ओंकारेश्वर (नईदुनिया न्यूज)। तीर्थनगरी में श्रद्धालुओं को स्नान के लिए अलग घाट और नावें खड़ी करने के लिए अलग घाट की मांग को लेकर आंदोलनरत व्यापारियों का धरना दूसरे दिन भी जारी रहा। इसके चलते शिवपुरी में दुकाने बंद रही। प्रशासन द्वारा दो दिन बाहरी श्रद्धालुओं को ओंकारेश्वर में प्रवेश प्रतिबंधित किए जाने से भीड़ नदारद रही। प्रशासन द्वारा आंदोलनकारियों से चर्चा कर समाधान का आश्वासन दिया गया है।

तीर्थनगरी आने वाले श्रद्धालुओं को स्नान के लिए सुरक्षित घाट नहीं होने से असुविधा और दुर्घटनाओं का सामना करना पड़ता है। इसे देखते हुए दो घाट स्नान के लिए आरक्षित करने की मांग लंबे समय से हो रही है। इस मांग को लेकर व्यापारी संगठन द्वारा अनिश्चितकालीन आंदोलन गुरूवार से शुरू किया है। दूसरे दिन भी दुकाने बंद कर बड़ी संख्या में व्यापारी धरने पर डटे रहें। प्रशासन की ओर से एसडीएम चंदरसिंह सोलंकी, एसडीओपी राकेश पेंड्रो, थाना प्रभारी बलराम सिंह राठौर, तहसीलदार उदयसिंह मंडलोई, सीएमओ मोनिका पारदी ने आंदोलनकारियों से प्रदर्शन स्थल पर जाकर चर्चा की। एसडीएम सोलंकी ने कहा आपकी मांग से वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत करा दिया है। नविकों, जनप्रतिनिधियों की बैठक लेकर जनहित में निर्णय जल्द लिया जाएगा।

इधर व्यापारी संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि वर्षों से जनहित के इस मुद्दे को उठा रहे हैं। समय-समय पर प्रशासन केवल आश्वासन ही दे रहा है। आंदोलनकारियों ने विगत वर्षों में की गई कार्रवाई से दस्तावेज दिखाकर एसडीएम और अन्य अधिकारियों को अवगत कराया। व्यापारी संगठन के गजेंद्र अग्रवाल ने एसडीएम से कहा कि अब निर्णय के बाद ही आंदोलन स्थगित होगा। मनीष पुरोहित ने कहा कि प्रशासन कोरोना का नाम पर हमें धमका रहा है। हम कोरोना नियमों का पालन कर विरोध दर्ज करेंगे लेकिन आंदोलन स्थगित नहीं करेंगे। प्रशासन चाहे तो कोटितीर्थ और चक्रतीर्थ घाट को शिव भक्तों व यात्रियों के लिए सुरक्षित व आरक्षित कर अन्य घाटों से नौका का संचालन की व्यवस्था कर सकता है। हमारा आंदोलन मांगे पूरी होने तक जारी रहेगा। नगर परिषद के पूर्व अध्यक्ष वरिष्ठ व्यापारी जयप्रकाश पुरोहित ने कहा ओंकारेश्वर के घाट नहाने के लिए नहीं बचे है। सभी घाटों पर नाव का संचालन बेरोकटोक होता है। नावें खड़ी होने से कई बार दुर्घटनाएं भी घटित हुई है। प्रशासन से कई बार लिखित में शिकायत और मांग कर चुके है लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है।

- कलेक्टर अनूप कुमार सिंह ने कहा कि शीघ्र ही दो या तीन घाट यात्रियों के स्नान आदि के लिए संरक्षित किए जाएंगे। उन्हें सुरक्षित भी किया जाएगा ताकि किसी भी यात्री की डूबने से मृत्यु न हो।

Posted By: Nai Dunia News Network

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