्वजनिक नहीं की जा रही हैं। इसके साथ ही हर माह प्रत्यक्ष बैठक लेने के भी निर्देश हैं जो केवल खानापूर्ति बनकर रह गई हैं जबकि जिले में हुए सभी सड़क हादसों की रिपोर्ट पर चर्चा करने के साथ ही बड़े हादसों के मामलों में फारेंसिक जांच की व्यवस्था करने के आदेश कोर्ट द्वारा दिए गए हैं।

ब्लैक स्पाट चिह्नित किए, एंबुलेंस की व्यवस्था नहीं

सुप्रीम कोर्ट समिति की गाइडलाइन के अनुसार जिले में जिन सड़कों पर अधिक हादसे हो रहा हैं वहां ब्लैक स्पाट तो चिह्नित किए गए हैं लेकिन हादसों के दौरान घायल को तुरंत उपचार मिल सके। इस दिशा में कोई गंभीर कदम नहीं उठाए जा सके हैं। प्रमुख मार्गों पर एंबुलेंस तक की उपलब्धता नहीं है। घायलों को जिला अस्पताल में रेफर करना पड़ता है।

सड़क सुरक्षा समिति की बैठक समय-समय पर आनलाइन ली जाती है। सड़क दुर्घटनाओं समिति में लिए निर्णयों का पालन कराने के लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं। - अनूपकुमार सिंह, कलेक्टर

Posted By: Prashant Pandey

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