खंडवा (नईदुनिया प्रतिनिधि)। कार्तिक मास शुक्ल पक्ष की एकादशी पर बुधवार को भगवान शालीग्राम के साथ तुलसी के विवाह की परंपरा निभाई जाएगी। इस परंपरा के निर्वहन के साथ ही वैवाहिक आयोजनों का शुभारंभ होगा। शहनाई की गूंज सुनाई देने लगेगी।

देव प्रबोधनी एकादशी को पर्व को लेकर एक दिन पहले मंगलवार को बाजार में चहल-पहल रही। एकादशी से वैवाहिक आयोजनों की शुरुआत होने के कारण बाजार में खरीदारी करने वालों की भीड़ रही। इस अबूझ मुहूर्त में कई परिवारों में वैवाहिक कार्यक्रम होंगे। इधर मंदिरों और घरों में देवताओं को निद्रा से जगाए जाने और तुलसी विवाह की परंपरा भी निभाई जाएगी। इसे लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह है।

25 से 30 रुपये जोड़ी में बिका गन्नाा

एक दिन पहले ही बाजार में गन्नाों की खरीदी करने लोग बाजार पहुंचे। टाउन हॉल क्षेत्र फुटपाथ पर लगी दुकान पर गन्नाों की अच्छी पूछपरख रही। यहां 25 से 30 रुपये जोड़ी में गन्नाा बिका। प्रबोधनी एकादशी पर पूजा-अर्चना में गन्नाों का विशेष महत्व होता है। श्रद्धालुओं द्वारा गन्नो की झोपड़ी बनाकर इसमें तुलसी का पौधा और भगवान शालीग्राम की मूर्ति रखकर विवाह की परंपरा निभाई जाती है। घंटी और शंख बजाकर देवताओं को निद्रा से जगाने की परंपरा का भी निर्वहन किया जाता है। इस परंपरा के साथ ही विवाह और अन्य शुभ कार्यों की शुरुआत हो जाती है।

नवंबर और दिसंबर में ये रहेंगे वैवाहिक मुहूर्त

वैवाहिक मुहूर्त इस वर्ष अधिक नहीं है। नवंबर में 26, 29, 30 को वैवाहिक आयोजन हो सकेंगे। वहीं दिसंबर में 1, 2, 6, 7, 8, 9, 10 और 11 तारीख को विवाह आयोजन होंगे। 11 दिसंबर से 16 दिसंबर तक खरमास रहेगा। इस अवधि में कोई भी शुभ कार्य वर्जित रहेगा।

Posted By: Nai Dunia News Network

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