खंडवा (नईदुनिया प्रतिनिधि)। खंडवा के ग्राम खड़की में बिजली गिरने से सरपंच के मकान की दीवार ढह गई। मलबे में महिला सरपंच और पति सहित दो मासूम बच्चे दब गए। ग्रामीणों की मदद से परिवार को बचाया गया। दस साल की बालिका करीब एक घंटे तक मलबे में दबी रही। सभी मामूली रूप से घायल हुए हैं। इस हादसे में सरपंच की तीन बकरियों की मौत हुई है।

घटना रात सोमवार रात करीब 3:30 बजे की है। शहर और आसपास के क्षेत्रों में दो दिनों से निरंतर वर्षा हो रही है। सोमवार को रात में भी वर्षा का सिलसिला बना रहा। शहर से करीब 15 किलोमीटर दूर ग्राम खड़की में सोमवार रात में अचानक बिजली गिर गई। पति रितेश यादव ने बताया कि सोमवार रात में परिवार आगे के कमरे में सोया था। रात में बिजली कड़कने की आवाज सुनी थी। इसके कुछ पल में मकान की दीवार ढह गई। पत्नी रक्षा सरपंच है। मलबे में पत्नी, दस साल की बेटी परी यादव और सात माह का बेटा राम यादव और वह खुद दब गया था।

मदद के लिए आवाज लगाई। इसके बाद ग्राम के युवकों ने उन्हें मलबे से बाहर निकाला। बेटी परी सबसे आखरी में निकली। वह करीब एक घंटे तक मलबे में दबी रही। लकड़ी की बल्लियों के बीच मे वह फंस गई थी। हादसे में तीन बकरियों की मौत हुई है। सरपंच परिवार को बचाने वाले ग्रामीण युवकों में से एक हंसराज ने बताया कि बिजली गिरने के बाद सरपंच के मकान की दीवार ढह गई थी। चीखपुकार की आवाज सुनने के बाद ग्रामीण उन्हें बचाने दौड़े। समय रहते चारों को बचा लिया गया। बड़ी घटना हो जाती तो घायलों को अस्पताल ले जाने में परेशानी होती। क्योंकि गांव की सड़क खराब है। पुलिया भी क्षतिग्रस्त है।

100 से अधिक मकान कच्चे

ग्राम खड़की में सरपंच के अलावा करीब 100 लोगों के मकान कच्चे हैं। मट्टी से बने यह मकान काफी पुराने हैं। इन सभी में परिवार रह रहे हैं। सरपंच रक्षा यादव का कहना है कि सभी मकानों का सर्वे कराया गया है लेकिन अभी तक प्रधानमंत्री आवास का लाभ नहीं मिल सका है।

Posted By: Prashant Pandey

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