खंडवा (नईदुनिया प्रतिनिधि)। प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की घोषणा होते ही अंचल में चुनाव चर्चा शुरू हो चुकी है। सर्दी के बावजूद देर रात तक गांवों में चौपालों और चौक -चौराहों पर अलाव तापते ग्रामीणों के बीच किस पद के लिए कौन दावेदारी करेगा तथा उसे पार्टी और मतदाता का कितना समर्थन मिलेगा आदि पर चर्चा पर हो रही है। यह चुनाव गैर दलीय होने के बावजूद राजनीतिक दल से अप्रत्यक्ष दावेदारी रहेगी। सरपंच,जनपद, जिला पंचायत सदस्य व पंच पद के दावेदार भी अभी खुलकर मैदान में आने के बजाय चौपालों में शामिल होकर लोगों का मन टटोल रहे हैं।

त्रिस्तरीय पंचायत निर्वाचन में जनपद सदस्य, जनपद अध्यक्ष पंच, सरपंच का चुनाव वर्ष 2014-15 के आरक्षण के आधार पर ही हो रहे है। पुनासा ब्लाक में चुनाव प्रथम चरण में होना है। पुनासा जनपद अंतर्गत आने वाली 69 ग्राम पंचायतों के सरपंच तीन जिला पंचायत व 24 जनपद सदस्यों के साथ 1138 वार्ड के पंचो का निर्वाचन होना है। पुनासा जनपद के 75218 पुरुष ,73045 महिला व तीन थर्ड जेंडर इस तरह से कुल एक लाख 48 हजार 266 मतदाता ग्राम सरकार तय करेंगे। पंचायत चुनाव की घोषणा होने के साथ ही चुनावी हलचल शुरू हो गई है। वैसे चुनावी माहौल में गर्माहट 13 दिसंबर को निर्वाचन की अधिसूचना जारी होने के बाद आएगी। इस दिन से उम्मीद्वारों के नाम निर्देशन पत्र जमा करने का सिलसिला शुरू हो जाएगा। निर्वाचन प्रक्रिया अंतर्गत अभ्यर्थियों का नाम निर्वाचन पत्र जमा करने का सिलसिला 13 दिसंबर से शुरू होगा। फार्म जमा करने की अंतिम तारीख 20 दिसंबर, 21 दिसंबर को नाम निर्देशन पत्र की समीक्षा होगी। अभ्यर्थी 23 दिसंबर तक अपना नाम वापस ले सकते है। छह जनवरी 22 को मतदान होगा। सहायक निर्वाचन अधिकारी राजेश पाटीदार ने बताया कि उत्कृष्ट विद्यालय में अस्थाई स्ट्रांग रूम बनाया गया है। यहीं से मतदान दलों को मतदान सामग्री वितरण व जमा की जाएगी।

इनपुन पंचायत का पुनः भोगावां में हुआ विलय

विदित हो कि पुनासा जनपद पंचायत के अधीन पूर्व में 72 पंचायतें थीं। तथा 2018-19 में हुए परिसीमन में भोगावां ग्राम पंचायत को विभाजित कर इनपुन ग्राम पंचायत अस्तित्व में आई थी, लेकिन नवीन स्थापित हुई इनपुन पंचायत में चुनाव नहीं होने व प्रदेश सरकार द्वारा 2018-19 के परिसीमन व आरक्षण को निरस्त करने के कारण इनपुन पंचायत का पुनः भोगावां पंचायत में विलय हो गई ।

69 पंचायतों में होंगे चुनाव

वही पुनासा ग्राम पंचायत को नगर परिषद में उन्नायन करने व पडोसी दौलतपुरा व दामखेड़ा पंचायतों को नगर परिषद पुनासा में शामिल करने से पुनासा जनपद पंचायत के अधीन अब 69 ग्राम पंचायतें शेष बची हैं। पंचायत चुनाव इन्ही 69 ग्राम पंचायतों के लिए होंगे। नगर परिषद बनने से पुनासा में चुनाव नगरीय निकायों के साथ होंगे।

संशय भी है

राजनीति की नब्ज पर गहरी पकड़ रखने वालों का मानना है कि पंचायत चुनाव होने की राह आसान नहीं दिख रही है, वहीं शासन की मंशा भी त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव करवाने की नहीं दिख रही है। कमलनाथ सरकार द्वारा 2018-19 में करवाए गए परिसीमन व चक्रानुसार आरक्षण निरस्त करने से चुनाव उलझने की संभावना गहरा गई है। पिछली सरकार के आरक्षण को निरस्त करने का मन शिवराज सरकार ने बनाया भी तो सिर्फ जिला पंचायत अध्यक्ष पद के आरक्षण पुनः क्यो करवाए जा रहे हैं। इसी पेंच को लेकर त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव निरस्त करने की कई याचिकाएं हाईकोर्ट की इंदौर व ग्वालियर बेंच सहित जबलपुर हाईकोर्ट में लगी हुई है। राजनीति के जानकारों का कहना है कि नौ दिसंबर को न्यायालय में सुनवाई से शाम तक स्थिति स्पष्ट हो जाएगी कि त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव होंगे या नही। राजनीतिक उठापटक के बीच निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार फिलहाल प्रशासन चुनाव की तैयारियो में मुस्तैदी से जुटा हुआ है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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