Road Safety Campaign खंडवा। जिले में अंधाधुंध गति से दौड़ रहे वाहन जानलेवा साबित हो रहे हैं। तेज रफ्तार में ओवर टेकिंग के दौरान जिले में 35 प्रतिशत हादसे होते हैं। इस तरह से ओवर स्पीड में हो रही दुर्घटनाओं को रोकने के लिए पुलिस द्वारा प्रयास किए जा रहे हैं। विशेष उपकरण और कैमरे से लेस इंटरसेप्टर व्हीकल के आने के बाद से पुलिस की कार्रवाई में तेजी आई है। इस साल पुलिस ने दस माह में 476 व्यावसायिक और निजी वाहनों के चालान बनाए हैं। छह लाख 28 हजार रुपये समन शुल्क वसूल किया गया। हालांकि ओवर स्पीड को लेकर सूचना बोर्ड और संकेतक नहीं लगे होने से पुलिस को कार्रवाई करने में परेशानियों का सामाना करना पड़ रहा है।

पुलिस द्वारा दुर्घटनाओं को रोकने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। इसके लिए लगातार ओवर स्पीड वाहनों पर कार्रवाई की जा रही है लेकिन पुलिस की कार्रवाई के बाद भी वाहनों की रफ्तार पर ब्रेक नहीं लग पा रहा है। मुख्य रूप से इंदौर-खंडवा, इंदौर-इच्छापुर राजमार्ग, खंडवा-नर्मदानगर मार्ग, हरसूद रोड, खंडवा बैतूल हाइवे, देड़तलाई मार्ग और पंधाना रोड पर वाहनों की गति अधिक है। इस सभी रूटों पर कहीं भी वाहनों की गति सीमा तय करते हुए बोर्ड नहीं लगाए गए हैं।

एक ही स्थान पर करना पड़ रही है कार्रवाई

ओवर स्पीड रोकने के लिए संकेतक और सूचना बोर्ड की कमी है। इंदौर रोड पर छोटी छैगांव के पास संकेतक लगा हुआ है। इस पर वाहनों की स्पीड 20 निर्धारित की हुई है। ट्रैफिक पुलिस को ओवर स्पीड वाहनों पर कार्रवाई के लिए इसी जगह आना पड़ता है। इसके अलावा शहर के अन्य प्रवेश मार्गों पर संकेतक और सूचना बोर्ड नहीं लगे हुए है। हरसूद रोड, पंधाना रोड, मूंदी रोड, हरदा रोड, नागचून रोड और देड़तलाई मागई पर कहीं भी सूचना बोर्ड नहीं लगा हुआ है। ऐसे में पुलिस को इन मार्गो पर कार्रवाई करने में परेशानी होती है। देखा जाए तो ओवर स्पीड पर ब्रेकर लगाने के लिए केवल छोटी छैगांव में ही चालान बनाए जा रहे हैं।

ओवर स्पीड रोकने के लिए नहीं है गति निर्धारित

शहर में वाहनों की रफ्तार अधिक है। भीड़ भरे क्षेत्रों से वाहन निकल रहे हैं। मुख्य बाजार और मार्गों पर वाहनों की रफ्तार अधिक होती है। ऐसे में दुर्घटना की संभावनाएं भी बनी रहती है। इसे लेकर कुछ समय पहले ट्रैफिक पुलिस ने नगर निगम को पत्र लिखकर अवगत कराया था कि शहर में स्पीड निर्धारित करने के बोर्ड और संकेतक लगाए जाएं लेकिन इस पत्र को अब तक संज्ञान में नहीं लिया गया। इससे भी शहर में ओवर स्पीड नहीं रूक पा रही है। अब तक किसी तरह की कार्रवाई नहीं हो सकी।

तेज रफ्तार से दौड़ रही कारें

पुलिस द्वारा अब तक की कार्रवाई में यह बात निकलकर सामने आई है कि कारों की स्पीड अधिक है। व्यावसायिक वाहनों की तुलना में कारों की रफ्तार अधिक है। इस वर्ष 2020 में अब तक दस माह की कार्रवाई पर नजर डाली जाए तो सबसे अधिक चालान कारों के बने हैं। दस माह में 476 वाहनों पर कार्रवाई की गई है। इसमें से 76 व्यावसायिक वाहन बस और ट्रक है। लेकिन कारों की संख्या 400 है। अब तक जिले में हुई दुर्घटनाओं के पिछे की मुख्य वजह वाहनों की तेज रफ्तार है। इस तरह से पुलिस ने वाहन चालकों से छह लाख 28 हजार रुपये वसूले है। इसमें से चार लाख रुपये केवल कार चालकों पर कार्रवाई करने पर प्राप्त हुए।

पुलिस को 2021 में मिला था वाहन

ट्रैफिक पुलिस को अक्टूबर 2021 में इंटर सेप्टर वाहन मिला था। इसके बाद नौ अक्टूबर से पुलिस ने कार्रवाई करना शुरू किया था। पहले दिन 11 वाहनों को ओवर स्पीड में करते हुए पकड़ा है। इसके बाद से पुलिस द्वारा लगातार कार्रवाई की जा रही है। छोटी छैगांव में खड़े होकर पुलिस द्वारा चालान बनाए जा रहे है। तब से लेकर अब तक कार्रवाई का सिलसिला बना हुआ है। अक्टूबर के बाद से अब तक की स्थिति देखी जाए तो पुलिस ने 600 से अधिक चालान बनाए हैं।

- ओवर स्पीड वाहनों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। चालान बनाकर वाहन चालकों को समझाया भी जाता है कि वे निर्धारित गति में ही वाहन चलाएं। जिले में हो रही दुर्घटनाओं के पीछे की एक वजह वाहनों की तेज रफ्तार भी है।- नितिन निगवाल, सूबेदार

-खंडवा से मनीष करे, दीपक सपकाल, बुरहानपुर से संदीप परोहा की रिपोर्ट

Posted By: Nai Dunia News Network

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