खंडवा (नईदुनिया प्रतिनिधि)। खंडवा स्थित श्री धूनीवाले दादाजीधाम में गुरु पूर्णिमा उत्सव 23 जुलाई को मनाया जाएगा। कोरोना प्रोटोकाल अंतर्गत प्रशासन द्वारा चार दिन आम श्रद्धालुओं के प्रवेश पर प्रतिबंध की वजह से शुक्रवार को सेवादारों और ट्रस्ट पदाधिकारियों की मौजूदगी में धार्मिक आयोजन होंगे। मुख्य निशान ट्रस्ट की ओर से पेश किया जाएगा। गुरुवार सुबह से ही अन्य जिलों से आने वाले श्रद्धालुओं का प्रवेश रोकने के लिए जिले की सीमाओं और शहर में बेरिकेडिंग कर पुलिस की तैनाती कर दी गई है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए ट्रस्ट की ओर से धार्मिक आयोजनों का लाइव प्रसारण किया जाएगा। पूर्णिमा उत्सव के लिए दादाजी मंदिर के शिखर और परिसर में आकर्षक रोशनी की गई है।

हर साल गुरु पूर्णिमा पर देशभर से चार से पांच लाख श्रद्धालु अवधूत संत केशवानंदजी महाराज (बडे दादाजी) और उनके शिष्य तथा उत्तराधिकारी हरिहर भोले भगवान (छोटे दादाजी) की समाधि के दर्शनार्थ आते है। दो सालों से कोरोना की वजह से यह प्रतिबंध लगाने से आम श्रद्वालु उत्सव में शामिल नहीं हो पा रहे है। गुरु पूर्णिमा पर महाराष्ट्र सहित अन्य प्रांतों से बड़ी संख्या में गुरु भक्त अपने आराध्य की समाधि पर शीश नवाने तथा निशान पेश करने के लिए आते है। कोरोना संक्रमण की आशंका के चलते जिला प्रशासन ने 21 जुलाई से चार दिन तक जिले की सीमाएं सील कर दरबार में प्रवेश भी प्रतिबंधित कर दिया है। पिछले साल भी कोरोनाकाल में प्रवेश प्रतिबंधित होने से गुरु पूर्णिमा उत्सव की रंगत फीकी रही थी। इस वर्ष 20 जुलाई की रात 12 बजे तक ही निशान चढ़ाने की अनुमति होने से बुधवार शाम तक बडी संख्या में स्थानीय और बाहरी श्रद्धालुओं ने दादाजी महाराज की समाधि दर्शन कर निशान अर्पित किए। गुरुवार से दादाजी दरबार में गुरु पूर्णिमा पर श्रद्धालुओं की भीड़ ना बढ़े इसे लेकर तीनस्तर पर बेरिकेडिंग लगाकर श्रद्धालुओं को रोका की व्यवस्था की गई है। प्रशासन ने श्रीदादाजी दरबार में प्रतिबंध के दौरान धार्मिक आयोजनों के लिए एक बार में केवल 50 सेवादारों को प्रवेश की अनुमति दी है। इनके अलावा मंदिर ट्रस्ट, पटेल सेवा समिति व दादाजी भक्त छोटे सरकार के प्रतिनिधि व पदाधिकारी मौजूद रहेंगे।

सुबह 3.30 बजे से शुरू होगा सिलसिला

गुरु पूर्णिमा पर सुबह 3.30 बजे बड़े और छोटे दादाजी महाराज की समाधि स्नान और अभिषेक के साथ धार्मिक आयोजन का सिलसिला शुरू होगा। इसके बाद पांच बजे आरती ,नेवैध, सेवा उपरांत 7.30 बजे प्रातःकालीन आरती और दादानाम होगा। सेवा और नेवैध के बाद दोपहर 3.30 बजे मालिश, स्नान व अभिषेक, सत्यनारायण कथा होगी। इसके बाद चादर बदलकर पांच बजे सांयकालीन आरती होगी। रात आठ बजे 108 दीपों से मुख्य आरती होगी। हर वर्ष बड़ी संख्या में भक्त इसमें शामिल होते है लेकिन इस वर्ष सेवादार और प्रमुख लोगों इसमें मौजूद रह सकेंगे। रात 12 बजे मुख्य हवन होगा।

हर साल 20 हजार लोग चढ़ाते हैं निशान

गुरु पूर्णिमा पर दादाजीधाम में 20 हजार से अधिक श्रद्धालु निशान पेश करते हैं। इनमें अधिकांश निशान महाराष्ट्र प्रांत से भक्त पैदल लेकर आते हैं। दो वर्षो से गुरु पूर्णिमा उत्सव में अन्य जिलों व प्रांतों से आने वाले श्रद्वालुओं के प्रवेश और निशान चढ़ाने पर प्रतिबंध की वजह से इस वर्ष करीब पांच हजार निशान श्रद्धालु दादाजी को अनुशासन के साथ पहुंच कर अर्पित कर चुके है। शुक्रवार को ट्रस्ट की ओर से दादाजी को निशान पेश किया जाएगा।

