Khandwa News: खंडवा (नईदुनिया प्रतिनिधि)। दो दिन के अवकाश के बाद गुरुवार को खुली कृषि उपज मंडी में गेहूं की आवक कम हुई। हालांकि गेहूं के विदेशों में निर्यात पर प्रदेश सरकार द्वारा प्रतिबंध लगा दिए जाने का असर मंडी में देखा गया। गेहूं के भाव में डेढ़ सौ रुपये प्रति क्विंटल कम हो गए। इधर व्यापारियों को कंपनियों से किए गए सौदे निरस्त होने से करोड़ों का नुकसान हुआ है।

गुरुवार को कृषि उपज मंडी में 3500 क्विंटल गेहूं की आवक हुई। गेहूं का भाव उच्चतम 2230 रुपये, न्यूनतम 1970 रुपये तथा माडल भाव 2075 रुपये क्विंटल रहा। उपज के भाव कम होने से किसान मायूस नजर आए। ग्राम सरई से आए किसान पन्नालाल ने कहा कि सरकार को गेहूं के निर्यात पर लगाए गए प्रतिबंध को हटाया जाना चाहिए। इससे सीधे तौर पर किसानों का नुकसान हो रहा है। भारतीय किसान संघ के जिला संयोजक सुभाष पटेल ने कहा कि कई किसानों ने समर्थन मूल्य पर अपनी उपज इसलिए नहीं बेची क्योंकि मंडी में ऊंचे भाव में गेहूं बिक रहा था। अब भाव में डेढ़ सौ रुपये तक की गिरावट आ गई है। उपज बेचने वाले किसानों को नुकसान हो रहा है।

करोड़ों के सौदे हुए निरस्तः इधर व्यापारियों में भी गेहूं के निर्यात पर प्रतिबंध को लेकर नाराजगी है। व्यापारियों द्वारा कंपनियों से किए गए चार लाख क्विंटल गेहूं के सौदे निरस्त हो गए हैं। कंपनियों ने गेहूं लेने से इनकार कर दिया है। क्रेता-विक्रेता संघ के उपाध्यक्ष प्रशांत अग्रवाल ने बताया कि व्यापारियों को करीब पांच करोड़ रुपये तक का नुकसान हुआ है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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