मीटरगेज ट्रेनों की छत पर बैठकर आते थे श्रद्धालु

दादाजीधाम में लगभग 91 सालों से गुरु पूर्णिमा उत्सव मनाया जा रहा है। पहले इसका स्वरूप छोटा था लेकिन अब लाखों श्रद्धालु इसमें शामिल होने लगे हैं। देशभर से आने वाले गुरु भाइयों की सेवा के लिए शहरवासी मेजबाजी में निशुल्क चाय, नाश्ता और भोजन के साथ ठहरने की व्यवस्था आस्था के साथ करते हैं। सबसे अधिक श्रद्धालु महाराष्ट्र से आते हैं।

वर्ष 2016 की गुरु पूर्णिमा तक हर साल अकोला से महू के बीच चलने वाली मीटरगेज ट्रेनों से हजारों भक्तों की भीड़ खंडवा आती थी। लोग ट्रेनों की छत पर बैठकर खंडवा आते थे लेकिन गेज कन्वर्जन के चलते ट्रेन बंद होने के कारण यह नजारा नहीं दिखता। वहीं दो साल से कोरोना के कारण प्रशासन ने मेले पर प्रतिबंध लगाने से रंगत फीकी हो गई है।

गुरु पूर्णिमा उत्सव का होगा लाइव प्रसारण

श्री दादाजीधूनीवाले ट्रस्ट की ओर से श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए धार्मिक गतिविधियों का आनलाइन प्रसारण करने की व्यवस्था की है। ट्रस्टी सुभाष नागौरी के पुत्र रोचक नागौरी ने बताया कि दादाजी दरबार की फेसबुक वाल सहित अन्य इंटरनेट मीड़िया की मदद से सभी कार्यक्रम और दादाजी महाराज के दर्शन श्रद्धालु घर बैठे कर सकें इसकी व्यवस्था की है।

जिले की सीमाएं सील

अन्य जिलों से आने वाले श्रद्धालुओं को दादाजीधाम पहुंचने से रोकने के लिए प्रशासन ने जिले की सीमाओं पर पुलिस बल तैनात कर दिया है। इसमें विशेष रूप से महाराष्ट्र से सटी सीमा पर ज्यादा सतर्कता बरती जा रही है। जिले के खालवा, हरसूद, सिंगोट और बोरगांव से सटी सीमाओं पर वाहनों को रोककर पूछताछ की जा रही है। देड़तलाइ मार्ग पर ग्राम बोरखेड़ा में बनाई गई चेक पोस्ट पर एसआइ कैलाश चौहान, हेड कांस्टेबल कमलेश गौतम, विजय सिंह मंडलोई श्यामलाल तनदिलकर, कोटवार कमलसिंह तैनात रहकर चौकसी कर रहे हैं।

ओंकारेश्वर में भी दो दिन नहीं मिलेगा प्रवेश

जिले के ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग तीर्थस्थल में भी गुरु पूर्णिमा पर भीड़ रोकने के लिए प्रशासन ने 23 और 24 जुलाई को बाहरी श्रद्धालुओं का प्रवेश प्रतिबंधित कर दिया है। इससे गुरुवार को बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं को बड़ी संख्या में मोरटक्का और कोठी से वापस लौटा दिया गया।

दादाजीधाम में मुख्य द्वार के बाहर उगेरी आकर्षक रंगोली

खंडवा। श्रीदादाजी दरबार में बुधवार सुबह से ही श्रद्वालु आते रहे। भीड़ को देखते हुए एक नंबर गेट पूरी तरह बंद रखा गया। दो नंबर गेट से सीमित संख्या में लोगों को प्रवेश दिया गया। जो दूर से ही दर्शन कर लौटे। मंदिर के बाहर श्रद्वालु व सेवाधारी सेजल यादव, पूजा पटेल, आयूषी यादव, ऋषभ यादव, पियूष तिरोले सहित अन्य ने आकर्षक रंगोली बनाई। लगभग सौ मीटर के दायरे में इसे सजाया गया। देर रात तक मंदिर में श्रद्वालु पहुंचे व दर्शन किए। गणेश गौशाला के पास से ही पुलिस ने बैरिकेट लगाए हैं। इसके बाद तुलजा भवानी माता मंदिर के पास भी बैटिकेटिंग की गई है। मंदिर परिसर में जाने से पहले हाथ सैनिटाइज्ड कराए गए व मास्क वितरण भी किया गया।

Posted By: Nai Dunia News Network

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